
Hyderabad हैदराबाद: तेलंगाना हाई कोर्ट ने कोमाराम भीम ज़िले के कागज़नगर में स्थित सिरपुर पेपर मिल्स में बहुमत वाली ट्रेड यूनियन तय करने के लिए होने वाले गुप्त मतदान चुनाव पर रोक लगाने से इनकार कर दिया। कोर्ट ने कहा कि मज़दूरों को वोट देने और यह चुनने का अधिकार है कि कौन सी ट्रेड यूनियन उनका प्रतिनिधित्व करे; ऐसी प्रक्रिया "औद्योगिक लोकतंत्र की नींव" है।
जस्टिस नागेश भीमपाका ने पेपर मिल्स कंपनी द्वारा दायर एक रिट याचिका को खारिज कर दिया। कंपनी ने दलील दी थी कि चुनाव कराने से औद्योगिक शांति भंग होगी और सालों की दिवालियापन की स्थिति के बाद शुरू हुई उसकी नाज़ुक बहाली की प्रक्रिया पटरी से उतर जाएगी।
कोर्ट ने कहा कि कंपनी का यह डर कि चुनाव से रोज़मर्रा के कामकाज पर बुरा असर पड़ेगा या नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल (NCLT) द्वारा मंज़ूर की गई समाधान योजना खतरे में पड़ जाएगी, "सिर्फ़ अटकलें हैं और किसी ठोस सबूत पर आधारित नहीं हैं।"
इसके विपरीत, कोर्ट ने टिप्पणी की कि 'आचार संहिता' (Code of Discipline) के तहत गुप्त मतदान का मूल उद्देश्य ही व्यवस्थित औद्योगिक संबंधों को बढ़ावा देना और मज़दूरों को एक वैध, लोकतांत्रिक आवाज़ देना है, न कि उन्हें बाधित करना।





