
हैदराबाद: DGP C.V. आनंद ने बताया कि तेलंगाना के गणेश पोर्टल पर रजिस्टर की गई 1.24 लाख गणेश मूर्तियों में से लगभग 88,000 मूर्तियों का विसर्जन शुक्रवार सुबह तक पूरे राज्य में हो चुका था, जबकि बाकी मूर्तियों का विसर्जन शनिवार सुबह तक पूरा होने की उम्मीद थी।
शुक्रवार शाम DGP ऑफिस में मीडिया से बात करते हुए आनंद ने कहा कि इस साल रजिस्टर की गई मूर्तियों की संख्या पिछले साल की 1.15 लाख से ज़्यादा थी। उन्होंने कहा कि पूरे राज्य में मूर्तियों की कुल संख्या - जिसमें अपार्टमेंट, घरों और दूसरी प्राइवेट जगहों पर स्थापित मूर्तियां भी शामिल हैं - लगभग 3.5 लाख से 4 लाख हो सकती है।
आनंद ने कहा कि तेलंगाना भर में गणेश विसर्जन शांतिपूर्ण ढंग से हो रहा था और पुलिस ने सुरक्षा कड़ी कर रखी थी। हैदराबाद में विसर्जन की व्यवस्था के लिए पिछले 10 दिनों में 25,000 से ज़्यादा पुलिसकर्मी तैनात किए गए थे।
उन्होंने कहा कि धार्मिक कारणों से हैदराबाद में जुलूस शुक्रवार दोपहर को थोड़ी देर से शुरू हुए, जिससे कुछ इलाकों में देरी हुई। शहर के कई हिस्सों में विसर्जन के लिए बड़ी संख्या में मूर्तियां लाए जाने से भी देरी हुई।
तेलंगाना स्टेट स्पेशल पुलिस, RAF, NDRF और OCTOPUS समेत अतिरिक्त फोर्स तैनात की गई थी। DGP रिज़र्व की पांच कंपनियां भी तैयार रखी गई थीं। मुख्य विसर्जन पॉइंट्स पर CCTV कैमरे लगाए गए थे, जबकि कमांड कंट्रोल सेंटर स्थिति पर नज़र रख रहे थे। क्रेन और इमरजेंसी सेवाएं भी तैनात की गई थीं।
आनंद ने बताया कि 10 दिनों के उत्सव के दौरान अलग-अलग घटनाओं में 13 लोगों की मौत हुई और 26 लोग घायल हुए। मरने वालों में कोठागुडेम के SI वेंकन्ना भी शामिल थे, जो विसर्जन ड्यूटी के लिए हैदराबाद आए थे। साइबराबाद के पटनचेरु में छह लोगों की मौत हुई, जबकि शुक्रवार तड़के खैरताबाद में एक व्यक्ति की मौत हो गई और निर्मल में एक व्यक्ति की मौत कथित तौर पर हार्ट अटैक से हुई। DGP ने बताया कि मलकजगिरी में 17 लोग घायल हुए और लोगों से शोर-शराबे वाला प्रदूषण कम करने और सुरक्षा नियमों का पालन करने की अपील की।
उन्होंने कहा कि अधिकारी शनिवार सुबह 10.30 बजे तक हैदराबाद में बाकी विसर्जन पूरा करने के लिए काम कर रहे थे। उन्होंने आयोजकों से अपील की कि वे बिना किसी देरी के मूर्तियों को ले जाएं और ट्रैफिक जाम कम करने तथा सभी के सुरक्षित घर लौटने को सुनिश्चित करने के लिए पुलिस का सहयोग करें।
आनंद ने कहा कि शांतिपूर्ण ढंग से हुए ये आयोजन तेलंगाना की एकता और भाईचारे को दर्शाते हैं। उन्होंने सांप्रदायिक सद्भाव के उदाहरण के तौर पर भैंसा में गणेश उत्सव में मुस्लिम समुदाय के लोगों की भागीदारी का भी ज़िक्र किया।





