
Tamil Nadu तमिलनाडु: रविवार (21 जून) को मेट्टूर बांध में पानी के प्रवाह में कमी दर्ज की गई है। कावेरी नदी के कैचमेंट एरिया में बारिश कम होने के कारण बांध में आने वाले पानी की मात्रा घटकर 1,790 क्यूबिक फीट प्रति सेकंड (cusecs) रह गई है। इससे पहले सुबह तक बांध में पानी का प्रवाह 2,253 क्यूबिक फीट प्रति सेकंड था, जो बाद में कम हो गया।
अधिकारियों के अनुसार, कैचमेंट क्षेत्र में वर्षा कम होने का सीधा असर नदी के जल प्रवाह पर पड़ा है, जिससे मेट्टूर बांध में पानी की आवक घट गई है। हालांकि, जल प्रबंधन के तहत बांध से पानी का निर्गम भी नियंत्रित रखा गया है। वर्तमान में पीने के पानी की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए बांध से 1,000 क्यूबिक फीट प्रति सेकंड की दर से पानी छोड़ा जा रहा है।
बांध में पानी के आवक और निकासी के बीच अंतर के कारण जलस्तर में हल्की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। रविवार सुबह बांध का जलस्तर 79.21 फीट था, जो बढ़कर 79.26 फीट हो गया है। यह वृद्धि भले ही मामूली हो, लेकिन लगातार आवक और निकासी के संतुलन पर निर्भर करती है।
जल संसाधन विभाग के अनुसार, बांध में वर्तमान जल भंडारण 41.22 टीएमसी (TMC) दर्ज किया गया है। अधिकारियों का कहना है कि मौजूदा स्थिति में बांध में पर्याप्त जल उपलब्ध है, लेकिन बारिश में कमी जारी रहने पर आने वाले दिनों में स्थिति पर नजर रखना जरूरी होगा।
कावेरी नदी प्रणाली में मेट्टूर बांध एक महत्वपूर्ण जल स्रोत माना जाता है, जो सिंचाई और पेयजल आपूर्ति दोनों के लिए उपयोग किया जाता है। ऐसे में इसके जलस्तर और प्रवाह में बदलाव का सीधा असर आसपास के क्षेत्रों की कृषि और जल आपूर्ति पर पड़ता है।
अधिकारियों ने बताया कि फिलहाल स्थिति नियंत्रण में है और जल प्रवाह तथा निकासी पर नियमित निगरानी रखी जा रही है। जरूरत पड़ने पर पानी के छोड़े जाने की दर में बदलाव किया जा सकता है, ताकि पेयजल आपूर्ति और सिंचाई कार्य प्रभावित न हों।
स्थानीय प्रशासन ने भी लोगों से पानी का समझदारी से उपयोग करने की अपील की है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि आने वाले दिनों में कैचमेंट एरिया में बारिश नहीं बढ़ती है, तो जल प्रबंधन को और सख्त कदम उठाने पड़ सकते हैं।
कुल मिलाकर, मेट्टूर बांध में फिलहाल पानी की स्थिति स्थिर है, लेकिन बारिश पर निर्भरता के कारण स्थिति में तेजी से बदलाव की संभावना बनी हुई है।





