तमिलनाडू

विजय को PM बनाने का दावा कांग्रेस और TVK में फिर बढ़ी खींचतान

Ratna Netam
2 Sept 2026 6:43 PM IST
विजय को PM बनाने का दावा कांग्रेस और TVK में फिर बढ़ी खींचतान
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चेन्नई। तमिलनाडु की राजनीति में 2029 के लोकसभा चुनाव और प्रधानमंत्री पद के संभावित चेहरे को लेकर सियासी बयानबाजी तेज हो गई है। मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय को भविष्य में प्रधानमंत्री बनाने की मांग के बीच तमिझगा वेत्री कझगम (TVK) की विधायक **कनिमोझी संतोष** ने बड़ा दावा किया है। उन्होंने कहा कि जिस तरह राहुल गांधी ने विजय को मुख्यमंत्री बनने में साथ दिया, उसी तरह 2029 में राहुल गांधी खुद विजय का हाथ पकड़कर उन्हें प्रधानमंत्री बनाएंगे।
कनिमोझी संतोष का यह बयान ऐसे समय आया है, जब तमिलनाडु के सत्तारूढ़ गठबंधन में शामिल कांग्रेस और TVK के नेताओं के बीच 2029 के प्रधानमंत्री पद के चेहरे को लेकर अलग-अलग दावे सामने आ रहे हैं। कांग्रेस नेता राहुल गांधी को विपक्ष की ओर से प्रधानमंत्री पद का चेहरा बता रहे हैं, जबकि TVK के कई नेता विजय को भविष्य का प्रधानमंत्री बताकर उनके पक्ष में माहौल तैयार कर रहे हैं।
कनिमोझी संतोष ने क्या कहा?
मीडिया से बातचीत के दौरान TVK विधायक कनिमोझी संतोष ने दावा किया कि 2029 में विजय प्रधानमंत्री बनेंगे। उन्होंने राहुल गांधी और विजय के राजनीतिक संबंधों का जिक्र करते हुए कहा कि राहुल गांधी ने विजय को मुख्यमंत्री बनाया और इसी तरह वह 2029 में उनका हाथ पकड़कर प्रधानमंत्री भी बनाएंगे।
कनिमोझी संतोष के बयान ने तमिलनाडु की राजनीति में नई चर्चा शुरू कर दी है। इसे सिर्फ विजय के समर्थन में दिया गया बयान नहीं माना जा रहा, बल्कि 2029 के लोकसभा चुनाव को लेकर TVK के भीतर चल रही राजनीतिक सोच से भी जोड़कर देखा जा रहा है।
हालांकि यह किसी गठबंधन का औपचारिक फैसला नहीं, बल्कि कनिमोझी संतोष का राजनीतिक दावा है। प्रधानमंत्री पद की उम्मीदवारी को लेकर कांग्रेस और TVK के नेताओं की तरफ से परस्पर विरोधी बयान सामने आए हैं।
TVK में उठ रही विजय को PM बनाने की मांग
विजय को भविष्य का प्रधानमंत्री बताने वाली कनिमोझी संतोष अकेली नेता नहीं हैं। पिछले कुछ समय में TVK के दूसरे नेताओं ने भी इसी तरह के बयान दिए हैं।
18 अगस्त को तमिलनाडु विधानसभा में मानव संसाधन प्रबंधन विभाग की अनुदान मांगों पर चर्चा के दौरान मंत्री सरथकुमार ने विजय को भविष्य का प्रधानमंत्री बताया था। इसके बाद 22 अगस्त को विरुधुनगर में एक कार्यक्रम के दौरान समाज कल्याण मंत्री जगदीश्वरी ने भी विजय के राजनीतिक भविष्य को लेकर इसी तरह का दावा किया।
इन बयानों से साफ है कि TVK के भीतर विजय को राज्य की राजनीति से आगे राष्ट्रीय स्तर पर बड़ी भूमिका में देखने की आवाजें लगातार मजबूत हो रही हैं।
विजय की लोकप्रियता और उनके फिल्मी करियर से बने व्यापक प्रशंसक आधार को देखते हुए समर्थक उन्हें राष्ट्रीय राजनीति में आगे बढ़ाने की संभावनाएं तलाश रहे हैं। लेकिन प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार का सवाल गठबंधन की राजनीति से जुड़ा होने के कारण मामला इतना आसान नहीं है।
कांग्रेस का रुख बिल्कुल अलग
TVK नेताओं की तरफ से विजय को प्रधानमंत्री बनाने की मांग के बीच कांग्रेस नेताओं ने राहुल गांधी के पक्ष में मजबूती से आवाज उठाई है।
तमिलनाडु कांग्रेस से जुड़े नेताओं ने साफ किया है कि 2029 के लोकसभा चुनाव में उनकी पसंद राहुल गांधी हैं। हाल ही में तमिलनाडु की कांग्रेस विधायक दल की नेता थाराहाई कथबर्ट ने दावा किया था कि मुख्यमंत्री विजय भी गठबंधन की तरफ से राहुल गांधी को प्रधानमंत्री पद के लिए उपयुक्त चेहरा मानते हैं।
