
चेन्नई : तमिलगा वेत्री कझगम (TVK) के श्रीवैकुंटम विधानसभा क्षेत्र से विधायक जी सरवनन ने बड़ा राजनीतिक आरोप लगाते हुए दावा किया है कि उन्हें सत्तारूढ़ दल छोड़कर DMK में शामिल होने के लिए 30 करोड़ रुपये से लेकर 100 करोड़ रुपये तक का ऑफर दिया गया था। विधायक ने यह भी आरोप लगाया कि ऑफर ठुकराने पर उन्हें जान से मारने की धमकियां दी गईं।
जी सरवनन ने दावा किया कि उनके पास कथित तौर पर की गई इन कोशिशों के पुख्ता सबूत मौजूद हैं। उन्होंने इसे राजनीतिक दलों में विधायकों को अपने पक्ष में करने की कोशिश यानी "हॉर्स-ट्रेडिंग" करार दिया।
विधायक ने किया बड़े ऑफर का दावा
TVK विधायक जी सरवनन ने मीडिया से बातचीत में कहा कि कई लोगों ने उनसे संपर्क किया और उन्हें बड़ी रकम की पेशकश की गई।
उन्होंने दावा किया कि संपर्क करने वाले लोगों ने उनसे कहा कि पार्टी बदलने के लिए उन्हें भारी आर्थिक लाभ दिया जाएगा। विधायक के मुताबिक, उन्हें 30 करोड़ रुपये, 50 करोड़ रुपये और यहां तक कि 100 करोड़ रुपये तक देने की बात कही गई।
सरवनन ने कहा कि उन्होंने इन सभी प्रस्तावों को ठुकरा दिया और अपने राजनीतिक सिद्धांतों से समझौता नहीं किया।
धमकी देने का भी लगाया आरोप
विधायक ने आरोप लगाया कि पैसे के प्रस्ताव को स्वीकार नहीं करने के बाद उन्हें धमकियां भी दी गईं। उन्होंने कहा कि उन्हें डराने और दबाव बनाने की कोशिश की गई।
हालांकि, उन्होंने धमकियों से जुड़ी विस्तृत जानकारी सार्वजनिक नहीं की है। उन्होंने कहा कि उनके पास इस पूरी घटना से जुड़े सबूत मौजूद हैं और जरूरत पड़ने पर उन्हें सामने रखा जाएगा।
"मेरे पास हैं सबूत"
जी सरवनन ने कहा कि यह केवल आरोप नहीं है, बल्कि उनके पास कथित तौर पर हुई बातचीत और संपर्कों से जुड़े प्रमाण हैं।
उन्होंने कहा कि वह उचित मंच पर इन सबूतों को पेश करेंगे। विधायक ने यह भी कहा कि लोकतंत्र में चुने गए प्रतिनिधियों को खरीदने की कोशिश गंभीर चिंता का विषय है।
राजनीतिक हलचल तेज
TVK विधायक के इस आरोप के बाद तमिलनाडु की राजनीति में हलचल तेज हो गई है। आरोपों ने राज्य में राजनीतिक बयानबाजी को बढ़ा दिया है।
हालांकि, इस मामले में DMK की ओर से अभी कोई विस्तृत प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। आरोपों की आधिकारिक पुष्टि भी नहीं हुई है।
हॉर्स-ट्रेडिंग का मुद्दा फिर चर्चा में
भारतीय राजनीति में "हॉर्स-ट्रेडिंग" शब्द का इस्तेमाल अक्सर तब किया जाता है, जब किसी निर्वाचित प्रतिनिधि को पैसे या अन्य लाभ देकर राजनीतिक समर्थन बदलने की कोशिशों के आरोप लगते हैं।
ऐसे आरोप कई बार राज्यों की राजनीति में सामने आते रहे हैं। हालांकि, किसी भी मामले में आरोपों की पुष्टि जांच और कानूनी प्रक्रिया के बाद ही होती है।
विधायक ने पार्टी बदलने से किया इनकार
सरवनन ने स्पष्ट किया कि वह अपने राजनीतिक रुख पर कायम हैं और किसी भी तरह के दबाव में आकर पार्टी बदलने का सवाल ही नहीं उठता।
उन्होंने कहा कि जनता ने उन्हें जिस भरोसे के साथ चुना है, वह उस जिम्मेदारी को निभाएंगे।
आगे की कार्रवाई पर नजर
अब सभी की नजर इस बात पर है कि विधायक जी सरवनन अपने दावों के समर्थन में किस तरह के सबूत पेश करते हैं और क्या इस मामले में कोई औपचारिक शिकायत दर्ज कराई जाती है।
यदि विधायक द्वारा लगाए गए आरोपों पर कोई कानूनी या राजनीतिक कार्रवाई होती है, तो यह मामला तमिलनाडु की राजनीति में बड़ा मुद्दा बन सकता है।
फिलहाल, TVK विधायक के आरोपों ने राज्य में राजनीतिक बहस को तेज कर दिया है और आने वाले दिनों में इस मामले पर और प्रतिक्रियाएं सामने आने की संभावना है।





