तमिलनाडू

Mettur डैम का जलस्तर घटा, पानी की आवक कम होने से स्थिति में बदलाव

Kavita2
27 Jun 2026 9:19 AM IST
Mettur डैम का जलस्तर घटा, पानी की आवक कम होने से स्थिति में बदलाव
x

Tamil Nadu तमिलनाडु: शनिवार (27 जून) को मेट्टूर डैम के जलस्तर में गिरावट दर्ज की गई है। डैम में पानी की आवक लगातार दूसरे दिन 193 क्यूबिक फीट प्रति सेकंड (cusecs) बनी हुई है, जबकि डैम से जल निकासी पीने के पानी की जरूरतों को पूरा करने के लिए 1000 क्यूबिक फीट प्रति सेकंड की दर से की जा रही है। पानी की आवक और निकासी के बीच अंतर बढ़ने के कारण डैम का जलस्तर धीरे-धीरे घटता जा रहा है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, शनिवार सुबह मेट्टूर डैम का जलस्तर 79.09 फीट से घटकर 79.00 फीट पर पहुंच गया। पानी की आवक कम और निकासी अधिक होने के कारण यह गिरावट दर्ज की गई है। अधिकारियों के अनुसार, डैम में पानी का प्रवाह अपेक्षाकृत कम बना हुआ है, जबकि जरूरतों को देखते हुए लगातार पानी छोड़ा जा रहा है।

मेट्टूर डैम से निकाला जा रहा पानी मुख्य रूप से पीने के पानी की आपूर्ति के लिए उपयोग किया जा रहा है। क्षेत्र में जल आपूर्ति व्यवस्था को बनाए रखने के लिए डैम से 1000 क्यूबिक फीट प्रति सेकंड की दर से पानी छोड़ा जा रहा है। हालांकि, प्राकृतिक स्रोतों और अपस्ट्रीम से आने वाला जल प्रवाह केवल 193 क्यूबिक फीट प्रति सेकंड पर स्थिर है, जो निकासी की तुलना में काफी कम है। इसी कारण जलस्तर में गिरावट दर्ज की जा रही है।

डैम का कुल जल भंडारण वर्तमान में 40.96 टीएमसी (Thousand Million Cubic Feet) बताया गया है। यह जल भंडार क्षेत्र की सिंचाई और पेयजल आवश्यकताओं के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है। हालांकि, मौजूदा स्थिति में जल आवक कम होने और निकासी अधिक रहने से जल स्तर में लगातार बदलाव देखा जा रहा है।

स्थानीय प्रशासन और जल संसाधन विभाग की नजर लगातार डैम की स्थिति पर बनी हुई है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि आने वाले दिनों में जलग्रहण क्षेत्रों में बारिश नहीं होती या जल प्रवाह में सुधार नहीं होता है, तो जल स्तर में और गिरावट देखने को मिल सकती है। हालांकि अभी स्थिति नियंत्रण में बताई जा रही है और पीने के पानी की आपूर्ति बाधित नहीं हुई है।

मेट्टूर डैम कावेरी नदी पर स्थित एक प्रमुख जलाशय है, जो तमिलनाडु में सिंचाई और पेयजल आपूर्ति के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। इस डैम से जुड़े क्षेत्रों में कृषि गतिविधियाँ भी काफी हद तक इसी जल आपूर्ति पर निर्भर करती हैं। ऐसे में जल स्तर में बदलाव का सीधा प्रभाव स्थानीय किसानों और आम जनता पर पड़ सकता है।

वर्तमान स्थिति में अधिकारियों ने बताया है कि जल आपूर्ति को प्राथमिकता दी जा रही है और जरूरत के अनुसार पानी का प्रबंधन किया जा रहा है। डैम में जल भंडारण 40.96 टीएमसी पर बना हुआ है, जो फिलहाल पर्याप्त माना जा रहा है, लेकिन दीर्घकालिक स्थिति वर्षा और जल आवक पर निर्भर करेगी।

प्रशासन ने यह भी संकेत दिया है कि आने वाले दिनों में जल स्तर की नियमित निगरानी की जाएगी और आवश्यकतानुसार जल निकासी में बदलाव किया जा सकता है। विशेषज्ञों का कहना है कि मानसून की स्थिति और जलग्रहण क्षेत्रों में वर्षा की मात्रा आने वाले समय में डैम के जल स्तर को प्रभावित करेगी।

कुल मिलाकर, मेट्टूर डैम की वर्तमान स्थिति में जल आवक और निकासी के बीच असंतुलन के कारण जल स्तर में गिरावट दर्ज की गई है, लेकिन अभी इसे गंभीर स्थिति नहीं माना जा रहा है। प्रशासन की ओर से स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है ताकि जल आपूर्ति व्यवस्था सामान्य बनी रहे।

Next Story