
कोठागुडेम (तेलंगाना)। तेलंगाना के कोठागुडेम जिले में गोदावरी नदी के बीच रेत लोडिंग और परिवहन कार्य में लगे 38 लोग अचानक आई स्थिति के कारण फंस गए। इनमें लॉरी चालक, मशीन ऑपरेटर और क्लीनर शामिल हैं, जो अपने रोजमर्रा के काम के लिए नदी क्षेत्र में मौजूद थे।
जानकारी के अनुसार, यह घटना चारला क्षेत्र के पास हुई, जहां गोदावरी नदी में रेत निकालने और उसे वाहनों के जरिए पहुंचाने का काम चल रहा था। काम के दौरान नदी का जलस्तर बढ़ने या पानी के बहाव में बदलाव के कारण ये लोग नदी के बीच बने क्षेत्र में फंस गए और वापस किनारे तक नहीं पहुंच पाए।
घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय प्रशासन और संबंधित विभाग सक्रिय हो गए। अधिकारियों ने फंसे हुए लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने के लिए बचाव अभियान शुरू किया। इसके लिए नावों की व्यवस्था की गई है, ताकि नदी के बीच फंसे लोगों तक पहुंचकर उन्हें सुरक्षित स्थान पर लाया जा सके।
अधिकारियों के मुताबिक, सभी फंसे हुए लोगों को सुरक्षित निकालना प्राथमिकता है। बचाव दल मौके पर पहुंचकर स्थिति का आकलन कर रहा है और नदी के बहाव तथा मौसम की स्थिति को ध्यान में रखते हुए अभियान चलाया जा रहा है।
स्थानीय लोगों ने बताया कि रेत परिवहन से जुड़े मजदूर और कर्मचारी अक्सर नदी क्षेत्र में काम करते हैं। ऐसे क्षेत्रों में जलस्तर बढ़ने या अचानक पानी का बहाव तेज होने पर खतरा पैदा हो सकता है। प्रशासन की ओर से समय-समय पर ऐसे इलाकों में सतर्क रहने की सलाह दी जाती है।
घटना की जानकारी मिलने के बाद स्थानीय प्रशासन ने राहत और बचाव कार्यों के लिए अधिकारियों को निर्देश दिए। नदी क्षेत्र में मौजूद लोगों की संख्या और उनकी स्थिति की लगातार निगरानी की जा रही है।
बताया जा रहा है कि फंसे हुए लोगों में वाहन चालक और तकनीकी कर्मचारी भी शामिल हैं, जो रेत ढुलाई से जुड़े काम के लिए नदी के पास पहुंचे थे। उनके परिजनों में भी चिंता का माहौल है और वे प्रशासन से जल्द सुरक्षित वापसी की उम्मीद कर रहे हैं।
प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे नदी के बढ़ते जलस्तर वाले क्षेत्रों में जाने से बचें और सुरक्षा निर्देशों का पालन करें। मानसून के दौरान नदियों में अचानक पानी बढ़ने की घटनाएं सामने आती रहती हैं, जिससे नदी किनारे काम करने वाले लोगों के लिए जोखिम बढ़ जाता है।
अधिकारियों का कहना है कि बचाव अभियान में स्थानीय संसाधनों के साथ-साथ आपदा प्रबंधन से जुड़े कर्मियों की मदद ली जा रही है। नावों के जरिए फंसे हुए लोगों तक पहुंचने की कोशिश की जा रही है।
फिलहाल इस घटना में किसी के घायल होने की सूचना नहीं है। प्रशासन का पूरा ध्यान सभी 38 लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने पर है। जैसे-जैसे बचाव अभियान आगे बढ़ेगा, स्थिति को लेकर और जानकारी सामने आने की उम्मीद है।
गोदावरी नदी में इस तरह की घटनाओं को देखते हुए प्रशासन अब नदी क्षेत्र में काम करने वाले लोगों की सुरक्षा व्यवस्था की भी समीक्षा कर सकता है। विशेषज्ञों का कहना है कि नदी में रेत खनन और परिवहन के दौरान सुरक्षा नियमों का पालन बेहद जरूरी है, ताकि अचानक बदलती परिस्थितियों में जोखिम को कम किया जा सके।
फिलहाल बचाव दल मौके पर तैनात है और फंसे हुए लोगों को सुरक्षित निकालने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।





