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नलगोंडा : तेलंगाना के नलगोंडा जिले के पीके मल्लेपल्ली गांव में ग्राम सभा की बैठक के दौरान एक महिला विलेज ऑर्गनाइजेशन असिस्टेंट (VOA) के साथ कथित तौर पर मारपीट और जातिसूचक टिप्पणी करने का मामला सामने आया है। शिकायत मिलने के बाद चिंतापल्ली पुलिस ने मामले में अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम समेत संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।पुलिस के अनुसार, घटना शुक्रवार दोपहर करीब 1:30 बजे की है। शिकायतकर्ता की पहचान 30 वर्षीय गनिपल्ली माधवी के रूप में हुई है। वह पीके मल्लेपल्ली गांव की रहने वाली हैं। पुलिस को दी गई शिकायत में माधवी ने आरोप लगाया कि ग्राम सभा के दौरान उनके साथ विवाद हुआ, जिसके बाद कथित तौर पर जातिसूचक शब्दों का इस्तेमाल करते हुए उनके साथ मारपीट की गई।घटना के बाद माधवी ने उसी दिन शाम करीब 6 बजे पुलिस के पास शिकायत दर्ज कराई। शिकायत के आधार पर चिंतापल्ली पुलिस ने मामला दर्ज किया है। पुलिस का कहना है कि शिकायत में लगाए गए आरोपों की जांच की जा रही है।
आठ साल से VOA के तौर पर कर रही थीं काम
शिकायत के मुताबिक, माधवी पिछले करीब आठ वर्षों से पीके मल्लेपल्ली गांव में विलेज ऑर्गनाइजेशन असिस्टेंट के रूप में काम कर रही थीं। हालांकि, करीब चार महीने पहले उन्हें इस पद से हटा दिया गया था।VOA के तौर पर काम करते हुए वह गांव में महिला समूहों और स्थानीय स्तर की गतिविधियों से जुड़ी हुई थीं। शुक्रवार को गांव में आयोजित ग्राम सभा में भी वह शामिल होने पहुंची थीं।शिकायत में कहा गया है कि बैठक के दौरान माधवी ‘समभावना संघम’ से जुड़ी महिला सदस्यों के साथ विभिन्न मुद्दों पर बातचीत कर रही थीं। इसी दौरान कथित विवाद शुरू हुआ और मामला कहासुनी से मारपीट तक पहुंच गया।
ग्राम सभा के दौरान हुआ विवाद
ग्राम सभा गांव के स्थानीय मुद्दों पर चर्चा और निर्णय के लिए महत्वपूर्ण मंच होती है। इसी बैठक के दौरान हुए कथित विवाद ने गंभीर रूप ले लिया। माधवी का आरोप है कि उनके खिलाफ जातिसूचक टिप्पणी की गई और उनके साथ मारपीट हुई।शिकायत सामने आने के बाद पुलिस ने घटनाक्रम की जांच शुरू कर दी है। बैठक के दौरान मौजूद लोगों से जानकारी जुटाना भी जांच का हिस्सा हो सकता है। पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि विवाद किस बात को लेकर शुरू हुआ और घटनाक्रम किस तरह आगे बढ़ा।मामले में शिकायतकर्ता द्वारा लगाए गए आरोप फिलहाल जांच के दायरे में हैं। पुलिस जांच पूरी होने के बाद ही घटना से जुड़े तथ्यों की विस्तृत स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
SC-ST एक्ट के तहत मामला दर्ज
चिंतापल्ली पुलिस ने शिकायत के आधार पर SC/ST (अत्याचार निवारण) अधिनियम के प्रावधानों के साथ अन्य संबंधित धाराओं में केस दर्ज किया है। जाति के आधार पर अपमान या उत्पीड़न से जुड़े आरोपों को देखते हुए पुलिस ने इस कानून के तहत कार्रवाई की है।SC/ST अत्याचार निवारण अधिनियम अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति समुदाय के लोगों के खिलाफ होने वाले निर्धारित अपराधों के लिए विशेष कानूनी प्रावधान करता है। मामले में कौन-कौन सी धाराएं लागू की गई हैं और आरोपों के समर्थन में क्या साक्ष्य सामने आते हैं, यह पुलिस जांच के बाद अधिक स्पष्ट होगा।
पुलिस जुटा रही घटना से जुड़ी जानकारी
पुलिस अब ग्राम सभा में मौजूद लोगों के बयान और अन्य संभावित साक्ष्यों के आधार पर मामले की जांच कर रही है। यदि घटना के समय किसी तरह की वीडियो रिकॉर्डिंग या अन्य डिजिटल साक्ष्य मौजूद हैं, तो वे भी जांच में महत्वपूर्ण हो सकते हैं।इसके साथ ही शिकायतकर्ता के बयान को भी विस्तार से दर्ज किया जा सकता है। पुलिस के सामने मुख्य सवाल यह है कि ग्राम सभा में विवाद की शुरुआत कैसे हुई और शिकायत में लगाए गए मारपीट तथा जातिसूचक टिप्पणी के आरोपों में किन लोगों की क्या भूमिका थी।
चार महीने पहले पद से हटाए जाने का भी जिक्र
माधवी ने अपनी शिकायत में यह भी बताया कि वह लगभग आठ वर्षों तक गांव में VOA के रूप में काम करती रही थीं, लेकिन चार महीने पहले उन्हें पद से हटा दिया गया था। यह तथ्य भी शिकायत में दर्ज घटनाक्रम का हिस्सा है।पुलिस जांच में यह देखा जा सकता है कि पद से हटाए जाने और ग्राम सभा में हुए कथित विवाद के बीच कोई संबंध था या दोनों अलग-अलग घटनाक्रम हैं। इस संबंध में अभी कोई अंतिम निष्कर्ष सामने नहीं आया है।
जांच के बाद स्पष्ट होगी पूरी घटना
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने शिकायत मिलने के बाद कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है। जातिसूचक टिप्पणी और मारपीट के आरोप होने के कारण मामले में सभी पक्षों के बयान महत्वपूर्ण होंगे।फिलहाल यह शिकायतकर्ता की ओर से लगाए गए आरोप हैं और पुलिस उनकी सत्यता की जांच कर रही है। जांच के दौरान ग्राम सभा में उपस्थित लोगों से पूछताछ, उपलब्ध साक्ष्यों की जांच और घटनाक्रम से जुड़े अन्य तथ्यों को जुटाया जा सकता है।पीके मल्लेपल्ली गांव में हुई इस घटना के बाद स्थानीय स्तर पर मामला चर्चा में है। पुलिस का ध्यान अब पूरे घटनाक्रम की परिस्थितियों को स्पष्ट करने और शिकायत में लगाए गए आरोपों की पुष्टि के लिए साक्ष्य जुटाने पर है। जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि ग्राम सभा के दौरान वास्तव में क्या हुआ और मामले में आगे किस तरह की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
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