
हैदराबाद: बुधवार को लगभग 2.73 लाख किसानों को SMS अलर्ट मिले, जिनमें दावा किया गया था कि 'रायतू भरोसा' (निवेश सहायता योजना) की राशि उनके बैंक खातों में जमा कर दी गई है। हालांकि, कृषि विभाग ने इन संदेशों को एक शरारतपूर्ण हरकत करार दिया और साइबर क्राइम पुलिस में शिकायत दर्ज कराई।
कृषि निदेशक बी. गोपी द्वारा दर्ज कराई गई शिकायत के अनुसार, जालसाजों ने 'रायतू भरोसा' योजना के नाम पर लगभग 2,73,100 किसानों को अनधिकृत (फर्जी) SMS भेजे। उन्होंने स्पष्ट किया कि विभाग ने इस तरह का कोई संदेश नहीं भेजा है और न ही इसके लिए कोई अनुमति दी है।
गोपी ने बताया कि कृषि विभाग किसानों को आधिकारिक संदेश भेजने के लिए 'सेंटर फॉर डेवलपमेंट ऑफ एडवांस्ड कंप्यूटिंग' (CDAC) के SMS सर्विस पोर्टल का उपयोग करता है, लेकिन बुधवार को विभाग की ओर से कोई SMS नहीं भेजा गया था। उन्होंने चेतावनी दी कि इस घटना से विभाग के नाम और SMS संचार माध्यमों के अनधिकृत इस्तेमाल या दुरुपयोग की आशंका पैदा होती है।
निदेशक ने साइबर क्राइम पुलिस से इन संदेशों के स्रोत की जांच करने और इन्हें भेजने वाली एजेंसी, व्यक्ति या संस्था की पहचान करने को कहा है। उन्होंने CDAC पोर्टल या किसी अन्य SMS गेटवे के अनधिकृत इस्तेमाल या दुरुपयोग की जांच की भी मांग की है।
उन्होंने पुलिस से तकनीकी विवरणों का पता लगाने का अनुरोध किया है, जिसमें SMS गेटवे, सेंडर ID, ट्रांसमिशन लॉग और संबंधित IP पते शामिल हैं।
शिकायत में उन्होंने कहा, "यह मामला गंभीर चिंता का विषय है, क्योंकि ऐसे फर्जी संदेश किसानों के बीच भ्रम पैदा कर सकते हैं और विभाग तथा 'रायतू भरोसा' योजना की विश्वसनीयता पर बुरा असर डाल सकते हैं।





