तेलंगाना

BRS ने वट्टिनागुलापल्ली ज़मीन विवाद में रेवेन्यू मिनिस्टर पर लगाया आरोप

Harrison
9 April 2026 9:31 PM IST
BRS ने वट्टिनागुलापल्ली ज़मीन विवाद में रेवेन्यू मिनिस्टर पर लगाया आरोप
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Telangana तेलंगाना: BRS ने वट्टिनागुलापल्ली ज़मीन विवाद को लेकर रेवेन्यू मिनिस्टर पोंगुलेटी श्रीनिवास रेड्डी पर गंभीर आरोप लगाए हैं। BRS MLC दासोजू श्रवण ने कहा कि मंत्री ने अपने पद का गलत इस्तेमाल करते हुए निजी रियल एस्टेट फ़ायदे के लिए हस्तक्षेप किया। उन्होंने आरोप लगाया कि मंत्री की कार्रवाई के कारण वट्टिनागुलापल्ली में ज़बरदस्ती, जमीन गिराने और रिकॉर्ड में हेरफेर जैसी घटनाएं हुईं।
श्रवण ने विस्तृत विवरण देते हुए बताया कि यह मामला सतीश और पल्लवी शाह से जुड़ा हुआ है। यह परिवार वट्टिनागुलापल्ली में लगभग 27 एकड़ ज़मीन का मालिक है। उनके मालिकाना हक़ को कई सर्वे और हाई कोर्ट के आदेशों द्वारा बरकरार रखा गया था। इसके बावजूद, श्रवण के अनुसार, मंत्री ने निजी रियल एस्टेट के लाभ के लिए सरकारी हस्तक्षेप का प्रयोग किया।
BRS नेताओं ने कहा कि जमीन गिराने और रिकॉर्ड में हेरफेर का यह मामला स्थानीय प्रशासन और अधिकारियों की अनदेखी के कारण संभव हुआ। उनका कहना है कि इससे केवल जमीन मालिकों के अधिकारों को खतरा नहीं है, बल्कि यह राजनीतिक और प्रशासनिक जवाबदेही के सवाल भी खड़े करता है।
इस मुद्दे पर श्रवण ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि मंत्री के हस्तक्षेप से किसानों और स्थानीय लोगों में असंतोष फैल गया है। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि ऐसे मामलों में पारदर्शिता और नियमों का पालन सुनिश्चित करना आवश्यक है।
विशेषज्ञों का कहना है कि यह मामला सिर्फ ज़मीन विवाद नहीं है, बल्कि यह राजनीतिक शक्ति और प्रशासनिक हस्तक्षेप के मुद्दे को उजागर करता है। जमीन के रिकॉर्ड में हेरफेर और ज़बरदस्ती कार्रवाई का आरोप उच्च स्तर पर जांच की मांग करता है।
BRS नेताओं ने जनता और प्रशासन से अपील की कि मामले की निष्पक्ष जांच की जाए। उनका कहना है कि कानून के अनुसार किसी भी निजी हित के लिए मंत्री या अधिकारी का हस्तक्षेप अनुचित है। उन्होंने स्थानीय प्रशासन से जमीन मालिकों के अधिकारों की रक्षा करने की भी मांग की।
इस विवाद ने राज्य के राजनीतिक परिदृश्य में हलचल पैदा कर दी है। विपक्ष और जनता द्वारा इस मुद्दे को लेकर सवाल उठाए जा रहे हैं। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह मामला आगामी चुनावों में भी प्रभाव डाल सकता है।
श्रवण ने जोर देकर कहा कि BRS लगातार इस मुद्दे पर नजर रखेगी और कानूनी प्रक्रिया और न्यायिक हस्तक्षेप के माध्यम से स्थिति को सुलझाएगी। उन्होंने कहा कि राज्य में किसी भी अधिकारी या मंत्री को निजी रियल एस्टेट के फ़ायदे के लिए पद का दुरुपयोग करने की अनुमति नहीं दी जाएगी।
कुल मिलाकर, वट्टिनागुलापल्ली ज़मीन विवाद में BRS द्वारा लगाए गए आरोपों ने प्रशासन और राजनीतिक नेतृत्व पर सवाल खड़े कर दिए हैं। इस मामले की जांच और सार्वजनिक चर्चा अगले कुछ हफ्तों में राज्य के राजनीतिक और सामाजिक परिदृश्य को प्रभावित कर सकती है।
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