
चेन्नई : वियतनाम में हुए दर्दनाक स्पीड बोट हादसे से बचकर भारत लौटे एक पर्यटक ने उस भयावह घटना को याद करते हुए अपनी आपबीती सुनाई है। 13 जुलाई की रात भारत पहुंचे निर्मल कुमार ने बताया कि कैसे एक सामान्य पर्यटक सफर अचानक जिंदगी और मौत के संघर्ष में बदल गया।
यह हादसा 11 जुलाई को वियतनाम के फु क्वोक आइलैंड के पास होन मे रट नगोई क्षेत्र में हुआ था। जानकारी के अनुसार, एक स्पीड बोट में 32 भारतीय पर्यटक और चार स्थानीय क्रू मेंबर सवार थे। यह नाव एक आइलैंड से दूसरे आइलैंड की ओर जा रही थी, लेकिन रास्ते में अचानक पलट गई और देखते ही देखते चीख-पुकार मच गई।
हादसे में 15 भारतीय पर्यटकों की मौत हो गई। कई लोग पानी में फंस गए और उन्हें बचाने के लिए राहत एवं बचाव अभियान चलाया गया। हादसे के बाद 16 लोगों को सुरक्षित बचा लिया गया। इलाज के बाद इनमें से कई लोग भारत लौट आए हैं, जबकि एक व्यक्ति अभी भी फु क्वोक के एक अस्पताल में गंभीर हालत में भर्ती है।
भारत लौटे निर्मल कुमार ने हादसे के उन डरावने पलों को याद किया, जब कुछ ही मिनटों में सब कुछ बदल गया। उन्होंने बताया कि शुरुआत में यह एक सामान्य यात्रा की तरह लग रही थी। पर्यटक समुद्री सफर का आनंद ले रहे थे, लेकिन अचानक आई परेशानी ने सभी को घबरा दिया।
उन्होंने बताया कि नाव के पलटने के बाद यात्रियों को संभलने का मौका तक नहीं मिला। चारों ओर अफरा-तफरी मच गई और लोग खुद को बचाने के लिए संघर्ष करने लगे। पानी के बीच फंसे यात्रियों के लिए वह समय बेहद डरावना था।
निर्मल कुमार ने कहा कि हादसे के बाद हर व्यक्ति अपनी जान बचाने की कोशिश कर रहा था। कई लोगों को तैरना नहीं आता था, जिससे स्थिति और मुश्किल हो गई। मदद पहुंचने तक यात्रियों ने काफी संघर्ष किया।
घटना के बाद स्थानीय प्रशासन और बचाव दल सक्रिय हुए। राहत टीमों ने मौके पर पहुंचकर पानी में फंसे लोगों को बाहर निकाला। घायलों को तुरंत अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उनका इलाज किया गया।
हादसे में जान गंवाने वाले अधिकतर लोग भारत से घूमने गए पर्यटक थे। इस घटना के बाद उनके परिवारों में मातम छा गया। भारत सरकार और स्थानीय अधिकारियों की ओर से भी स्थिति पर नजर रखी गई और प्रभावित परिवारों को सहायता उपलब्ध कराने के प्रयास किए गए।
फु क्वोक आइलैंड वियतनाम का एक लोकप्रिय पर्यटन स्थल है, जहां हर साल बड़ी संख्या में विदेशी पर्यटक पहुंचते हैं। समुद्री यात्रा और स्पीड बोट के जरिए पर्यटक आसपास के द्वीपों की सैर करते हैं। लेकिन इस हादसे ने पर्यटन स्थलों पर सुरक्षा व्यवस्था को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं।
विशेषज्ञों का कहना है कि समुद्री पर्यटन के दौरान सुरक्षा मानकों का पालन बेहद जरूरी है। यात्रियों की संख्या, मौसम की स्थिति, नाव की क्षमता और सुरक्षा उपकरणों की उपलब्धता जैसे पहलुओं पर विशेष ध्यान दिया जाना चाहिए।
भारत लौटे पर्यटकों ने भी मांग की है कि ऐसी यात्राओं में सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत किया जाए, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके।
वहीं, हादसे की जांच भी शुरू कर दी गई है। अधिकारियों की ओर से यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि स्पीड बोट पलटने की असली वजह क्या थी। मौसम, नाव की स्थिति और संचालन से जुड़े सभी पहलुओं की जांच की जा रही है।
इस हादसे ने कई परिवारों को गहरा दुख दिया है। एक सामान्य छुट्टी का सफर कई लोगों के लिए जिंदगी का सबसे दर्दनाक अनुभव बन गया। भारत लौटे यात्रियों के लिए भी यह घटना एक ऐसी याद बन गई है, जिसे वे शायद कभी भूल नहीं पाएंगे।
निर्मल कुमार की आपबीती ने इस हादसे की भयावहता को सामने ला दिया है। उनका कहना है कि वह पल आज भी आंखों के सामने आ जाता है, जब कुछ ही क्षणों में खुशी का सफर डर और मौत के संघर्ष में बदल गया था।





