
हैदराबाद: तेलंगाना उच्च न्यायालय के न्यायमूर्ति एन.वी. श्रवण कुमार ने अधिकारियों को खम्मम जिले की एक महिला के पशु शेड के मामले में 'यथास्थिति' (status quo) बनाए रखने का निर्देश दिया है। साथ ही, राज्य सरकार को यह आदेश दिया है कि वह राजस्व अधिकारियों और HYDRAA (हैदराबाद आपदा प्रतिक्रिया और संपत्ति निगरानी एजेंसी) को निर्देश दे कि 17 से 25 अक्टूबर, 2026 तक चलने वाली दशहरा छुट्टियों के दौरान, जिन संपत्तियों से जुड़े मामले अदालत में लंबित हैं, उनके खिलाफ कोई कठोर कार्रवाई न की जाए।
यह निर्देश पेनुबल्ली मंडल के चिन्तागुडेम गांव की सीलम लीलावती द्वारा दायर एक रिट याचिका पर सुनवाई के दौरान आया। याचिकाकर्ता का आरोप है कि अधिकारी बिना कोई नोटिस दिए, सर्वे नंबर 71/4, 71/6 और 71/7 वाली जमीन पर बने उनके पशु शेड को गिराकर उन्हें उनकी संपत्ति से बेदखल करने की कोशिश कर रहे हैं।
याचिकाकर्ता के वकील ने बताया कि उनके पास 'धरणी' पोर्टल से डाउनलोड की गई पट्टादार पासबुक और भूमि रिकॉर्ड मौजूद हैं, जो उनके दावे की पुष्टि करते हैं। इसके अलावा, उनके पति के नाम पर आए बिजली के बिल भी अदालत में पेश किए गए।
वकील ने आरोप लगाया कि 12 अक्टूबर को चौथे प्रतिवादी (respondent) ने कुछ ग्रामीणों और एक स्थानीय विधायक के पति के साथ मिलकर शेड को गिराने की धमकी दी। बताया गया है कि यह शेड पिछले 20 वर्षों से अधिक समय से वहां मौजूद है।





