
Armur आर्मूर, अप्रैल 22 — राज्य के RTC (रोड ट्रांसपोर्ट कॉरपोरेशन) कर्मचारियों ने अपनी मांगों को लेकर हड़ताल पर जाने का निर्णय लिया है, जिसके कारण राज्य के कई हिस्सों में पब्लिक ट्रांसपोर्ट सेवा पूरी तरह से ठप हो गई है। इस हड़ताल के चलते आर्मूर शहर में RTC डिपो के सामने RTC बसें रुक गईं, जिससे यात्रा करने वाले लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कर्मचारियों का कहना है कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होतीं, तब तक वे अपना आंदोलन जारी रखेंगे।
हड़ताल के कारण यातायात प्रभावित
हड़ताल के पहले संकेत ही आर्मूर शहर में देखने को मिले, जब कर्मचारियों ने सुबह होते ही डिपो के बाहर बसों को रोक दिया। कर्मचारियों के विरोध प्रदर्शन के दौरान डिपो के सामने सायरन की आवाजें गूंज रही थीं, और बसों का संचालन पूरी तरह से बंद हो गया था। यात्री, जो रोजाना की तरह बसों का इंतजार कर रहे थे, निराश और परेशान हो गए, क्योंकि कोई सार्वजनिक परिवहन सेवा उपलब्ध नहीं थी।
आर्मूर शहर के साथ-साथ राज्य के अन्य हिस्सों में भी बसों के संचालन में रुकावटें आईं। खासकर उन लोगों के लिए, जो दफ्तर, स्कूल, कॉलेज, या अन्य आवश्यक कार्यों के लिए यात्रा कर रहे थे, यह स्थिति बहुत कठिन हो गई। बिना किसी वैकल्पिक साधन के, लोग घंटों तक बसों का इंतजार करते रहे और उन्हें दूसरी यात्रा सुविधाओं का कोई इंतजाम नहीं हो सका।
प्रदर्शन और कर्मचारियों की मांगें
हड़ताल पर गए कर्मचारियों का कहना है कि वे लंबे समय से अपनी मांगों को लेकर सरकार से बातचीत कर रहे थे, लेकिन कोई ठोस परिणाम नहीं आया। कर्मचारियों का मुख्य आरोप है कि उन्हें उचित वेतन, बेहतर कार्य परिस्थितियाँ, और प्रमोशन जैसी बुनियादी सुविधाएं नहीं मिल रही हैं। इसके अलावा, वे अधिक सुरक्षा और नौकरी में स्थिरता की मांग भी कर रहे हैं।
उन्होंने बताया कि उनकी मांगे पूरी न होने के कारण वे हड़ताल पर जाने को मजबूर हुए हैं, और जब तक सरकार उनके मुद्दों पर गंभीरता से विचार नहीं करती, उनका आंदोलन जारी रहेगा। कर्मचारियों का कहना है कि यह उनके लिए आखिरी विकल्प था क्योंकि पहले कई बार सरकार से बातचीत करने के बावजूद कोई ठोस समाधान नहीं निकला।
आर्मूर के ACP वेंकटेश्वर रेड्डी का निरीक्षण
RTC कर्मचारियों के विरोध प्रदर्शन और हड़ताल को देखते हुए आर्मूर के ACP (Assistant Commissioner of Police) वेंकटेश्वर रेड्डी ने डिपो का दौरा किया। उन्होंने मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया और कर्मचारियों से शांति बनाए रखने की अपील की। वेंकटेश्वर रेड्डी ने कर्मचारियों से कहा कि उनके मुद्दों को सुनने और हल करने के लिए अधिकारियों के साथ बैठक की जाएगी, लेकिन साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए प्रशासन पूरी तरह से सजग रहेगा।
ACP वेंकटेश्वर रेड्डी ने यह भी कहा कि सरकार जल्द ही कर्मचारियों से मिलकर समाधान निकालने की कोशिश करेगी और उन्हें उम्मीद है कि हड़ताल के कारण होने वाली असुविधाओं को जल्द खत्म किया जाएगा।
यात्रियों को हो रही कठिनाई
हड़ताल के चलते बसों के संचालन में रुकावटें आने से स्थानीय यात्रियों को बहुत कठिनाई का सामना करना पड़ रहा है। आर्मूर शहर में रहने वाले एक यात्री, रघु कुमार, ने कहा, “हर दिन बस से ही ऑफिस जाता हूं, लेकिन आज बसें नहीं मिल रही हैं। बिना किसी जानकारी के लोगों को इस समस्या का सामना करना पड़ रहा है। सरकार को कुछ ठोस कदम उठाने चाहिए ताकि यात्रियों की समस्याओं का समाधान हो सके।”
इसी तरह, कई लोग जो स्कूल और कॉलेज जाने के लिए बसों का इस्तेमाल करते थे, उन्होंने भी इस स्थिति को बहुत कठिन बताया। एक छात्रा, अंजलि, ने कहा, “मैं कॉलेज जाने के लिए बस का इंतजार कर रही थी, लेकिन कोई बस नहीं आई। ऐसे में हमें अपनी पढ़ाई में भी रुकावट का सामना करना पड़ रहा है। सरकार को जल्दी इस मामले को हल करना चाहिए।”
सरकार की प्रतिक्रिया
सरकार ने हालांकि इस मामले पर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है, लेकिन सूत्रों के मुताबिक, राज्य सरकार के अधिकारी इस मुद्दे को गंभीरता से ले रहे हैं और जल्द ही एक उच्च-स्तरीय बैठक आयोजित करने की योजना बना रहे हैं। कर्मचारियों की मांगों को लेकर सरकार और RTC अधिकारियों के बीच बातचीत की संभावना बनी हुई है।
कई विश्लेषकों का मानना है कि इस हड़ताल का असर लंबे समय तक देखा जा सकता है, क्योंकि सार्वजनिक परिवहन सेवा के बिना आम जनता को बहुत बड़ी समस्याओं का सामना करना पड़ेगा। राज्य सरकार को इस पर तुरंत कोई समाधान निकालना होगा, ताकि हड़ताल का प्रभाव और अधिक न बढ़े।





