तमिलनाडू

दुखद घटनाओं के पीड़ितों को सरकारी नौकरी मिलनी चाहिए: Thol. Thirumavalavan

Kavita2
11 July 2026 9:03 AM IST
दुखद घटनाओं के पीड़ितों को सरकारी नौकरी मिलनी चाहिए: Thol. Thirumavalavan
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चेन्नई : विदुथलाई चिरुथैगल काची (VCK) के प्रमुख और वरिष्ठ नेता थोल. थिरुमावलवन ने कहा है कि किसी भी दुखद दुर्घटना या हिंसक घटना में प्रभावित परिवारों को सरकार की ओर से राहत के रूप में सरकारी नौकरी देना उचित कदम है। उन्होंने कहा कि ऐसे मामलों को किसी राजनीतिक दल या कार्यक्रम से जोड़कर नहीं देखा जाना चाहिए, बल्कि पीड़ित परिवारों के जीवन-यापन और भविष्य की सुरक्षा को प्राथमिकता दी जानी चाहिए।

शुक्रवार को तमिलनाडु कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष पी. मणिकम ठाकुर ने चेन्नई के वेलाचेरी स्थित थोल. थिरुमावलवन के आवास पर शिष्टाचार मुलाकात की। तमिलनाडु कांग्रेस अध्यक्ष का पद संभालने के बाद यह उनकी पहली औपचारिक मुलाकात थी। दोनों नेताओं के बीच राज्य की राजनीतिक परिस्थितियों, गठबंधन की मजबूती और जनहित से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर चर्चा हुई।

मुलाकात के बाद मीडिया से बातचीत करते हुए थिरुमावलवन ने कहा कि उनकी पार्टी विदुथलाई चिरुथैगल काची भारतीय जनता पार्टी (BJP) के खिलाफ विपक्षी गठबंधन का हिस्सा है और गठबंधन की मजबूती के लिए सभी सहयोगी दल मिलकर काम कर रहे हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि गठबंधन के भीतर किसी भी सहयोगी दल के साथ किसी प्रकार का टकराव या मतभेद नहीं है।

थिरुमावलवन ने हाल ही में सार्वजनिक कार्यक्रमों के दौरान हुई दुखद घटनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि यदि किसी दुर्घटना या हिंसा में किसी व्यक्ति की मृत्यु होती है, तो सरकार की जिम्मेदारी केवल आर्थिक मुआवजा देने तक सीमित नहीं रहनी चाहिए। उन्होंने कहा कि ऐसे परिवारों की आजीविका सुरक्षित रखने के लिए परिवार के पात्र सदस्य को सरकारी नौकरी देने पर भी गंभीरता से विचार किया जाना चाहिए।

उन्होंने कहा कि इस प्रकार की घटनाओं को राजनीतिक दृष्टिकोण से नहीं देखा जाना चाहिए। चाहे घटना किसी राजनीतिक सभा, सार्वजनिक कार्यक्रम, दुर्घटना या किसी अन्य कारण से हुई हो, यदि कोई परिवार अपना कमाने वाला सदस्य खो देता है तो सरकार को उसके पुनर्वास के लिए ठोस कदम उठाने चाहिए।

वीसीके प्रमुख ने कहा कि उनकी पार्टी लंबे समय से यह मांग करती रही है कि दुर्घटनाओं, हिंसक घटनाओं या अन्य असामान्य परिस्थितियों में जान गंवाने वाले लोगों के परिवारों को उचित मुआवजा और रोजगार उपलब्ध कराया जाए। उनका मानना है कि केवल एकमुश्त आर्थिक सहायता से परिवार की समस्याओं का स्थायी समाधान नहीं होता, जबकि सरकारी नौकरी मिलने से प्रभावित परिवार को लंबे समय तक आर्थिक सुरक्षा मिल सकती है।

उन्होंने कहा कि हाल के दिनों में यह सवाल भी उठाया गया कि क्या सार्वजनिक बैठकों या राजनीतिक कार्यक्रमों में जान गंवाने वाले लोगों के परिजनों को सरकारी नौकरी दी जानी चाहिए। इस पर उन्होंने कहा कि सरकार को इस विषय को किसी दल विशेष के कार्यक्रम के रूप में नहीं देखना चाहिए। सरकार का उद्देश्य पीड़ित परिवार की सहायता करना और उनकी आजीविका की रक्षा करना होना चाहिए।

थिरुमावलवन ने सुझाव दिया कि तमिलनाडु सरकार को ऐसी परिस्थितियों में प्रभावित परिवारों को सरकारी नौकरी देने की एक स्पष्ट और स्थायी नीति बनानी चाहिए। उनका कहना था कि यदि सरकार इस दिशा में नियमित व्यवस्था विकसित करती है तो भविष्य में किसी भी दुखद घटना से प्रभावित परिवारों को समय पर राहत मिल सकेगी और उन्हें आर्थिक असुरक्षा का सामना नहीं करना पड़ेगा।

उन्होंने यह भी कहा कि समाज के कमजोर और आर्थिक रूप से निर्भर परिवारों के लिए इस प्रकार की सहायता अत्यंत महत्वपूर्ण होती है। कई बार परिवार का एकमात्र कमाने वाला सदस्य दुर्घटना या हिंसा का शिकार हो जाता है, जिससे पूरा परिवार संकट में आ जाता है। ऐसे समय में सरकारी नौकरी जैसी सहायता उनके जीवन को फिर से पटरी पर लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।

राजनीतिक गठबंधन पर पूछे गए एक प्रश्न के जवाब में थिरुमावलवन ने कहा कि विपक्षी गठबंधन पूरी तरह एकजुट है और सभी सहयोगी दल आपसी समन्वय के साथ काम कर रहे हैं। उन्होंने किसी भी प्रकार के मतभेद या विवाद की खबरों को खारिज करते हुए कहा कि गठबंधन के सभी दलों का उद्देश्य जनता के मुद्दों को प्रभावी ढंग से उठाना और लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा करना है।

थिरुमावलवन के इस बयान को सामाजिक सुरक्षा और पुनर्वास से जुड़े महत्वपूर्ण सुझाव के रूप में देखा जा रहा है। उनका कहना है कि सरकार को ऐसी घटनाओं में मानवीय दृष्टिकोण अपनाते हुए केवल मुआवजे तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि प्रभावित परिवारों को स्थायी आर्थिक सहारा देने के लिए रोजगार जैसी योजनाओं को भी प्राथमिकता देनी चाहिए

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