तेलंगाना

APPSC परीक्षा मामला: तेलंगाना और आंध्र में ED की ताबड़तोड़ छापेमारी

Tara Tandi
4 Nov 2026 1:11 PM IST
APPSC परीक्षा मामला: तेलंगाना और आंध्र में ED की ताबड़तोड़ छापेमारी
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हैदराबाद: प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने बुधवार को तेलंगाना और आंध्र प्रदेश में कई जगहों पर तलाशी अभियान चलाया। यह मामला आंध्र प्रदेश लोक सेवा आयोग (APPSC) द्वारा आयोजित 'ग्रुप-I मुख्य परीक्षा' की उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन से जुड़ा है।
ED के अधिकारियों ने 'प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट' (PMLA) के तहत तेलंगाना के हैदराबाद और सिकंदराबाद, तथा आंध्र प्रदेश के गुंटूर जिले में सात ठिकानों पर तलाशी ली।
अधिकारियों के अनुसार, यह मामला APPSC ग्रुप-I मुख्य परीक्षा की उत्तर पुस्तिकाओं के 'मैनुअल मूल्यांकन' (हाथ से जांच) में हुई गड़बड़ियों से जुड़ा है। आरोप है कि इस प्रक्रिया के दौरान एक निजी कंपनी को 1,14,32,312 रुपये का
भुगतान
किया गया था।
ये तलाशी अभियान कई जगहों पर चलाए गए, जिनमें शामिल हैं: आंध्र प्रदेश लोक सेवा आयोग के तत्कालीन सचिव और IPS अधिकारी पी. सीतारामंजनेयुलु का ठिकाना; 'कैमसाइन मीडिया प्राइवेट लिमिटेड' (वह निजी कंपनी जिसे मैनुअल मूल्यांकन का काम सौंपा गया था) और इसके प्रबंध निदेशक पी. मधुसूदन राव का ठिकाना; तथा आंध्र प्रदेश के गुंटूर जिले के चिनाकाकानी गांव में स्थित 'आवासा रिसॉर्ट हाईलैंड' - वह जगह जहां उत्तर पुस्तिकाएं रखी गई थीं और मूल्यांकन का काम किया गया था।
इसके अलावा, 'ट्रू-ग्रेडर सर्विसेज' (जो 'स्टोन मीडिया एडवाइजरी सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड' का एक हिस्सा है और जिसने पहले APPSC के लिए डिजिटल मूल्यांकन किया था) के ठिकानों पर भी तलाशी ली गई। साथ ही, इसके प्रबंध निदेशक अकेल्ला पेरी श्रीनिवास राव और मूल्यांकन कार्य से जुड़े महामकाली रघुराम के ठिकानों पर भी जांच की गई।
APPSC ग्रुप-I परीक्षा साल 2000 में आयोजित की गई थी, जब सत्ता में YSR कांग्रेस पार्टी थी। 2024 में TDP के नेतृत्व वाले NDA के सत्ता में आने के बाद, इन कथित गड़बड़ियों की जांच के आदेश दिए गए।
आंध्र प्रदेश पुलिस की एक विशेष जांच टीम (SIT) ने उत्तर पुस्तिकाओं के डिजिटल और मैनुअल मूल्यांकन में हुए कथित उल्लंघनों की जांच की। खबरों के अनुसार, जांच में कई खामियां पाई गईं, जिनमें APPSC के अपने नियमों का उल्लंघन भी शामिल है।
परीक्षा की अधिसूचना 31 दिसंबर, 2018 को जारी की गई थी। प्रारंभिक परीक्षा 26 मई, 2019 को आयोजित की गई थी, और मुख्य (लिखित) परीक्षा दिसंबर 2020 में हुई थी। डिजिटल मूल्यांकन प्रक्रिया अपनाने के बाद, 28 अप्रैल, 2021 को मुख्य परीक्षा के परिणाम घोषित किए गए।
DGP (CID) रवि शंकर अय्यनार के नेतृत्व वाली SIT (जिसे 14 फरवरी, 2026 के एक सरकारी आदेश (G.O.) के जरिए गठित किया गया था) ने अपनी रिपोर्ट में बताया कि APPSC ने शुरुआत में डिजिटल मूल्यांकन प्रक्रिया अपनाई थी और 28 अप्रैल, 2021 को मुख्य परीक्षा के परिणाम घोषित किए, जिसमें साक्षात्कार के लिए 326 उम्मीदवारों को शॉर्टलिस्ट किया गया था।
आंध्र प्रदेश उच्च न्यायालय में डिजिटल मूल्यांकन प्रक्रिया पर सवाल उठाया गया कि अधिसूचना में ऐसी किसी पद्धति का जिक्र नहीं था। इसके परिणामस्वरूप, उच्च न्यायालय ने एक अंतरिम आदेश जारी कर साक्षात्कारों पर रोक लगा दी। बाद में, उच्च न्यायालय ने APPSC को उत्तर पुस्तिकाओं का मैनुअल (हाथ से) मूल्यांकन करने का निर्देश दिया।
SIT की जांच से पता चला कि डिजिटल मूल्यांकन प्रक्रिया में लगभग हर चरण पर गंभीर अनियमितताएं थीं। साथ ही, मूल्यांकनकर्ताओं के पैनल को उस तरीके से न तो चुना गया था और न ही उसकी जांच की गई थी, जैसा कि APPSC ऑफिस मैनुअल में जरूरी है। स्वीकृत पैनल के बाहर के लोगों ने उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन किया और इसके लिए उन्हें भुगतान भी किया गया।
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