तमिलनाडू

युवाओं के दमन पर उदयनिधि ने विजय को घेरा

Ratna Netam
16 Aug 2026 9:53 PM IST
युवाओं के दमन पर उदयनिधि ने विजय को घेरा
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चेन्नई। तमिलनाडु विधानसभा में विपक्ष के नेता और द्रविड़ मुनेत्र कषगम के वरिष्ठ नेता उदयनिधि स्टालिन ने मुख्यमंत्री विजय के नेतृत्व वाली तमिलगा वेत्री कषगम सरकार पर राजनीतिक विरोधियों और युवा कार्यकर्ताओं को निशाना बनाने का आरोप लगाया है। रविवार को डीएमके की कानूनी शाखा की बैठक को संबोधित करते हुए उदयनिधि ने दावा किया कि भाषण देने, शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने और सोशल मीडिया पर सरकार की आलोचना करने वाले लोगों के खिलाफ गिरफ्तारी की कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने प्रशासन के रवैये को फासीवादी बताते हुए कानूनी टीम से प्रभावित कार्यकर्ताओं की सहायता करने का आह्वान किया।
चेन्नई में आयोजित बैठक के दौरान उदयनिधि स्टालिन ने आरोप लगाया कि राज्य सरकार अपनी आलोचना सहन नहीं कर पा रही है। उनके मुताबिक, सरकार के खिलाफ बोलने या सोशल मीडिया पर कोई पोस्ट साझा करने पर पुलिस कार्रवाई का खतरा बना रहता है। उन्होंने कहा कि ऐसा प्रतीत होता है जैसे प्रशासन हर दिन यह तय करता है कि अगली गिरफ्तारी किसकी करनी है। उन्होंने इसे सरकार की असुरक्षा और विपक्ष की आवाज दबाने की कोशिश बताया।
उदयनिधि ने विशेष रूप से जेन-जी युवाओं का उल्लेख करते हुए दावा किया कि टीवीके सरकार युवा कार्यकर्ताओं के बढ़ते राजनीतिक हस्तक्षेप से भयभीत है। उन्होंने आरोप लगाया कि डीएमके की विचारधारा और विपक्ष के मुद्दों के समर्थन में आवाज उठाने वाले युवाओं को चुनकर निशाना बनाया जा रहा है। इससे उनके परिवारों में भय पैदा करने का प्रयास हो रहा है। उन्होंने डीएमके की कानूनी शाखा से कहा कि वह ऐसे युवाओं और राजनीतिक कार्यकर्ताओं के लिए मजबूत सुरक्षा कवच की तरह काम करे।
विपक्ष के नेता ने चार अगस्त को हुई अपनी गिरफ्तारी का भी जिक्र किया। उदयनिधि ने बताया कि पुलिस सुबह करीब आठ बजे उनके घर पहुंची थी। उनका दावा है कि अधिकारियों ने कार्रवाई को लेकर उन्हें संतोषजनक जवाब नहीं दिया। इसके बाद डीएमके की कानूनी टीम ने तेजी से मद्रास हाई कोर्ट का रुख किया और कानूनी सहायता उपलब्ध कराई। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, उदयनिधि को अभिनेत्री तृषा के संदर्भ में कथित आपत्तिजनक और द्विअर्थी टिप्पणी से जुड़े मामले में गिरफ्तार किया गया था। उदयनिधि ने आरोपों को राजनीतिक रूप से प्रेरित बताते हुए कानूनी लड़ाई लड़ने की बात कही थी।
बैठक में डीएमके की कानूनी इकाई ने मुख्यमंत्री विजय के नेतृत्व वाली सरकार के खिलाफ कई प्रस्ताव पारित किए। एक प्रस्ताव में तंजावुर में किसानों के मुद्दों और कावेरी जल विवाद को लेकर आयोजित प्रदर्शन के बाद उदयनिधि की गिरफ्तारी की निंदा की गई। डीएमके ने आरोप लगाया कि विपक्ष के नेता की गिरफ्तारी सरकार की आलोचना को दबाने के उद्देश्य से की गई थी। हालांकि, गिरफ्तारी से जुड़ा मामला कथित आपत्तिजनक टिप्पणी के आधार पर दर्ज किए जाने की बात सामने आई थी।
एक अन्य प्रस्ताव में सोशल मीडिया पर उदयनिधि स्टालिन के बारे में कथित अपमानजनक सामग्री प्रसारित करने वालों के खिलाफ कार्रवाई नहीं किए जाने पर राज्य सरकार की आलोचना की गई। कानूनी शाखा ने डीएमके और सहयोगी दलों के नेताओं के खिलाफ दर्ज मामलों से निपटने, विपक्ष की शिकायतों का कानूनी जवाब देने और सोशल मीडिया पर प्रसारित कथित दुष्प्रचार का मुकाबला करने की रणनीति पर भी चर्चा की। इसके साथ ही विधानसभा क्षेत्र स्तर पर पार्टी के वकीलों का नेटवर्क मजबूत करने पर जोर दिया गया। [
उदयनिधि के आरोपों ने तमिलनाडु में सरकार और मुख्य विपक्षी दल के बीच चल रहे राजनीतिक टकराव को और तेज कर दिया है। डीएमके गिरफ्तारी को राजनीतिक प्रतिशोध और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता से जोड़ रही है। वहीं, उदयनिधि के खिलाफ दर्ज मामले को कथित टिप्पणी और अभिनेत्री की गरिमा को ठेस पहुंचाने के आरोपों से संबंधित बताया गया है। फिलहाल टीवीके सरकार की ओर से बैठक में लगाए गए नए आरोपों पर विस्तृत प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
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