तमिलनाडू

TVK में शामिल होने के मामले में AIADMK के चार पूर्व विधायकों को राहत मिली

Subhi
6 Nov 2026 11:11 AM IST
TVK में शामिल होने के मामले में AIADMK के चार पूर्व विधायकों को राहत मिली
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नई दिल्ली: सुप्रीम कोर्ट ने AIADMK के चार पूर्व विधायकों के खिलाफ दायर मामले को खारिज कर दिया है। इन विधायकों ने इस्तीफा देकर TVK पार्टी जॉइन कर ली थी।

यह मामला मरागाथम कुमारवेल, सत्यभामा, इसक्की सुब्बैया और जयकुमार के खिलाफ दायर किया गया था। आरोप था कि AIADMK के इन विधायकों ने इस्तीफा देकर दूसरी पार्टी का दामन थाम लिया है।

इन चारों नेताओं ने AIADMK की ओर से तमिलनाडु विधानसभा चुनाव लड़ा था और जीत हासिल की थी। मरागाथम कुमारवेल मदुरांतकम से, सत्यभामा धारापुरम से, इसक्की सुब्बैया अंबासमुद्रम से और जयकुमार पेरुंदुरई से जीते थे।

जीत के बाद, उन्होंने अपने विधायक पद से इस्तीफा दे दिया और TVK पार्टी में शामिल हो गए, जिसके बाद उनके खिलाफ मामले दर्ज किए गए।

पिछले साल जून में सेल्वाकुमार ने सुप्रीम कोर्ट में एक याचिका दायर की थी। उन्होंने मांग की थी कि पार्टी बदलने वाले इन चार लोगों को चुनाव लड़ने से रोका जाए।

सेल्वाकुमार का तर्क था कि इस्तीफा देना और TVK में शामिल होना, दल-बदल (defection) का स्पष्ट मामला है, इसलिए इन चारों को चुनाव लड़ने की अनुमति नहीं दी जानी चाहिए।

हालांकि, सुप्रीम कोर्ट ने इन चार पूर्व विधायकों के खिलाफ दायर मामले को खारिज कर दिया।

इस आदेश के साथ ही सेल्वाकुमार की वह याचिका भी खत्म हो गई है, जिसमें उन्होंने इन चारों के चुनाव लड़ने पर रोक लगाने की मांग की थी।

TVK में शामिल होने से पहले, मरागाथम कुमारवेल, सत्यभामा, इसक्की सुब्बैया और जयकुमार ने क्रमशः मदुरांतकम, धारापुरम, अंबासमुद्रम और पेरुंदुरई से अपने विधायक पदों से इस्तीफा दे दिया था।

इसके अलावा, 26 अक्टूबर को भी सुप्रीम कोर्ट ने एम. श्रीनिवासन की एक रिट याचिका को खारिज कर दिया था। वकील के. सुथन के जरिए दायर इस याचिका में मद्रास हाई कोर्ट के उस आदेश को चुनौती दी गई थी, जिसमें उनकी अर्जी खारिज कर दी गई थी।

याचिकाकर्ता ने CBI को निर्देश देने की मांग की थी कि वह AIADMK के पूर्व विधायकों - एन. आनंद (उर्फ बुसी एन. आनंद), के. मरागाथम कुमारवेल, एस. जयकुमार, पी. सत्यभामा और ई. सुब्बैया (उर्फ इसक्की सुब्बैया) के खिलाफ FIR दर्ज करे। उन पर आरोप था कि उन्होंने तमिलनाडु विधानसभा में बहुमत साबित करने के लिए 'हॉर्स ट्रेडिंग' (विधायकों की खरीद-फरोख्त) में हिस्सा लिया था। सर्वोच्च न्यायालय ने पूरी घटनाक्रम को "राजनीतिक प्रक्रिया का हिस्सा" बताया और यह कहते हुए हस्तक्षेप करने से इनकार कर दिया कि "याचिका में कोई दम नहीं है।"

यह मामला ऑल इंडिया अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (AIADMK) के छह विधायकों से जुड़ा था, जिन्होंने विधानसभा में एक महत्वपूर्ण मतदान के दौरान पार्टी व्हिप के खिलाफ वोट दिया था और बाद में अपना इस्तीफा सौंप दिया था। कुछ दिनों बाद, वे मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय के नेतृत्व वाली TVK में शामिल हो गए। न्यायालय का यह आदेश इन 6 AIADMK विधायकों के लिए एक बड़ी राहत था।



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