
चेन्नई : तमिलनाडु की राजनीति में मुख्यमंत्री जोसेफ विजय और विपक्ष के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर लगातार तेज होता जा रहा है। इसी क्रम में AIADMK के वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री टी. जयकुमार ने मुख्यमंत्री पर तीखा हमला बोलते हुए आरोप लगाया कि वह राज्य के वास्तविक मुद्दों को नजरअंदाज कर केवल राजनीतिक प्रचार और संभावित मध्यावधि चुनावों (मिडटर्म इलेक्शन) को ध्यान में रखकर बयानबाजी कर रहे हैं।
शनिवार को चेन्नई के एग्मोर में स्वतंत्रता सेनानी शहीद वीरन अझागुमुथुकोन की प्रतिमा पर अखिल भारतीय अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (AIADMK) की ओर से माल्यार्पण और श्रद्धांजलि अर्पित करने के बाद मीडिया से बातचीत करते हुए जयकुमार ने कहा कि मुख्यमंत्री का हालिया संबोधन किसी सरकारी कार्यक्रम से अधिक फिल्म की शूटिंग जैसा प्रतीत हुआ। उन्होंने कहा कि करूर में मुख्यमंत्री का भाषण पूरी तरह राजनीतिक प्रचार पर केंद्रित था और उसमें जनता से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों का अभाव था।
जयकुमार ने कहा कि मुख्यमंत्री जोसेफ विजय ऐसे बयान दे रहे हैं, मानो वह किसी फिल्मी दृश्य का हिस्सा हों। उनके अनुसार मुख्यमंत्री की प्राथमिकता राज्य के विकास या जनता की समस्याओं का समाधान नहीं, बल्कि अपनी राजनीतिक छवि को मजबूत करना है। उन्होंने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री का पूरा ध्यान संभावित उपचुनावों और भविष्य की चुनावी राजनीति पर केंद्रित है।
पूर्व मंत्री ने कहा कि चुनाव प्रचार के दौरान जनता से किए गए अनेक वादों का आज तक कोई उल्लेख नहीं किया जा रहा है। उन्होंने सवाल उठाया कि सरकार को यह बताना चाहिए कि चुनाव के समय किए गए वादों को पूरा करने के लिए अब तक क्या कदम उठाए गए हैं। उन्होंने कहा कि जनता ने जिन उम्मीदों के साथ सरकार को चुना था, उन अपेक्षाओं पर सरकार खरी नहीं उतर रही है।
टी. जयकुमार ने कावेरी जल विवाद का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने कहा कि कर्नाटक द्वारा कावेरी डेल्टा क्षेत्र की कुरुवई फसल के लिए आवश्यक पानी नहीं छोड़ा गया है, जिससे किसानों के सामने गंभीर संकट खड़ा हो गया है। उनके अनुसार मुख्यमंत्री को इस महत्वपूर्ण विषय पर केंद्र और कर्नाटक सरकार से प्रभावी ढंग से बातचीत करनी चाहिए थी, लेकिन उन्होंने इस संवेदनशील मुद्दे पर कोई ठोस बयान तक नहीं दिया।
उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य के किसान पानी की कमी से परेशान हैं, जबकि सरकार इन समस्याओं के समाधान की बजाय प्रचार अभियान में अधिक व्यस्त दिखाई दे रही है। जयकुमार ने कहा कि तमिलनाडु की कृषि अर्थव्यवस्था में कावेरी डेल्टा का महत्वपूर्ण योगदान है और यदि समय पर पानी नहीं मिला तो किसानों को भारी नुकसान उठाना पड़ सकता है।
मुख्यमंत्री के फिल्मी करियर का उल्लेख करते हुए AIADMK नेता ने कहा कि विजय ने फिल्म उद्योग में सक्रिय रहने के दौरान भी आम लोगों के लिए कोई उल्लेखनीय सामाजिक कार्य नहीं किया। उन्होंने दावा किया कि राजनीति में आने और मुख्यमंत्री बनने के बाद भी उनकी कार्यशैली में कोई बड़ा बदलाव नहीं आया है और अब भी सरकार का अधिक ध्यान प्रचार-प्रसार पर है।
जयकुमार ने आरोप लगाया कि सरकार विकास कार्यों की तुलना में विज्ञापनों और प्रचार अभियानों पर अधिक धन खर्च कर रही है। उन्होंने कहा कि यदि यही संसाधन जनकल्याण योजनाओं, किसानों की सहायता, रोजगार सृजन और बुनियादी सुविधाओं के विकास पर लगाए जाते तो जनता को अधिक लाभ मिलता।
उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में सरकार की प्राथमिक जिम्मेदारी जनता की समस्याओं का समाधान करना है। केवल सार्वजनिक कार्यक्रमों और राजनीतिक भाषणों के माध्यम से सरकार अपनी जिम्मेदारियों से बच नहीं सकती। उन्होंने मुख्यमंत्री से राज्य के विकास, रोजगार, कृषि, जल संकट और चुनावी वादों की प्रगति पर स्पष्ट जवाब देने की मांग की।
इस अवसर पर जयकुमार ने स्वतंत्रता सेनानी शहीद वीरन अझागुमुथुकोन को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि अंग्रेजी शासन के खिलाफ उनके संघर्ष और बलिदान को तमिलनाडु हमेशा याद रखेगा। उन्होंने कहा कि AIADMK सरकार के कार्यकाल में ही वीरन अझागुमुथुकोन की प्रतिमा स्थापित कर उनके योगदान को सम्मान दिया गया था। उनके अनुसार पार्टी हमेशा स्वतंत्रता सेनानियों के सम्मान और उनके आदर्शों को आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध रही है।
कार्यक्रम के दौरान AIADMK के कई वरिष्ठ नेता भी मौजूद रहे। इनमें पूर्व मंत्री सी. पोन्नैयन, गोकुला इंदिरा, टी.के.एम. चिन्नैया सहित अन्य पदाधिकारी और कार्यकर्ता शामिल थे। सभी नेताओं ने वीरन अझागुमुथुकोन की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें श्रद्धासुमन अर्पित किए।
तमिलनाडु में राजनीतिक गतिविधियां लगातार तेज हो रही हैं और सत्ता पक्ष तथा विपक्ष के बीच बयानबाजी का दौर भी बढ़ता जा रहा है। ऐसे में आने वाले दिनों में चुनावी वादों, किसानों के मुद्दों, कावेरी जल विवाद और सरकार की कार्यशैली को लेकर राजनीतिक बहस और अधिक तीखी होने की संभावना जताई जा रही है।





