तमिलनाडू
उपचुनाव के बीच उदयनिधि स्टालिन की बढ़ीं मुश्किलें केस दर्ज
Ratna Netam
4 Oct 2026 4:36 PM IST

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तिरुप्पुर। तमिलनाडु के धारापुरम विधानसभा उपचुनाव के बीच विपक्ष के नेता उदयनिधि स्टालिन की मुश्किलें बढ़ गई हैं। तिरुप्पुर जिला पुलिस ने चुनाव प्रचार के दौरान एक नाबालिग बच्चे को कथित रूप से राजनीतिक गतिविधि में शामिल करने के आरोप में उदयनिधि स्टालिन के खिलाफ मामला दर्ज किया है। पुलिस का कहना है कि चुनाव आयोग के दिशा-निर्देशों के तहत बच्चों को चुनाव प्रचार या उससे जुड़ी गतिविधियों में शामिल करने पर रोक है।
पुलिस के मुताबिक यह मामला धारापुरम शहर में शनिवार को आयोजित एक चुनावी प्रचार कार्यक्रम से जुड़ा है। पेरियार की प्रतिमा के पास आयोजित प्रचार सभा में उदयनिधि स्टालिन शामिल हुए थे। आरोप है कि इसी दौरान एक नाबालिग लड़के को प्रचार वाहन पर चढ़ाया गया और उसे माइक देकर बोलने का मौका दिया गया।
पुलिस का आरोप है कि बच्चे ने अपने संबोधन के दौरान तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय को लेकर टिप्पणी की। बच्चे की ओर से “ओम काली... भद्र काली...” जैसे शब्द कहे जाने का भी उल्लेख किया गया है। पुलिस ने इसे चुनाव प्रचार के दौरान बच्चे के इस्तेमाल से जोड़ते हुए मामले में कार्रवाई की है।
तिरुप्पुर जिला पुलिस के अनुसार, चुनाव आयोग की ओर से राजनीतिक दलों और उम्मीदवारों के लिए स्पष्ट दिशा-निर्देश हैं कि चुनाव संबंधी किसी भी गतिविधि में बच्चों को शामिल नहीं किया जाना चाहिए। इसमें चुनावी रैलियां, प्रचार कार्यक्रम और अन्य राजनीतिक गतिविधियां शामिल हैं। इसी आधार पर धारापुरम पुलिस ने उदयनिधि स्टालिन के खिलाफ मामला दर्ज किया है।
पुलिस ने यह आरोप भी लगाया है कि बच्चे से इस तरह भाषण दिलवाया गया, जिसमें मुख्यमंत्री के खिलाफ अपमानजनक टिप्पणी की गई। हालांकि यह पुलिस का आरोप है और पूरे मामले की जांच अभी जारी है। जांच पूरी होने और कानूनी प्रक्रिया आगे बढ़ने के बाद ही मामले से जुड़े सभी तथ्यों की स्थिति स्पष्ट होगी।
धारापुरम में इन दिनों विधानसभा उपचुनाव को लेकर राजनीतिक गतिविधियां तेज हैं। अलग-अलग दलों के नेता अपने उम्मीदवारों के समर्थन में प्रचार कर रहे हैं। इसी चुनावी माहौल में उदयनिधि स्टालिन ने भी अपनी पार्टी के उम्मीदवार के समर्थन में प्रचार किया था।
प्रचार सभा के दौरान बच्चे को वाहन पर बुलाने और उससे भाषण दिलाने का मामला सामने आने के बाद पुलिस ने इसका संज्ञान लिया। पुलिस की ओर से जारी जानकारी में कहा गया है कि यह चुनावी दिशा-निर्देशों के उल्लंघन से जुड़ा मामला है। धारापुरम पुलिस स्टेशन में केस दर्ज कर आगे की जांच शुरू कर दी गई है।
चुनाव प्रचार में बच्चों के इस्तेमाल को लेकर निर्वाचन आयोग पहले भी राजनीतिक दलों को दिशा-निर्देश जारी करता रहा है। इसका उद्देश्य बच्चों को राजनीतिक प्रचार, नारेबाजी और चुनावी गतिविधियों से दूर रखना है। चुनाव के दौरान राजनीतिक दलों और उम्मीदवारों से इन नियमों का पालन करने की अपेक्षा की जाती है।
