तमिलनाडू

जाति और धार्मिक संघर्ष रोकने के लिए वाइको का इक्वालिटी मार्च, एकता और भाईचारे पर जोर

SHIDDHANT
1 Jan 2026 9:15 PM IST
जाति और धार्मिक संघर्ष रोकने के लिए वाइको का इक्वालिटी मार्च, एकता और भाईचारे पर जोर
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Tamil Nadu तमिलनाडु: प्रमुख राजनीतिक दल MDMK (मर्दुनाथु मक्कल काच्ची) के महासचिव वाइको ने कहा है कि उन्होंने राज्य में तमिलों की जीवनयापन और कल्याण की सुरक्षा के लिए कई विरोध प्रदर्शन और मार्च किए हैं, जिनमें उन्हें सफलता भी मिली। उन्होंने चेतावनी दी कि अब कुछ तत्व तमिलनाडु में जाति और धार्मिक तनाव पैदा करने की कोशिश कर रहे हैं। वाइको ने आगामी दिन के लिए “इक्वालिटी मार्च” (Equality March) की घोषणा की है, जिसका मुख्य उद्देश्य तमिलनाडु में एकता और भाईचारे को बढ़ावा देना है। उन्होंने कहा, "हम तमिल लोगों की भलाई और राज्य के विकास के लिए हमेशा सक्रिय रहे हैं। आज भी हम देख रहे हैं कि कुछ लोग समाज में विभाजन पैदा करने की कोशिश कर रहे हैं। इसे रोकने के लिए मैं कल से इक्वालिटी मार्च शुरू करूंगा। इस मार्च के माध्यम से हम एकजुटता, समानता और भाईचारे का संदेश देंगे।"
वाइको ने पत्रकारों से बातचीत में बताया कि मार्च में केवल राजनीतिक नारा ही नहीं होगा, बल्कि सामाजिक जागरूकता और शिक्षा अभियान भी शामिल होंगे। उनका कहना है कि तमिलनाडु में शांति और सामाजिक सद्भाव बनाए रखना अत्यंत महत्वपूर्ण है, और इसके लिए हर नागरिक का सहयोग आवश्यक है। उन्होंने कहा कि MDMK हमेशा से राज्य में समानता और सामाजिक न्याय के पक्ष में रही है। वाइको ने जोर देकर कहा कि जाति या धर्म के नाम पर किसी भी तरह के संघर्ष को बढ़ावा देना राज्य की सामाजिक और आर्थिक प्रगति के लिए हानिकारक है। इस उद्देश्य के लिए, इक्वालिटी मार्च में युवाओं, महिलाओं और विभिन्न समुदायों के प्रतिनिधि भाग लेंगे।
वाइको ने बताया कि मार्च की शुरुआत त्रिची से होगी और यह राज्य के विभिन्न हिस्सों से होते हुए लोगों में एकता और भाईचारे का संदेश पहुंचाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि मार्च का मकसद केवल विरोध करना नहीं है, बल्कि लोगों में सामाजिक जागरूकता और समान अवसरों के प्रति जागरूकता बढ़ाना भी है। MDMK महासचिव ने यह भी बताया कि राज्य में पिछले कुछ समय में कई विकास कार्य हुए हैं, लेकिन कुछ राजनीतिक और सामाजिक तत्व विभाजनकारी रणनीतियों के माध्यम से जनता को भ्रमित करने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि इस तरह के प्रयासों का सामना करने के लिए सभी समाजिक वर्गों को एकजुट होना होगा।
वाइको ने कहा, "इक्वालिटी मार्च केवल एक प्रदर्शन नहीं है, बल्कि यह तमिलनाडु में समान अधिकार, समान अवसर और सामाजिक न्याय के लिए एक आंदोलन है। हम चाहते हैं कि सभी नागरिक एक साथ आएं और राज्य में शांति बनाए रखें। मार्च के दौरान वाइको और उनके सहयोगी समाज के विभिन्न वर्गों से बातचीत करेंगे, युवा वर्ग और छात्र समुदाय को जागरूक करेंगे और जाति और धर्म के आधार पर किसी भी प्रकार के भेदभाव के खिलाफ अभियान चलाएंगे। उन्होंने कहा कि राज्य में सामाजिक सद्भाव को बनाए रखने के लिए सक्रिय सहभागिता और सतर्कता अत्यंत आवश्यक है।
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