तमिलनाडू

तमिलनाडु चुनाव में TVK की जीत के बीच उम्मीदवारों की पहचान पर सवाल

Kavita2
5 May 2026 11:23 AM IST
तमिलनाडु चुनाव में TVK की जीत के बीच उम्मीदवारों की पहचान पर सवाल
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Tamil Nadu तमिलनाडु: तमिलनाडु विधानसभा चुनाव में एक्टर विजय की तमिलिगा वेत्री कझगम (TVK) पार्टी ने DMK और AIADMK जैसे बड़े राजनीतिक दलों को हराकर अप्रत्याशित जीत दर्ज की है। हालांकि, इस जीत के बीच कई मतदाताओं ने अपने स्थानीय TVK उम्मीदवारों की पहचान और चुनावी उपस्थिति को लेकर सवाल उठाए हैं।

कई वोटरों ने बताया कि उन्हें अपने क्षेत्र में TVK उम्मीदवारों के प्रचार अभियान की जानकारी नहीं मिली। कुछ लोगों का कहना है कि पार्टी के उम्मीदवारों ने न तो घर-घर जाकर प्रचार किया और न ही पर्चे बांटे, जिसके कारण आम जनता तक उनकी पहुंच सीमित रही। कई मतदाताओं ने यह भी कहा कि उन्हें अपने क्षेत्र के उम्मीदवार का नाम तक पता नहीं था।

द न्यू इंडियन एक्सप्रेस (TNIE) से बातचीत में TVK को वोट देने वाले कुछ लोगों ने स्वीकार किया कि उन्होंने उम्मीदवारों को कभी अपने इलाके में प्रचार करते नहीं देखा। कोरत्तूर की TNHB कॉलोनी में रहने वाली 32 वर्षीय आईटी कर्मचारी और दो बच्चों की मां एस. विद्यालक्ष्मी ने कहा कि उन्हें अपने क्षेत्र के TVK उम्मीदवार का नाम तक याद नहीं है।

इसी तरह अंबत्तूर विधानसभा क्षेत्र के एक निवासी ने बताया कि उन्होंने उम्मीदवार का नाम पहली बार मतदान केंद्र पर ही देखा। उन्होंने कहा कि उन्हें उम्मीदवारों के बारे में कोई जानकारी नहीं थी, लेकिन वे अभिनेता विजय के प्रति आकर्षण के कारण TVK को वोट देने के लिए प्रेरित हुए।

कई मतदाताओं ने स्पष्ट रूप से कहा कि उनका वोट उम्मीदवारों की बजाय पार्टी के नेता और अभिनेता विजय के समर्थन में था। लोगों के बीच यह भावना देखने को मिली कि उन्होंने व्यक्तिगत रूप से उम्मीदवारों को नहीं, बल्कि विजय के नेतृत्व और उनकी राजनीतिक छवि को प्राथमिकता दी।

विशेषज्ञों का मानना है कि यह चुनावी परिणाम एक “सेलिब्रिटी फैक्टर” की ओर संकेत करता है, जहां मतदाता स्थानीय मुद्दों या उम्मीदवारों के बजाय लोकप्रिय चेहरे के आधार पर मतदान करते हैं। हालांकि, इससे यह भी सवाल उठता है कि क्या जमीनी स्तर पर पार्टी संगठन और उम्मीदवारों की सक्रियता पर्याप्त थी या नहीं।

TVK की इस जीत ने राज्य की पारंपरिक राजनीति में बड़ा बदलाव दिखाया है, लेकिन साथ ही यह भी स्पष्ट किया है कि कई क्षेत्रों में उम्मीदवारों और मतदाताओं के बीच सीधा संवाद कमजोर रहा।

राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि यदि पार्टी को लंबे समय तक सफलता बनाए रखनी है, तो उसे स्थानीय स्तर पर संगठन को मजबूत करना और उम्मीदवारों की पहचान को और स्पष्ट करना होगा।

फिलहाल, यह चुनाव परिणाम एक ओर जहां विजय की लोकप्रियता को दर्शाता है, वहीं दूसरी ओर उम्मीदवारों की भूमिका और जमीनी प्रचार की कमी पर भी गंभीर सवाल खड़े करता है।

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