तेलंगाना

वोटर लिस्ट से पहले BJP का कांग्रेस पर हमला

Kavita2
28 July 2026 11:12 AM IST
वोटर लिस्ट से पहले BJP का कांग्रेस पर हमला
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तेलंगाना : वोटर लिस्ट के स्पेशल इंटेंसिव रिविजन (SIR) को लेकर राजनीतिक विवाद तेज हो गया है। मंगलवार को भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने राज्य की कांग्रेस सरकार पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि प्रस्तावित ‘फैमिली रजिस्टर सर्टिफिकेट’ (FRC) का इस्तेमाल राजनीतिक उद्देश्यों के लिए किया जा रहा है। BJP का दावा है कि कांग्रेस सरकार इस प्रक्रिया के जरिए अपने कथित “गैर-कानूनी वोट बैंक” को बचाने की कोशिश कर रही है।

तेलंगाना BJP अध्यक्ष एन. रामचंद्र राव ने आरोप लगाया कि राज्य सरकार द्वारा FRC की व्यवस्था लागू करने का फैसला वोटर लिस्ट में होने वाली विशेष जांच से पहले राजनीतिक दबाव बनाने की कोशिश है। उन्होंने कहा कि BJP यह सुनिश्चित करेगी कि मतदाता सूची में किसी भी गैर-कानूनी तरीके से शामिल व्यक्ति का नाम नहीं रहे।

BJP का कांग्रेस सरकार पर सीधा हमला

BJP प्रदेश अध्यक्ष एन. रामचंद्र राव ने सत्ताधारी कांग्रेस पर हमला बोलते हुए कहा कि वोटर लिस्ट की शुद्धता बनाए रखना जरूरी है और इसमें किसी भी तरह की अनियमितता को स्वीकार नहीं किया जाएगा।

उन्होंने दावा किया कि राज्य में लंबे समय से कुछ राजनीतिक दलों ने कथित तौर पर अवैध मतदाताओं को संरक्षण दिया है। राव ने आरोप लगाया कि कांग्रेस, भारत राष्ट्र समिति (BRS) और ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (MIM) ने वर्षों से ऐसे वोट बैंक की राजनीति की है।

BJP नेता ने कहा कि SIR की प्रक्रिया के दौरान मतदाता सूची की जांच होगी और पार्टी यह सुनिश्चित करेगी कि इसमें कोई भी गैर-कानूनी रोहिंग्या, बांग्लादेशी या पाकिस्तानी नागरिक शामिल न रहे।

FRC को लेकर उठे सवाल

BJP ने प्रस्तावित फैमिली रजिस्टर सर्टिफिकेट को लेकर कांग्रेस सरकार की मंशा पर सवाल उठाए हैं। पार्टी का आरोप है कि FRC जारी करने की प्रक्रिया SIR से पहले शुरू करना राजनीतिक उद्देश्य से प्रेरित है।

एन. रामचंद्र राव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक पोस्ट के माध्यम से कांग्रेस सरकार पर हमला किया। उन्होंने आरोप लगाया कि SIR की जांच से कुछ राजनीतिक दलों को नुकसान का डर है, इसलिए जल्दबाजी में FRC की व्यवस्था लाई जा रही है।

हालांकि, कांग्रेस सरकार की ओर से इस मामले पर अपनी विस्तृत प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। सरकार का पक्ष आने के बाद ही इस विवाद की तस्वीर और स्पष्ट हो सकेगी।

SIR को लेकर बढ़ रही राजनीतिक बहस

वोटर लिस्ट का स्पेशल इंटेंसिव रिविजन चुनावी प्रक्रिया में मतदाता सूची को अपडेट और सत्यापित करने का एक महत्वपूर्ण कदम माना जाता है। इसके तहत मतदाताओं की जानकारी की जांच की जाती है ताकि सूची में गलत नाम, डुप्लीकेट प्रविष्टियां या अन्य अनियमितताओं को दूर किया जा सके।

तेलंगाना में SIR से पहले FRC का मुद्दा राजनीतिक बहस का केंद्र बन गया है। BJP जहां इसे वोटर सूची की पारदर्शिता से जोड़ रही है, वहीं विपक्ष और सरकार के बीच इस मुद्दे पर आरोप-प्रत्यारोप तेज हो गए हैं।

BJP ने उठाया अवैध मतदाताओं का मुद्दा

BJP लगातार देश के कई हिस्सों में मतदाता सूची में अवैध रूप से शामिल लोगों का मुद्दा उठाती रही है। तेलंगाना में भी पार्टी ने इसी मुद्दे को आगे बढ़ाते हुए कहा है कि मतदाता सूची में केवल वास्तविक भारतीय नागरिकों के नाम होने चाहिए।

पार्टी नेताओं का कहना है कि चुनावी लोकतंत्र की मजबूती के लिए निष्पक्ष और सही मतदाता सूची जरूरी है। उन्होंने दावा किया कि BJP इस मुद्दे पर किसी तरह का समझौता नहीं करेगी।

कांग्रेस के सामने राजनीतिक चुनौती

तेलंगाना में कांग्रेस सरकार के लिए यह मुद्दा राजनीतिक रूप से चुनौती बन सकता है। विपक्षी दल सरकार के फैसलों पर सवाल उठा रहे हैं और इसे वोट बैंक की राजनीति से जोड़ रहे हैं।

वहीं, सरकार को यह स्पष्ट करना होगा कि FRC की व्यवस्था का उद्देश्य क्या है और इसे किस प्रक्रिया के तहत लागू किया जा रहा है। अगर सरकार इस संबंध में स्पष्ट जानकारी देती है तो विवाद को कम करने में मदद मिल सकती है।

आगे बढ़ सकता है विवाद

फिलहाल FRC और SIR को लेकर तेलंगाना की राजनीति में बयानबाजी तेज हो गई है। BJP ने जहां इसे बड़ा चुनावी और प्रशासनिक मुद्दा बना दिया है, वहीं कांग्रेस सरकार पर विपक्ष के आरोपों का जवाब देने का दबाव बढ़ गया है।

आने वाले दिनों में इस मामले को लेकर और राजनीतिक प्रतिक्रियाएं सामने आने की संभावना है। वोटर लिस्ट की जांच, नागरिकता से जुड़े सवाल और FRC की भूमिका अब तेलंगाना की सियासत में प्रमुख मुद्दे बनते जा रहे हैं।

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