तेलंगाना

UK वीज़ा के नाम पर 31.42 लाख की ठगी का आरोप, कंसल्टेंसी पर केस दर्ज

Kavita2
29 Jun 2026 4:33 PM IST
UK वीज़ा के नाम पर 31.42 लाख की ठगी का आरोप, कंसल्टेंसी पर केस दर्ज
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Hyderabad हैदराबाद : शहर में एक 30 वर्षीय महिला के साथ विदेश में नौकरी और यूके वीज़ा दिलाने के नाम पर बड़ी ठगी का मामला सामने आया है। पीड़िता ने आरोप लगाया है कि एक कंसल्टेंसी ने उसे स्किल्ड वर्कर वीज़ा और यूके में रोजगार का झांसा देकर करीब 31.42 लाख रुपये ऐंठ लिए।

मामला फिल्म नगर क्षेत्र की रहने वाली महिला से जुड़ा है, जिसने विदेश में नौकरी की तलाश के दौरान “एरेन ओवरसीज कंसल्टेंसी” से संपर्क किया था। महिला का कहना है कि कंसल्टेंसी के प्रतिनिधियों, जिनकी पहचान दीप्ति और रूफस वेलेटी के रूप में हुई है, ने उसे भरोसा दिलाया कि वे उसे यूके स्किल्ड वर्कर वीज़ा और सर्टिफिकेट ऑफ स्पॉन्सरशिप उपलब्ध कराएंगे, जिससे उसकी विदेश में नौकरी सुनिश्चित हो जाएगी।

आरोप है कि इस आश्वासन के आधार पर महिला ने अलग-अलग किस्तों में कुल 31.42 लाख रुपये कंसल्टेंसी को भुगतान किए। शुरुआत में उसे लगातार सकारात्मक जवाब दिए जाते रहे, लेकिन बाद में वीज़ा प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ी।

पीड़िता के अनुसार, बाद में उसे बताया गया कि उसका यूके वीज़ा आवेदन रिजेक्ट हो गया है और साथ ही यह भी कहा गया कि उसे 10 साल तक यूके में प्रवेश से प्रतिबंधित कर दिया गया है। इस सूचना के बाद महिला को शक हुआ और उसने पूरे मामले की जांच कराने का फैसला किया।

इसके बाद महिला ने जुबली हिल्स पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई। शिकायत के आधार पर पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और कथित धोखाधड़ी की जांच शुरू कर दी है।

पुलिस अधिकारियों के अनुसार, कंसल्टेंसी के प्रतिनिधियों की भूमिका की जांच की जा रही है और यह पता लगाया जा रहा है कि क्या यह एक सुनियोजित धोखाधड़ी का मामला है या नहीं। इसके साथ ही भुगतान के रिकॉर्ड, संचार और दस्तावेजों की भी जांच की जा रही है।

प्रारंभिक जांच में पुलिस यह भी देख रही है कि क्या कंसल्टेंसी ने पहले भी इसी तरह अन्य लोगों को झांसा देकर विदेश भेजने के नाम पर पैसे वसूले हैं। यदि ऐसे सबूत मिलते हैं तो मामले को और गंभीर धाराओं में बदला जा सकता है।

फिलहाल पुलिस ने सभी संबंधित पक्षों से पूछताछ शुरू कर दी है और तकनीकी साक्ष्यों को भी इकट्ठा किया जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

यह मामला एक बार फिर से विदेश में नौकरी दिलाने के नाम पर चल रही कंसल्टेंसी सेवाओं की पारदर्शिता और निगरानी पर सवाल खड़े करता है।

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