तेलंगाना

AQMC ने तेलंगाना में वायु गुणवत्ता रुझान की समीक्षा की

Tulsi Rao
8 Oct 2026 11:59 AM IST
AQMC ने तेलंगाना में वायु गुणवत्ता रुझान की समीक्षा की
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हैदराबाद: एयर क्वालिटी मॉनिटरिंग कमेटी (AQMC) की समीक्षा के अनुसार, हैदराबाद में पार्टिकुलेट मैटर (PM10) का सालाना औसत स्तर 2019–20 में 86 माइक्रोग्राम प्रति क्यूबिक मीटर (µg/m³) से घटकर 2025–26 में 80 µg/m³ हो गया, जबकि इसी दौरान संगारेड्डी में यह स्तर 87 से घटकर 78 µg/m³ हो गया।

इसके उलट, नलगोंडा में सालाना औसत PM10 स्तर पहले के 59 µg/m³ से बढ़कर 2025–26 में 71 µg/m³ हो गया। AQMC ने पाया कि तीनों इलाकों में एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) मुख्य रूप से 'संतोषजनक' से 'मध्यम' श्रेणी में था।

समिति ने बुधवार को सचिवालय में हुई एक बैठक में हवा की गुणवत्ता के ट्रेंड और प्रदूषण नियंत्रण के उपायों की समीक्षा की। बैठक की अध्यक्षता वन, पर्यावरण, विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग के प्रधान सचिव और AQMC के चेयरमैन अहमद नदीम ने की। इसमें तेलंगाना प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (TGPCB) के सदस्य सचिव रवि (जो सदस्य संयोजक भी हैं) और विभिन्न विभागों के अधिकारी शामिल हुए।

समीक्षा में सेंट्रल पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड (CPCB) द्वारा मंजूर एक्शन प्लान के लागू होने की स्थिति पर चर्चा की गई। इसमें वैज्ञानिक निगरानी, ​​प्रदूषण के स्रोतों की पहचान, सड़क की धूल पर नियंत्रण, गाड़ियों से निकलने वाले धुएं में कमी, हरियाली (ग्रीन कवर) का विस्तार और जन जागरूकता जैसे उपाय शामिल थे।

CURE इलाके में 13 'कंटीन्यूअस एम्बिएंट एयर क्वालिटी मॉनिटरिंग स्टेशन' (CAAQMS) स्थापित करने का काम चल रहा है। वैज्ञानिक तरीके से जगहों की पहचान करने के लिए एक तकनीकी समिति बनाई गई है ताकि स्टेशन सही और प्रतिनिधि डेटा दे सकें।

TGPCB हवा की गुणवत्ता की निगरानी के लिए कम लागत वाले सेंसर का इस्तेमाल बढ़ा रहा है। बोलारम और जीदिमेटला में पहले ही आठ यूनिट लगाई जा चुकी हैं, और रीसाइक्लिंग, क्रशिंग, निर्माण और तोड़-फोड़ वाली जगहों पर और यूनिट लगाने का प्रस्ताव है।

शहरी इलाकों में पार्टिकुलेट प्रदूषण कम करने के लिए सड़क की धूल पर नियंत्रण को एक अहम उपाय माना गया। उठाए जाने वाले कदमों में सड़क सुधार, पूरी सड़क की पक्की सतह बनाना (पेविंग), मशीनों से सफाई, ट्रैफिक कॉरिडोर के किनारे हरियाली बढ़ाना और मिनी फॉरेस्ट व मियावाकी प्लांटेशन विकसित करना शामिल है। TGPCB ने तीन शहरी स्थानीय निकायों के अधिकारियों के लिए मैकेनिकल रोड स्वीपिंग पर एक वर्कशॉप भी आयोजित की। इसमें लगभग 100 अधिकारियों ने हिस्सा लिया और उम्मीद है कि अगली सर्विस प्रोक्योरमेंट प्रक्रिया के दौरान इन सुझावों पर विचार किया जाएगा।

जिन गाड़ियों का 'पॉल्यूशन अंडर कंट्रोल' (PUC) सर्टिफिकेट एक्सपायर हो गया है, उनके लिए ऑटोमैटिक चालान की सुविधा देने के मकसद से ऑटोमैटिक नंबर प्लेट रिकग्निशन कैमरे लगाने के लिए कदम उठाए जा रहे हैं।

तेलंगाना स्टेट रोड ट्रांसपोर्ट कॉरपोरेशन अभी GHMC की सीमा में 310 इलेक्ट्रिक बसें चला रहा है और इस बेड़े को बढ़ाने की योजना है। PM E-Drive स्कीम के तहत मिली इलेक्ट्रिक बसें भी चरणों में शुरू की जाएंगी।

वायु प्रदूषण के मुख्य कारणों का पता लगाने के लिए नलगोंडा और संगारेड्डी में 'सोर्स अपोर्शनमेंट' स्टडीज़ की जा रही हैं।

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