
चेन्नई: TVK सरकार ने गुरुवार को महिला किसानों को आधुनिक कृषि तकनीक से जोड़ने के लिए एक नई योजना शुरू करने की घोषणा की है। ‘वेट्री वानमगल’ (Vetri Vaanmagal) नाम की इस योजना के तहत महिला किसानों को ड्रोन संचालन की विशेष ट्रेनिंग दी जाएगी, ताकि खेती से जुड़े कामों को आसान और अधिक प्रभावी बनाया जा सके।
राज्य के कृषि मंत्री आर. विनोद ने विधानसभा में TVK सरकार का पहला कृषि बजट पेश करते हुए इस योजना की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में ड्रोन तकनीक कृषि क्षेत्र में तेजी से उपयोगी साबित हो रही है और इससे किसानों को समय, श्रम और लागत बचाने में मदद मिल सकती है।
मंत्री ने कहा कि भारत में ड्रोन तकनीक का इस्तेमाल अब केवल खेती तक सीमित नहीं है, बल्कि निर्माण क्षेत्र, माल ढुलाई, निगरानी व्यवस्था और आपदा प्रबंधन जैसे कई क्षेत्रों में भी इसके उपयोग की संभावनाएं बढ़ रही हैं। इससे युवाओं और महिलाओं के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा हो रहे हैं।
‘वेट्री वानमगल’ योजना का उद्देश्य महिला किसानों को तकनीकी रूप से सक्षम बनाना है। इसके माध्यम से उन्हें ड्रोन उड़ाने, उसका रखरखाव करने और कृषि कार्यों में उसके इस्तेमाल की जानकारी दी जाएगी। प्रशिक्षण प्राप्त करने के बाद महिला किसान खेतों में ड्रोन के जरिए कीटनाशक छिड़काव, फसल निगरानी और अन्य आधुनिक कृषि कार्य कर सकेंगी।
कृषि मंत्री ने कहा कि बदलते समय में खेती को अधिक लाभकारी और टिकाऊ बनाने के लिए नई तकनीकों को अपनाना जरूरी है। ड्रोन तकनीक किसानों को कम समय में अधिक क्षेत्र में काम करने में मदद कर सकती है। इससे खेती की प्रक्रिया तेज होगी और उत्पादन क्षमता में भी सुधार आने की उम्मीद है।
उन्होंने बताया कि कृषि क्षेत्र में ड्रोन के इस्तेमाल से कई काम आसान हो सकते हैं। पारंपरिक तरीके से खेतों में दवा या उर्वरक का छिड़काव करने में अधिक समय और मेहनत लगती है, जबकि ड्रोन के माध्यम से यह काम कम समय में और अधिक सटीक तरीके से किया जा सकता है।
सरकार का मानना है कि महिला किसानों को ड्रोन प्रशिक्षण देने से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी। महिलाएं न केवल अपने खेतों में इस तकनीक का उपयोग कर सकेंगी, बल्कि आवश्यकता पड़ने पर अन्य किसानों को ड्रोन सेवाएं उपलब्ध कराकर अतिरिक्त आय भी अर्जित कर सकती हैं।
कृषि बजट पेश करते हुए मंत्री ने आधुनिक कृषि को बढ़ावा देने और किसानों की आय बढ़ाने के लिए सरकार की योजनाओं का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि तकनीक आधारित खेती आने वाले समय की जरूरत है और सरकार किसानों को इसके लिए तैयार करने की दिशा में काम कर रही है।
विशेषज्ञों का कहना है कि कृषि क्षेत्र में ड्रोन का उपयोग तेजी से बढ़ रहा है। इससे फसल की निगरानी, मिट्टी की स्थिति का आकलन, कीटनाशक और उर्वरक के सही इस्तेमाल जैसे कार्यों में सहायता मिलती है। हालांकि, इसके लिए किसानों को तकनीकी प्रशिक्षण और जागरूकता की आवश्यकता होती है।
महिला किसानों के लिए शुरू की जा रही इस योजना को ग्रामीण महिलाओं को सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। इससे उन्हें खेती में नई भूमिका निभाने का अवसर मिलेगा और वे आधुनिक कृषि प्रणाली का हिस्सा बन सकेंगी।
सरकार की योजना है कि प्रशिक्षण कार्यक्रमों के माध्यम से अधिक से अधिक महिला किसानों को ड्रोन तकनीक से जोड़ा जाए। इसके लिए चरणबद्ध तरीके से प्रशिक्षण शिविर आयोजित किए जाएंगे और उन्हें आवश्यक तकनीकी जानकारी उपलब्ध कराई जाएगी।
कृषि विशेषज्ञों के अनुसार, भारत में कृषि क्षेत्र में तकनीकी बदलाव तेजी से हो रहे हैं। ड्रोन, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और डिजिटल कृषि जैसी तकनीकों का इस्तेमाल भविष्य में खेती को अधिक उत्पादक और लाभकारी बना सकता है।
‘वेट्री वानमगल’ योजना के जरिए TVK सरकार ने महिला किसानों को आधुनिक तकनीक से जोड़ने की पहल की है। सरकार का दावा है कि यह योजना महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के साथ-साथ कृषि क्षेत्र में नई संभावनाओं को बढ़ावा देगी।
कुल मिलाकर, महिला किसानों को ड्रोन संचालन की ट्रेनिंग देने वाली यह योजना खेती में तकनीकी बदलाव और महिला सशक्तिकरण दोनों को बढ़ावा देने की दिशा में एक अहम कदम मानी जा रही है। आने वाले समय में इसके प्रभाव का आकलन प्रशिक्षण प्राप्त करने वाली महिलाओं और कृषि उत्पादन में होने वाले बदलावों से किया जाएगा।





