तेलंगाना

PJTAU में वैज्ञानिकों के खिलाफ प्रतिशोधात्मक कार्रवाई का आरोप

SHIDDHANT
26 Aug 2025 11:56 PM IST
PJTAU में वैज्ञानिकों के खिलाफ प्रतिशोधात्मक कार्रवाई का आरोप
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HYDERABAD हैदराबाद: तेलंगाना कृषि वैज्ञानिक संघ (Telangana Agri Scientists Association) ने मंगलवार को PJTSAU विश्वविद्यालय में वैज्ञानिकों के खिलाफ कथित प्रतिशोधात्मक कार्रवाई के विरोध में काले बैंड पहनकर प्रदर्शन किया। संघ ने आरोप लगाया कि विश्वविद्यालय के कुलपति और रजिस्ट्रार ने उन वैज्ञानिकों के खिलाफ कार्रवाई शुरू की, जिन्होंने कर्मचारियों की समस्याओं और विश्वविद्यालय की नीतियों के खिलाफ अपनी आवाज उठाई। संघ ने कहा कि कर्मचारियों की समस्याओं को नजरअंदाज करते हुए प्रशासन ने वैज्ञानिकों को निशाना बनाया। विशेष रूप से करियर एडवांसमेंट स्कीम (CAS) और अन्य कर्मचारियों से संबंधित मुद्दों पर वैज्ञानिकों द्वारा उठाई गई आवाज को दबाने का प्रयास किया जा रहा है। संगठन ने चेतावनी दी कि इस तरह के प्रतिशोधात्मक कदम विश्वविद्यालय के माहौल और वैज्ञानिक अनुसंधान के स्वतंत्रता के लिए गंभीर खतरा हैं।

प्रदर्शन के दौरान, संघ के सदस्यों ने काले बैंड पहनकर शांतिपूर्ण विरोध दर्ज कराया। उन्होंने कहा कि यह विरोध केवल वैज्ञानिकों की समस्याओं के प्रति प्रशासन की उदासीनता और उनके अधिकारों की अनदेखी को उजागर करने के लिए किया गया। संघ के प्रतिनिधियों ने मीडिया को बताया कि विश्वविद्यालय प्रशासन ने समय पर कर्मचारियों की मांगों पर ध्यान नहीं दिया, जिससे तनाव और असंतोष बढ़ रहा है। काले बैंड प्रदर्शन में शामिल वैज्ञानिकों ने कहा कि वे केवल अपने अधिकारों और काम के उचित माहौल की रक्षा करना चाहते हैं। उन्होंने बताया कि कई वैज्ञानिकों के प्रमोशन और करियर एडवांसमेंट के मामलों में देरी और अवहेलना की जा रही है, जो उनकी पेशेवर प्रगति को प्रभावित कर रही है। संघ ने प्रशासन से अपील की है कि वह कर्मचारियों की समस्याओं का समाधान करें और किसी भी वैज्ञानिक के खिलाफ अनुचित कार्रवाई से बचें।

PJTAU प्रशासन ने अभी तक इस प्रदर्शन पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी है। हालांकि, सूत्रों के अनुसार विश्वविद्यालय के अधिकारी प्रदर्शन के मुद्दों का संज्ञान लेने और विवाद समाधान के प्रयास करने की योजना बना रहे हैं। प्रशासन ने यह भी कहा कि कर्मचारियों और वैज्ञानिकों के बीच संवाद बढ़ाने के लिए बैठकें आयोजित की जाएंगी। विशेषज्ञों का कहना है कि उच्च शिक्षा संस्थानों में इस प्रकार के तनावपूर्ण मामले शोध और शैक्षणिक गतिविधियों पर प्रतिकूल प्रभाव डाल सकते हैं। स्वतंत्र अनुसंधान और कर्मचारियों के अधिकारों की रक्षा करना विश्वविद्यालय के लिए आवश्यक है। प्रदर्शन ने यह स्पष्ट किया कि कर्मचारियों और वैज्ञानिकों के मुद्दों को गंभीरता से लेना जरूरी है, ताकि संस्थान में काम का माहौल सुरक्षित और सकारात्मक बना रहे।

संघ ने यह भी कहा कि यदि प्रशासन ने उनकी मांगों पर समय पर ध्यान नहीं दिया, तो भविष्य में और अधिक सख्त विरोध प्रदर्शन किए जा सकते हैं। उन्होंने मीडिया और नागरिकों से अपील की कि वे वैज्ञानिकों के मुद्दों को समझें और समर्थन दें। इस प्रदर्शन ने विश्वविद्यालय परिसर में कर्मचारियों और प्रशासन के बीच बढ़ते तनाव को उजागर किया है। तेलंगाना कृषि वैज्ञानिक संघ का कहना है कि उनका उद्देश्य केवल न्याय और उचित प्रशासनिक कार्रवाई सुनिश्चित करना है, न कि विवाद बढ़ाना।

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