
Telangana तेलंगाना: BRS के वर्किंग प्रेसिडेंट केटी रामा राव ने कांग्रेस सरकार पर औद्योगिक विकास के नाम पर दलितों और आदिवासियों की जमीन जबरन लेने का गंभीर आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि चुनाव से पहले कांग्रेस ने गरीब किसानों को सरकारी जमीन का मालिकाना हक देने का वादा किया था, लेकिन अब वही सरकार विकास के नाम पर उनकी आजीविका छीन रही है।
शुक्रवार को परिगी में आयोजित BRS परिगी विधानसभा क्षेत्र की जनरल बॉडी मीटिंग को संबोधित करते हुए केटीआर ने सरकार की नीतियों पर कड़ा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि स्थानीय कांग्रेस विधायक की मिलीभगत से राज्य में कई जगहों पर अवैध तरीके से जमीन अधिग्रहण किया जा रहा है।
केटीआर ने कहा कि यदि बिना सहमति या उचित मुआवजे के जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया जारी रहती है, तो BRS प्रभावित परिवारों के साथ खड़ी रहेगी और उन्हें कानूनी व राजनीतिक मदद प्रदान करेगी। उन्होंने यह भी कहा कि पार्टी किसानों और आदिवासी समुदायों के अधिकारों की रक्षा के लिए हर स्तर पर संघर्ष करेगी।
इस दौरान उन्होंने लगाचेरला घटना का भी उल्लेख किया और मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी पर गंभीर आरोप लगाए। केटीआर ने कहा कि जमीन अधिग्रहण का विरोध करने वाले आदिवासी समुदायों को निशाना बनाया जा रहा है और उनके खिलाफ झूठे पुलिस मामले दर्ज किए जा रहे हैं।
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि कई ग्रामीणों को गिरफ्तार कर प्रताड़ित किया गया है, जो कि लोकतांत्रिक अधिकारों का उल्लंघन है। उनके अनुसार, सरकार विकास के नाम पर लोगों की आवाज को दबाने की कोशिश कर रही है।
केटीआर ने कहा कि किसी भी विकास परियोजना का विरोध नहीं है, लेकिन यह विकास जनता की सहमति और उचित मुआवजे के आधार पर होना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि वर्तमान सरकार इस मूल सिद्धांत का पालन नहीं कर रही है।
उन्होंने यह भी कहा कि कांग्रेस सरकार का रवैया किसानों और आदिवासियों के हितों के खिलाफ है और इससे राज्य में असंतोष बढ़ रहा है। BRS नेता ने कहा कि पार्टी इस मुद्दे को लेकर जनता के बीच जाएगी और आंदोलन को और तेज करेगी।
केटीआर के बयान के बाद राज्य की राजनीति में एक बार फिर जमीन अधिग्रहण और ग्रामीण हितों को लेकर बहस तेज हो गई है। कांग्रेस की ओर से हालांकि अभी इस पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
फिलहाल इस मुद्दे पर दोनों दलों के बीच राजनीतिक तनाव बढ़ता दिख रहा है और आने वाले दिनों में इस पर और बयानबाजी की संभावना जताई जा रही है।





