
Tamil Nadu तमिलनाडु: तमिल फिल्म इंडस्ट्री के प्रसिद्ध निर्देशक भारतीराजा के निधन पर देश और राज्य के शीर्ष संवैधानिक पदाधिकारियों ने गहरा शोक व्यक्त किया है। उपराष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन और तमिलनाडु के राज्यपाल आर.वी.आर. लेखर ने उनके योगदान को याद करते हुए उन्हें श्रद्धांजलि दी है।
उपराष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट करते हुए भारतीराजा के निधन को अत्यंत दुखद बताया। उन्होंने लिखा कि भारतीराजा तमिल फिल्म उद्योग में नई दिशा देने वाले अग्रणी निर्देशक थे। उन्होंने ग्रामीण जीवन और मानवीय भावनाओं को बहुत ही स्वाभाविक और जीवंत रूप में पर्दे पर प्रस्तुत किया। उनके कार्यों में कहानी कहने की अनूठी शैली देखने को मिलती थी, जिसने तमिल सिनेमा को नई पहचान दी।
उपराष्ट्रपति ने कहा कि भारतीराजा ने अपने लंबे फिल्मी करियर में कई यादगार किरदारों और फिल्मों के माध्यम से तमिल फिल्म उद्योग के विकास में महत्वपूर्ण योगदान दिया। उन्होंने यह भी कहा कि वे कलाकारों और निर्देशकों की कई पीढ़ियों के लिए प्रेरणा स्रोत रहे। उनके निधन से फिल्म जगत को बड़ी क्षति हुई है। उपराष्ट्रपति ने उनके परिवार, मित्रों, फिल्म उद्योग और प्रशंसकों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए उनकी आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की।
इसी तरह तमिलनाडु के राज्यपाल आर.वी.आर. लेखर ने भी भारतीराजा के निधन पर दुख व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि यह खबर अत्यंत दुखद है और इससे फिल्म उद्योग में एक बड़ा खालीपन पैदा हुआ है। राज्यपाल ने कहा कि भारतीराजा के कार्यों ने तमिल सिनेमा में ग्रामीण जीवन और मानवीय मूल्यों को सच्चाई और संवेदनशीलता के साथ प्रस्तुत किया, जिससे वे हमेशा याद किए जाएंगे।
राज्यपाल ने उनके परिवार और तमिल फिल्म उद्योग के प्रति अपनी संवेदनाएं व्यक्त करते हुए कहा कि उनकी विरासत आने वाली पीढ़ियों को प्रेरित करती रहेगी। उन्होंने भी दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की।
भारतीराजा को तमिल सिनेमा में उस निर्देशक के रूप में जाना जाता है जिन्होंने फिल्मों की कहानियों में गांवों, किसानों और आम लोगों के जीवन को प्रमुखता दी। उनकी फिल्मों ने न केवल मनोरंजन किया बल्कि सामाजिक यथार्थ को भी सामने रखा। इसी कारण वे तमिल फिल्म जगत में एक विशेष स्थान रखते हैं।
उनके निधन से न केवल फिल्म उद्योग बल्कि राजनीतिक और सांस्कृतिक जगत में भी शोक की लहर है। विभिन्न क्षेत्रों के लोग उनके योगदान को याद कर उन्हें श्रद्धांजलि दे रहे हैं।





