
Hyderabad हैदराबाद : गुरुवार को हैदराबाद में राजनीतिक माहौल उस समय गर्म हो गया जब तेलंगाना के कर्ज़ बोझ और गुरुकुल रेजिडेंशियल स्कूलों के टेंडर में कथित गड़बड़ियों को लेकर सत्तारूढ़ कांग्रेस और विपक्षी BRS के बीच तीखा टकराव देखने को मिला। इस घटनाक्रम ने राज्य की राजनीति में भारी तनाव पैदा कर दिया।
जानकारी के अनुसार, विवाद उस समय बढ़ गया जब दोनों दलों के नेताओं ने एक-दूसरे को सार्वजनिक बहस के लिए चुनौती दी। स्थिति तब और गंभीर हो गई जब BRS नेताओं ने तेलंगाना शहीद मेमोरियल (गन पार्क) जाने की कोशिश की, जहां कांग्रेस की ओर से उन्हें सार्वजनिक चर्चा के लिए आमंत्रित किया गया था।
इसी दौरान पूर्व मंत्री टी. हरीश राव, वी. श्रीनिवास गौड़, BRS के महासचिव आर.एस. प्रवीण कुमार सहित कई नेताओं को पुलिस ने हिरासत में ले लिया। यह कार्रवाई तेलंगाना भवन के बाहर की गई, जहां बड़ी संख्या में BRS कार्यकर्ता जमा थे।
पुलिस के अनुसार, नेताओं को कानून-व्यवस्था की स्थिति बिगड़ने की आशंका के चलते रोका गया और बाद में हिरासत में लिया गया। घटनास्थल पर भारी पुलिस बल तैनात किया गया था ताकि किसी भी तरह की अप्रिय स्थिति को रोका जा सके।
तेलंगाना भवन, गन पार्क और आसपास के इलाकों में कांग्रेस और BRS दोनों दलों के सैकड़ों कार्यकर्ता जुट गए थे, जिससे माहौल तनावपूर्ण हो गया था। दोनों पक्षों के बीच नारेबाजी और आरोप-प्रत्यारोप का दौर भी देखने को मिला।
राजनीतिक विवाद उस समय और गहरा गया जब कांग्रेस और BRS नेताओं ने एक-दूसरे को खुली बहस के लिए चुनौती दी। विपक्ष का आरोप है कि सरकार कर्ज़ प्रबंधन और शिक्षा संस्थानों के टेंडर प्रक्रिया में पारदर्शिता नहीं बरत रही है, जबकि सत्तापक्ष ने इन आरोपों को खारिज किया है।
स्थिति को देखते हुए पुलिस ने कई इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी और भीड़ को तितर-बितर करने के प्रयास किए। प्रशासन ने कहा है कि कानून व्यवस्था बनाए रखना प्राथमिकता है और किसी भी तरह की हिंसा या अव्यवस्था बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
फिलहाल सभी हिरासत में लिए गए नेताओं की स्थिति को लेकर आधिकारिक जानकारी का इंतजार है। इस घटना ने तेलंगाना की राजनीति में नई बहस छेड़ दी है और दोनों दलों के बीच टकराव और बढ़ने की आशंका जताई जा रही है।





