
मद्रास हाई कोर्ट की मदुरै बेंच ने मंगलवार को तमिलनाडु सरकार को निर्देश दिया कि वह महिला कर्मचारियों के लिए पेड मेन्स्ट्रुअल लीव (मासिक धर्म के दौरान सवेतन छुट्टी) पॉलिसी के नियम बनाने के लिए एक कमेटी के गठन और उसमें हुई प्रगति पर एक अंतरिम रिपोर्ट दाखिल करे। साथ ही, प्राइवेट संस्थानों के लिए भी उपयुक्त एडवाइजरी गाइडलाइंस तैयार करने को कहा।
बेंच मदुरै के एक निवासी द्वारा दायर जनहित याचिका (PIL) पर सुनवाई कर रही थी। याचिकाकर्ता ने कहा कि मेन्स्ट्रुअल लीव पॉलिसी न होने से महिला कर्मचारियों के साथ अप्रत्यक्ष भेदभाव होता है, जो संविधान के अनुच्छेद 14 का उल्लंघन है। ऐसा इसलिए है क्योंकि महिलाओं को ही बार-बार होने वाली एक बायोलॉजिकल स्थिति का बोझ उठाना पड़ता है और उन्हें या तो वेतन का नुकसान उठाना पड़ता है या फिर असहनीय दर्द के बावजूद काम करना पड़ता है, जबकि पुरुष कर्मचारियों के साथ ऐसा नहीं होता।
जस्टिस सी.वी. कार्तिकेयन और जस्टिस आर. शक्तिवेल ने राज्य सरकार की दलीलों पर गौर करने के बाद यह अंतरिम रिपोर्ट मांगी। सरकार ने कहा था कि वे केंद्र द्वारा लाए गए लेबर कोड के अनुसार नियम बनाने के लिए कमेटी के गठन पर सक्रिय रूप से विचार कर रहे हैं।
मौजूदा छुट्टी का ढांचा, जैसे कैजुअल लीव और सिक लीव, डिस्मेनोरिया (मासिक धर्म के दौरान होने वाला दर्द) जैसी हर महीने होने वाली बायोलॉजिकल स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह अपर्याप्त है। इससे महिला कर्मचारियों को अपनी छुट्टियां खत्म करनी पड़ती हैं या वेतन का नुकसान उठाना पड़ता है, जिससे उनकी सेवा की शर्तों पर गलत असर पड़ता है।
याचिकाकर्ता ने कहा कि पॉलिसी न होने की स्थिति का बुरा असर सरकारी सेक्टर, आंगनवाड़ी, स्कूलों, ग्रामीण स्वास्थ्य केंद्रों और सफाई सेवाओं में काम करने वाली लाखों महिलाओं पर पड़ता है। इनमें से कई महिलाओं के पास आराम करने की सुविधा या काम के लचीले विकल्प नहीं होते, जिससे स्वास्थ्य संबंधी जोखिम और कार्यस्थल पर असमानता बढ़ती है। यही स्थिति उन महिलाओं की भी है जो प्राइवेट सेक्टर में हैं लेकिन जिनके काम में लचीले विकल्प मौजूद नहीं हैं।
कोर्ट ने यह भी कहा कि ऐसी किसी भी पॉलिसी को न केवल सरकारी विभागों में लागू करने की जरूरत होगी, बल्कि प्राइवेट संस्थानों को भी महिला कर्मचारियों को मेन्स्ट्रुअल लीव देने की जरूरत के प्रति संवेदनशील बनाना होगा।
इस मामले की अगली सुनवाई 24 अगस्त को होगी।





