
हैदराबाद: तेलंगाना हाई कोर्ट के जस्टिस ईवी वेणुगोपाल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म और टीवी चैनलों को निर्देश दिया है कि वे मई में गृह राज्य मंत्री बंदी संजय कुमार के बेटे बंदी साई भागीरथ के खिलाफ दर्ज POCSO मामले से जुड़ा कोई भी कंटेंट न तो टेलीकास्ट करें और न ही पब्लिश करें।
कोर्ट ने I&B और IT मंत्रालयों, तेलंगाना के गृह सचिव और पुलिस महानिदेशक, और Google LLC, Meta Platforms, X Corp, Facebook, Instagram और YouTube जैसे कई सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म को भी चार हफ़्ते के अंदर अपना जवाब (काउंटर-एफिडेविट) दाखिल करने का निर्देश दिया।
भागीरथ की ओर से पेश सीनियर वकील अविनाश देसाई ने कोर्ट को याद दिलाया कि यह मामला पेटबशीरबाद पुलिस स्टेशन में भारतीय न्याय संहिता की धारा 74 और 75 और POCSO एक्ट, 2012 की धारा 11 और 12 के तहत यौन शोषण और रेप के आरोपों के आधार पर दर्ज किया गया था। उन्होंने बताया कि भागीरथ को 9 जुलाई को रेगुलर ज़मानत मिल गई थी।
वकील ने कहा कि ज़मानत मिलने के बावजूद, टीवी चैनल और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इस मामले से जुड़ी खबरें दिखाते रहे, जिससे कथित तौर पर भागीरथ और उनके पिता की बदनामी हुई। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि परिवार के निजी कार्यक्रमों की फ़िल्मिंग की जा रही है और उन्हें इस मामले से जोड़ा जा रहा है।





