तमिलनाडू

UGC का निर्देश: यूनिवर्सिटीज़ आंगनवाड़ी अपनाएं

Kavita2
4 April 2026 9:24 AM IST
UGC का निर्देश: यूनिवर्सिटीज़ आंगनवाड़ी अपनाएं
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Tamil Nadu तमिलनाडु: देश में प्रारंभिक शिक्षा को मजबूत बनाने के उद्देश्य से यूनिवर्सिटी ग्रांट्स कमीशन (UGC) ने एक महत्वपूर्ण पहल की घोषणा की है। UGC ने देश भर की यूनिवर्सिटी और कॉलेजों को अपने आसपास स्थित आंगनवाड़ी केंद्रों को गोद लेने का निर्देश दिया है, ताकि छोटे बच्चों की शिक्षा और देखभाल में सुधार लाया जा सके।

इस संबंध में UGC के सचिव मनीष आर. जोशी ने सभी उच्च शिक्षण संस्थानों को एक सर्कुलर जारी किया है। इसमें कहा गया है कि केंद्र सरकार के निर्देशों के अनुसार हर विश्वविद्यालय और कॉलेज को अपने आसपास के कम से कम 5 से 6 आंगनवाड़ी केंद्रों को गोद लेना चाहिए। इन संस्थानों की जिम्मेदारी होगी कि वे इन केंद्रों पर पढ़ने वाले बच्चों को बेहतर शिक्षा, पोषण और समुचित देखभाल उपलब्ध कराने में सहयोग करें।

UGC ने अपने निर्देशों में यह भी स्पष्ट किया है कि इस पहल को केवल एक सामाजिक गतिविधि के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए, बल्कि इसे छात्रों के शैक्षणिक पाठ्यक्रम (करिकुलम) का हिस्सा बनाया जाए। इसके तहत कॉलेज और विश्वविद्यालय के छात्र आंगनवाड़ी केंद्रों का नियमित दौरा करेंगे और वहां फील्ड वर्क के माध्यम से बच्चों के साथ जुड़ेंगे।

यह पहल विशेष रूप से 3 से 6 वर्ष की आयु के बच्चों की प्रारंभिक शिक्षा को मजबूत करने के लिए शुरू की गई है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस आयु वर्ग में बच्चों के बौद्धिक और सामाजिक विकास की नींव रखी जाती है। ऐसे में उच्च शिक्षण संस्थानों की भागीदारी से इन केंद्रों में शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार संभव है।

UGC ने यह भी सुझाव दिया है कि विश्वविद्यालय और कॉलेज आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को शैक्षणिक मार्गदर्शन प्रदान करें। इसके तहत शिक्षण सामग्री, शिक्षण विधियों और बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए जरूरी संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित की जाएगी। साथ ही, समय-समय पर प्रशिक्षण और वर्कशॉप आयोजित कर आंगनवाड़ी स्टाफ की क्षमता बढ़ाने पर भी जोर दिया गया है।

इस पहल का एक और महत्वपूर्ण पहलू यह है कि इससे छात्रों में अनुभवात्मक शिक्षा (एक्सपीरिएंशियल लर्निंग) को बढ़ावा मिलेगा। छात्र वास्तविक जीवन की परिस्थितियों में काम करते हुए सामाजिक जिम्मेदारी को समझ पाएंगे और समाज के कमजोर वर्गों के प्रति संवेदनशील बनेंगे।

शिक्षा क्षेत्र से जुड़े विशेषज्ञों का कहना है कि यह कदम शिक्षा और समाज के बीच की दूरी को कम करने में मदद करेगा। इससे न केवल बच्चों को बेहतर प्रारंभिक शिक्षा मिलेगी, बल्कि उच्च शिक्षा प्राप्त कर रहे युवाओं को भी जमीनी स्तर पर काम करने का अनुभव प्राप्त होगा।

कुल मिलाकर, UGC की यह पहल देश में प्रारंभिक शिक्षा प्रणाली को सुदृढ़ करने और छात्रों में सामाजिक उत्तरदायित्व की भावना विकसित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।

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