तमिलनाडू
अनिता याद कार्यक्रम को मंजूरी न मिलने पर उदयनिधि का सरकार पर हमला
Ratna Netam
1 Sept 2026 4:43 PM IST

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चेन्नई : तमिलनाडु की राजनीति में NEET परीक्षा को लेकर एक बार फिर विवाद तेज हो गया है। NEET से जुड़े एक कैंडिडेट की पुण्यतिथि पर आयोजित होने वाले कार्यक्रम को अनुमति नहीं मिलने के बाद डीएमके नेता उदयनिधि स्टालिन ने राज्य की विजय सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार छात्रों के मुद्दों और उनकी भावनाओं को नजरअंदाज कर रही है।
उदयनिधि ने कहा कि NEET परीक्षा के कारण कई छात्रों को मानसिक दबाव और परेशानियों का सामना करना पड़ा है। ऐसे में छात्रों से जुड़े कार्यक्रमों को रोकना या अनुमति नहीं देना उचित नहीं है। उन्होंने सरकार से सवाल किया कि आखिर छात्रों की आवाज उठाने वाले कार्यक्रमों को क्यों रोका जा रहा है।
NEET विरोध की राजनीति फिर हुई तेज
तमिलनाडु में NEET लंबे समय से बड़ा राजनीतिक मुद्दा रहा है। डीएमके लगातार यह आरोप लगाती रही है कि राष्ट्रीय स्तर की यह परीक्षा ग्रामीण क्षेत्रों, सरकारी स्कूलों और आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के छात्रों के लिए मुश्किलें पैदा करती है। पार्टी का कहना है कि मेडिकल प्रवेश में राज्य बोर्ड के अंकों को ज्यादा महत्व दिया जाना चाहिए।
उदयनिधि स्टालिन पहले भी NEET के खिलाफ अभियान चला चुके हैं। डीएमके का तर्क रहा है कि परीक्षा व्यवस्था में सुधार की जरूरत है और छात्रों के हितों को प्राथमिकता मिलनी चाहिए।
विजय सरकार पर क्यों भड़के उदयनिधि?
उदयनिधि का हमला इसलिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि तमिलनाडु की राजनीति में अब NEET मुद्दा नई सरकार के सामने भी चुनौती बन गया है। मुख्यमंत्री विजय ने भी पहले NEET को लेकर सवाल उठाए थे और परीक्षा व्यवस्था में बदलाव की मांग की थी।
उदयनिधि ने आरोप लगाया कि सरकार ने छात्र हितों से जुड़े एक संवेदनशील मामले में सकारात्मक रवैया नहीं अपनाया। उन्होंने कहा कि छात्रों की समस्याओं को राजनीतिक नजरिए से नहीं बल्कि मानवीय दृष्टिकोण से देखना चाहिए।
NEET को लेकर जारी है सियासी टकराव
तमिलनाडु में NEET सिर्फ शिक्षा का मुद्दा नहीं बल्कि राजनीतिक बहस का केंद्र बन चुका है। डीएमके लंबे समय से केंद्र की NEET नीति का विरोध करती रही है, जबकि दूसरी ओर परीक्षा समर्थक पक्ष इसे देशभर में मेडिकल प्रवेश में समानता लाने वाला कदम बताते हैं।
राज्य में हर चुनाव के दौरान NEET एक बड़ा मुद्दा बनकर सामने आता है। राजनीतिक दल इसे छात्रों, अभिभावकों और युवाओं से जोड़कर अपनी रणनीति तैयार करते हैं।
छात्रों के भविष्य को लेकर उठ रहे सवाल
NEET परीक्षा में शामिल होने वाले लाखों छात्र हर साल मेडिकल सीटों के लिए प्रतिस्पर्धा करते हैं। परीक्षा प्रक्रिया, पेपर लीक और प्रवेश व्यवस्था को लेकर समय-समय पर सवाल उठते रहे हैं। तमिलनाडु के राजनीतिक दलों का कहना है कि ऐसी घटनाओं से छात्रों का भरोसा प्रभावित होता है।
उदयनिधि ने कहा कि छात्रों की आवाज दबाने के बजाय उनकी समस्याओं पर चर्चा होनी चाहिए। उन्होंने सरकार से मांग की कि वह छात्र संगठनों और प्रभावित परिवारों की चिंताओं को सुने।
आने वाले दिनों में बढ़ सकता है विवाद
NEET कैंडिडेट की पुण्यतिथि कार्यक्रम को अनुमति नहीं मिलने का मामला अब राजनीतिक रंग ले चुका है। डीएमके इस मुद्दे को छात्रों के अधिकार और संवेदनशीलता से जोड़ रही है, जबकि सरकार की ओर से इस मामले पर सफाई आने के बाद तस्वीर और स्पष्ट होगी।
तमिलनाडु में NEET को लेकर पहले से चली आ रही राजनीतिक खींचतान के बीच यह नया विवाद आने वाले समय में और तेज हो सकता है। छात्रों, शिक्षा व्यवस्था और परीक्षा सुधारों से जुड़े मुद्दे अब राज्य की राजनीति में फिर से केंद्र में आ गए हैं।
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