धारापुरम में उपचुनाव होने के कारण आदर्श आचार संहिता लागू है। ऐसे में प्रचार गतिविधियों पर चुनाव अधिकारियों और स्थानीय प्रशासन की नजर बनी हुई है। चुनावी सभा, जुलूस और प्रचार से जुड़े कार्यक्रमों में नियमों का उल्लंघन सामने आने पर संबंधित अधिकारियों द्वारा कार्रवाई की जा सकती है।
उदयनिधि स्टालिन के खिलाफ दर्ज मामले ने धारापुरम के चुनावी माहौल में एक नया राजनीतिक मुद्दा खड़ा कर दिया है। मामला सीधे तौर पर चुनाव प्रचार में बच्चे को शामिल करने के आरोप से जुड़ा होने के कारण इस पर राजनीतिक प्रतिक्रियाएं भी सामने आ सकती हैं।
पुलिस के मुताबिक घटना शनिवार की है, जबकि इसके बाद रविवार को मामला दर्ज किए जाने की जानकारी सामने आई। जांच के दौरान प्रचार कार्यक्रम से जुड़े उपलब्ध वीडियो, घटनास्थल पर मौजूद लोगों की जानकारी और अन्य तथ्यों की पड़ताल की जा सकती है।
उदयनिधि स्टालिन तमिलनाडु विधानसभा में विपक्ष के नेता हैं और धारापुरम में अपनी पार्टी के उम्मीदवार के समर्थन में प्रचार कर रहे थे। चुनाव प्रचार के दौरान उन्होंने राज्य सरकार और मुख्यमंत्री विजय को लेकर भी राजनीतिक हमले किए। इसी कार्यक्रम के दौरान बच्चे को प्रचार वाहन पर बुलाए जाने का आरोप अब कानूनी कार्रवाई का आधार बना है।
मामले में महत्वपूर्ण पहलू यह है कि आरोप एक नाबालिग को चुनावी गतिविधि में शामिल करने से संबंधित है। निर्वाचन प्रक्रिया में बच्चों की भागीदारी को लेकर निर्धारित नियमों के कारण पुलिस इस मामले को चुनाव आचार संहिता से जोड़कर देख रही है।
हालांकि मामला दर्ज होने का अर्थ आरोपों का साबित होना नहीं है। पुलिस द्वारा लगाए गए आरोपों की जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया के बाद ही जिम्मेदारी तय होगी। फिलहाल उदयनिधि स्टालिन के खिलाफ धारापुरम पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
धारापुरम उपचुनाव के कारण क्षेत्र में पहले से ही राजनीतिक सरगर्मी बढ़ी हुई है। सत्तारूढ़ और विपक्षी दल लगातार प्रचार अभियान चला रहे हैं। नेताओं के बयानों और चुनावी गतिविधियों को लेकर भी राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप तेज हैं।
ऐसे माहौल में उदयनिधि स्टालिन के खिलाफ दर्ज यह मामला चुनाव प्रचार के दौरान नियमों के पालन के मुद्दे को भी चर्चा में ले आया है। विशेष रूप से नाबालिगों को राजनीतिक कार्यक्रमों से दूर रखने से जुड़े चुनाव आयोग के निर्देश एक बार फिर केंद्र में आ गए हैं।
अब पुलिस की आगे की जांच पर नजर रहेगी। जांच में यह देखा जाएगा कि बच्चे को प्रचार वाहन पर किस परिस्थिति में बुलाया गया, उससे क्या कहलवाया गया और इस पूरे घटनाक्रम में किसकी क्या भूमिका रही। इसके आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई तय हो सकती है।
फिलहाल तिरुप्पुर जिला पुलिस ने धारापुरम में हुई चुनावी सभा के मामले में उदयनिधि स्टालिन के खिलाफ केस दर्ज किए जाने की पुष्टि की है। पुलिस का आरोप है कि चुनाव प्रचार में बच्चे को शामिल करके चुनाव आयोग के दिशा-निर्देशों का उल्लंघन किया गया। मामले की आगे की जांच जारी है।
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