तेलंगाना

BRS कार्यकर्ताओं का MRO कार्यालय घेराव

Kavita2
20 Jun 2026 4:39 PM IST
BRS कार्यकर्ताओं का MRO कार्यालय घेराव
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Telangana तेलंगाना: BRS पार्टी के कार्यकर्ताओं और नेताओं ने शनिवार को MRO कार्यालय का घेराव करते हुए जोरदार प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों की मुख्य मांग थी कि कैंटोनमेंट क्षेत्र में स्थित सरकारी भूमि को किसी भी तरह के कथित कब्जे से बचाया जाए और उसका उपयोग गरीबों के लिए आवास योजना के तहत किया जाए। इस दौरान बड़ी संख्या में कार्यकर्ता मौके पर पहुंचे और सरकार के खिलाफ नारेबाजी की।

भारत राष्ट्र समिति से जुड़े नेताओं का कहना है कि कैंटोनमेंट इलाके में लगभग 8 एकड़ सरकारी जमीन उपलब्ध है, जिसे गरीबों के लिए 6,000 ‘इंदिरम्मा’ घर बनाने के लिए इस्तेमाल किया जाना चाहिए। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि यह जमीन लंबे समय से सरकारी रिकॉर्ड में सरकारी संपत्ति के रूप में दर्ज है और इसका उपयोग जनहित में किया जाना चाहिए।

धरने का नेतृत्व BRS के मेंबरशिप इंचार्ज डॉ. मन्ने कृष्णंक ने किया। उन्होंने कहा कि इस जमीन की अनुमानित कीमत लगभग 800 करोड़ रुपये है और यह क्षेत्र की एक महत्वपूर्ण संपत्ति है। उनके अनुसार, पहले भी कांग्रेस नेताओं द्वारा इसी जमीन पर गरीबों के लिए 6,000 इंदिरम्मा घर बनाने का प्रस्ताव दिया गया था, जिससे यह स्पष्ट होता है कि इसका उपयोग सार्वजनिक हित में किया जाना चाहिए।

प्रदर्शन के दौरान डॉ. मन्ने कृष्णंक ने गंभीर आरोप भी लगाए। उन्होंने दावा किया कि स्थानीय कांग्रेस विधायक पर जमीन से जुड़े मामले में 5 करोड़ रुपये की रिश्वत लेने के आरोप हैं और इसी कारण अब कथित रूप से इस जमीन पर कब्जे की अनुमति दी जा रही है। हालांकि, इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि अभी तक नहीं हो सकी है।

भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की ओर से इन आरोपों पर फिलहाल कोई औपचारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। वहीं स्थानीय प्रशासन ने भी स्थिति पर नजर बनाए रखने की बात कही है, हालांकि इस मामले में किसी प्रकार की आधिकारिक जांच की घोषणा अभी तक नहीं की गई है।

प्रदर्शनकारियों ने MRO कार्यालय के बाहर धरना देकर मांग की कि सरकार तुरंत इस जमीन को सुरक्षित घोषित करे और किसी भी प्रकार के अवैध कब्जे को रोका जाए। उन्होंने कहा कि यदि इस जमीन का उपयोग सही तरीके से किया जाए तो हजारों गरीब परिवारों को घर मिल सकते हैं।

धरने के दौरान क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था भी बढ़ा दी गई थी ताकि किसी तरह की कानून-व्यवस्था की स्थिति उत्पन्न न हो। प्रशासन ने प्रदर्शनकारियों से बातचीत कर स्थिति को शांत बनाए रखने की कोशिश की।

BRS नेताओं ने चेतावनी दी है कि यदि सरकार इस मामले में जल्द कार्रवाई नहीं करती है तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। उनका कहना है कि यह लड़ाई गरीबों के हक और सरकारी संपत्ति की सुरक्षा के लिए है, जिसे किसी भी हाल में अनदेखा नहीं किया जा सकता।

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