तेलंगाना

BJP महिला नेता की शिकायत पर पूर्व BJYM नेता समेत पांच पर केस

Ratna Netam
6 Oct 2026 5:43 PM IST
BJP महिला नेता की शिकायत पर पूर्व BJYM नेता समेत पांच पर केस
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हैदराबाद। तेलंगाना में भारतीय जनता पार्टी से जुड़ी एक महिला पदाधिकारी की शिकायत पर अलवाल पुलिस ने भारतीय जनता युवा मोर्चा (BJYM) के पूर्व राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष पीएम साई प्रसाद उर्फ “टीम साई” और उनके चार सहयोगियों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। शिकायतकर्ता डी. पद्मिनी तेलंगाना राज्य BJP SC मोर्चा की सोशल मीडिया कन्वेनर हैं। उन्होंने साई प्रसाद और उनके साथियों पर कथित उत्पीड़न, धमकी, पीछा करने और जाति आधारित अपमान के आरोप लगाए हैं। पुलिस ने शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
FIR के अनुसार, शिकायत 5 अक्टूबर को दोपहर करीब 3 बजे प्राप्त हुई। 28 वर्षीय पद्मिनी ओल्ड अलवाल के वासवी एन्क्लेव की निवासी हैं। उन्होंने अपनी शिकायत में कहा कि वह कई वर्षों तक साई प्रसाद और उनके समूह के साथ जुड़ी रही थीं, लेकिन 1 अप्रैल 2026 को उन्होंने इस जुड़ाव को समाप्त कर दिया। उनका आरोप है कि इसके बाद भी साई प्रसाद और उनके सहयोगियों की ओर से उनसे संपर्क करने और बातचीत जारी रखने के लिए दबाव बनाया जाता रहा।
पद्मिनी ने आरोप लगाया कि साई प्रसाद ने उन्हें बार-बार डराया और धमकाया। शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि उनके खिलाफ जाति आधारित और यौन रूप से अपमानजनक भाषा का इस्तेमाल किया गया। महिला ने पुलिस को बताया कि कथित तौर पर उनके पति और बच्चों को भी नुकसान पहुंचाने की धमकी दी गई और उनकी राजनीतिक छवि तथा भविष्य को नुकसान पहुंचाने की बात कही गई।
शिकायतकर्ता ने यह भी आरोप लगाया कि उन्होंने साई प्रसाद के फोन नंबर ब्लॉक कर दिए थे, लेकिन इसके बाद उनके सहयोगियों के माध्यम से संपर्क जारी रखा गया। FIR में पाका शिवा, राहुल, जॉन और आदित्य के नाम भी दर्ज हैं। महिला के अनुसार, अलग होने के बाद भी कथित तौर पर फोन कॉल और अन्य माध्यमों से उनसे संपर्क करने की कोशिशें होती रहीं।
FIR में दर्ज आरोपों के मुताबिक, 21 अगस्त 2026 की रात जॉन, पाका शिवा और राहुल कथित रूप से महिला के घर पहुंचे। शिकायतकर्ता का आरोप है कि इन लोगों ने उन पर साई प्रसाद से बात करने का दबाव बनाया और उनके साथ-साथ उनके पति तथा बच्चों को भी धमकी दी। महिला ने दावा किया कि इस घटनाक्रम से उन्हें अपने और अपने परिवार की सुरक्षा को लेकर डर महसूस होने लगा।
शिकायत में एक और गंभीर आरोप लगाया गया है कि महिला की राजनीतिक प्रतिष्ठा खराब करने के लिए उनकी तस्वीरों का इस्तेमाल कर अश्लील सामग्री या AI से तैयार फर्जी तस्वीरें और वीडियो बनाने अथवा प्रसारित करने की धमकी दी गई। महिला ने यह भी आरोप लगाया कि उनके मोबाइल फोन तक अनधिकृत पहुंच बनाई गई थी और आरोपी उनकी निजी बातचीत की जानकारी रखते थे। इन आरोपों की सत्यता की जांच पुलिस द्वारा की जा रही है।
अलवाल पुलिस ने शिकायत के आधार पर भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं के अलावा सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम और अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम की संबंधित धाराओं में मामला दर्ज किया है। सामने आई जानकारी के अनुसार FIR में BNS की धाराओं 75, 78, 79, 352, 351(3), 61 सहित अन्य प्रावधानों तथा IT Act की धारा 66(C) और 66(E) का उल्लेख किया गया है।
मामले में पुलिस ने जांच शुरू कर दी है और शिकायत में लगाए गए आरोपों की पुष्टि के लिए उपलब्ध साक्ष्यों की पड़ताल की जा रही है। पुलिस की जांच में फोन रिकॉर्ड, संदेश, कथित संपर्क, डिजिटल सामग्री और अन्य संबंधित साक्ष्य महत्वपूर्ण हो सकते हैं। हालांकि अभी तक शिकायत में लगाए गए आरोप जांच के स्तर पर हैं और किसी अदालत द्वारा सिद्ध नहीं हुए हैं। उपलब्ध FIR की जानकारी में आरोपियों की गिरफ्तारी का उल्लेख नहीं है।
यह मामला इसलिए भी चर्चा में है क्योंकि शिकायतकर्ता और मुख्य आरोपी दोनों का संबंध BJP से जुड़े संगठनों से रहा है। पद्मिनी वर्तमान में तेलंगाना BJP SC मोर्चा की सोशल मीडिया कन्वेनर बताई गई हैं, जबकि पीएम साई प्रसाद BJYM के पूर्व राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष रहे हैं। ऐसे में मामला राजनीतिक हलकों में भी चर्चा का विषय बना हुआ है।
फिलहाल अलवाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है। शिकायत में लगाए गए उत्पीड़न, धमकी, जातिसूचक टिप्पणी, परिवार को डराने और डिजिटल सामग्री के दुरुपयोग से जुड़े आरोपों की अलग-अलग स्तर पर जांच किए जाने की संभावना है। पुलिस जांच पूरी होने के बाद ही आरोपों की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। तब तक सभी आरोप शिकायतकर्ता के दावों और FIR में दर्ज विवरणों पर आधारित हैं।
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