
हैदराबाद: तेलंगाना हाई कोर्ट ने DSC-2024 के जरिए नियुक्त एक सेकेंडरी ग्रेड टीचर (SGT) की बर्खास्तगी को रद्द कर दिया है। कोर्ट ने कहा कि भर्ती प्रक्रिया पूरी होने के बाद, किसी अधिक योग्य उम्मीदवार को जगह देने के लिए एक निर्दोष नियुक्त व्यक्ति को नौकरी से नहीं हटाया जा सकता। जस्टिस के. सरथ ने सबावत वीना द्वारा दायर याचिका को स्वीकार कर लिया और अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे आठ सप्ताह के भीतर उन्हें सभी लाभों के साथ वापस नौकरी पर रखें।
अनुसूचित जनजाति (ST) समुदाय से आने वाली वीना को DSC-2024 में 67.37 अंक और 226वीं रैंक मिलने के बाद महबूबनगर जिले के MPPS मोरामबावी टांडा में SGT के पद पर नियुक्त किया गया था। उन्होंने 16 अक्टूबर 2024 को ड्यूटी जॉइन की, लेकिन 10 जुलाई 2025 को उन्हें नौकरी से निकाल दिया गया। उनकी जगह डी. विनोद कुमार को रखा गया, जिन्होंने उसी श्रेणी में 70.87 अंकों के साथ 116वीं रैंक हासिल की थी।
अधिकारियों का कहना था कि एक लंबित आपराधिक मामले के कारण शुरुआत में विनोद कुमार की उम्मीदवारी पर विचार नहीं किया गया था। जनवरी 2025 में उनके बरी होने के बाद, अधिकारियों ने उन्हें नियुक्त करने का फैसला किया और वीना की नियुक्ति को एक 'अनजाने में हुई गलती' बताया।





