
Tamil Nadu तमिलनाडु: वेल्लोर के जिला मजिस्ट्रेट वी.आर. सुब्बुलक्ष्मी ने किसानों को एल नीनो के प्रभाव से उत्पन्न होने वाली हीट वेव की स्थिति को देखते हुए फसलों की सुरक्षा के लिए आवश्यक सावधानियां और कृषि प्रबंधन उपाय अपनाने की सलाह दी है। प्रशासन ने कहा है कि बदलते मौसम और बढ़ते तापमान के कारण कृषि कार्यों में विशेष सतर्कता बरतने की जरूरत है।
जिला प्रशासन के अनुसार, किसानों को गर्मियों के मौसम में जुताई के साथ-साथ अधिक मूल्य वाली फसलों की खेती पर ध्यान देने की सलाह दी गई है। साथ ही बीजों का समय पर अंकुरण सुनिश्चित करने और जैव उर्वरकों (बायोफर्टिलाइज़र) के अधिक उपयोग पर जोर दिया गया है, ताकि मिट्टी की उर्वरता बनी रहे और फसल की गुणवत्ता में सुधार हो सके।
प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया है कि दिन के सबसे गर्म समय, यानी दोपहर 12 बजे से 3 बजे के बीच खेतों में काम करने से बचना चाहिए, ताकि किसान गर्मी से होने वाले स्वास्थ्य जोखिमों से सुरक्षित रह सकें। इसके अलावा दोपहर के समय सिंचाई करने से भी बचने की सलाह दी गई है, क्योंकि इससे पानी की अधिक वाष्पीकरण होती है और प्रभाव कम हो जाता है।
मिट्टी की नमी बनाए रखने और सतह का तापमान नियंत्रित करने के लिए पुआल और गन्ने की पत्ती जैसी प्राकृतिक मल्चिंग सामग्री के उपयोग को बढ़ावा देने की बात कही गई है। इससे नमी संरक्षित रहती है और फसल को गर्मी के प्रभाव से राहत मिलती है।
सूखे जैसी परिस्थितियों से निपटने के लिए किसानों को माइक्रो-इरिगेशन तकनीक अपनाने की सलाह दी गई है, जिससे पानी की बचत के साथ फसलों को आवश्यक नमी मिल सके। इसके अलावा नर्सरी और सब्जी बागानों में 30 से 50 प्रतिशत छाया देने वाले शेड नेट के उपयोग की भी सिफारिश की गई है।
प्रशासन ने यह भी सुझाव दिया है कि जल्दी खराब होने वाली फसलों की कटाई सुबह के समय की जाए, ताकि गुणवत्ता बनी रहे। वहीं, फूल और फल देने की अवस्था में पहुंच चुकी फलों की फसलों को प्राथमिकता के आधार पर सिंचाई देने की आवश्यकता बताई गई है।
जिला प्रशासन ने किसानों से अपील की है कि वे इन सभी उपायों को अपनाकर मौसम की चुनौतियों से अपनी फसलों की रक्षा करें और उत्पादन को स्थिर बनाए रखें।