उन्होंने यहां तक कहा था कि यदि TVK राहुल गांधी को प्रधानमंत्री पद का उम्मीदवार स्वीकार नहीं करती है तो कांग्रेस के दोनों मंत्री राज्य मंत्रिमंडल से इस्तीफा दे देंगे। उनके मुताबिक कांग्रेस इस मुद्दे पर अपने रुख से समझौता नहीं करेगी।
यानी एक तरफ कांग्रेस नेता दावा कर रहे हैं कि विजय राहुल गांधी को प्रधानमंत्री पद का उम्मीदवार मानते हैं, तो दूसरी तरफ TVK की विधायक कह रही हैं कि राहुल गांधी ही विजय को प्रधानमंत्री बनाएंगे।
यही विरोधाभासी बयान अब तमिलनाडु की राजनीति में चर्चा का बड़ा विषय बन गया है।
प्रधानमंत्री के चेहरे को लेकर बढ़ी खींचतान
2029 के लोकसभा चुनाव में अभी काफी समय बाकी है, लेकिन तमिलनाडु में प्रधानमंत्री पद के चेहरे को लेकर बयानबाजी पहले ही शुरू हो चुकी है।
कांग्रेस की तरफ से राहुल गांधी को आगे रखने की बात की जा रही है। 28 अगस्त को तमिलनाडु के मंत्री पी. विश्वनाथन ने भी कहा था कि 2029 के लिए राहुल गांधी ही INDIA गठबंधन की ओर से प्रधानमंत्री पद की पसंद हैं।
दूसरी तरफ TVK के नेताओं का एक वर्ग विजय को राष्ट्रीय राजनीति में आगे बढ़ाने की बात कर रहा है। इससे आने वाले समय में गठबंधन के अंदर राजनीतिक दबाव बढ़ सकता है।
हालांकि अभी तक ऐसी कोई औपचारिक घोषणा सामने नहीं आई है कि 2029 में गठबंधन की तरफ से प्रधानमंत्री पद का उम्मीदवार कौन होगा।
विजय की राष्ट्रीय महत्वाकांक्षा पर चर्चा
अभिनेता से राजनेता बने विजय की राजनीतिक यात्रा पर पूरे देश की नजर है। तमिलनाडु की सत्ता तक पहुंचने के बाद उनके समर्थकों की महत्वाकांक्षा भी बढ़ी है। अब पार्टी के कई नेता विजय को सिर्फ तमिलनाडु तक सीमित रखने के बजाय राष्ट्रीय स्तर पर पेश करने की बात कर रहे हैं।
TVK नेताओं के हालिया बयानों ने इन्हीं अटकलों को और हवा दी है।
19 अगस्त को भी विजय को प्रधानमंत्री पद का संभावित उम्मीदवार बनाए जाने की चर्चाएं सामने आई थीं। उस समय यह सवाल उठा था कि अगर TVK विजय को राष्ट्रीय स्तर पर आगे करती है तो कांग्रेस और राहुल गांधी के साथ उसके राजनीतिक रिश्तों पर क्या असर पड़ेगा।
अब कनिमोझी संतोष के बयान ने इस बहस को एक नया मोड़ दे दिया है। उन्होंने राहुल गांधी और विजय को आमने-सामने रखने के बजाय दावा किया कि राहुल गांधी ही विजय को प्रधानमंत्री बनने में मदद करेंगे।
कांग्रेस के लिए क्यों अहम है मामला?
तमिलनाडु में कांग्रेस और TVK सत्ता में सहयोगी हैं। ऐसे में दोनों पार्टियों के बीच राज्य स्तर पर तालमेल बनाए रखना जरूरी है। लेकिन राष्ट्रीय चुनाव में प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार का सवाल राजनीतिक रूप से कहीं ज्यादा संवेदनशील हो सकता है।
अगर TVK आने वाले वर्षों में औपचारिक रूप से विजय को प्रधानमंत्री पद के लिए आगे बढ़ाती है तो कांग्रेस के लिए इसे स्वीकार करना आसान नहीं होगा। कांग्रेस के नेता पहले से राहुल गांधी के नाम पर जोर दे रहे हैं।
इसी वजह से दोनों पार्टियों के नेताओं के बयानों पर बारीकी से नजर रखी जा रही है।
क्या राहुल गांधी ने विजय को PM बनाने की बात कही है?
यहां सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि **राहुल गांधी की तरफ से ऐसा कोई बयान सामने नहीं आया है कि वह विजय को 2029 में प्रधानमंत्री बनाएंगे।** यह दावा TVK विधायक कनिमोझी संतोष ने किया है। उपलब्ध रिपोर्टों में इसे उनकी भविष्यवाणी या राजनीतिक दावा बताया गया है।
इसलिए इसे राहुल गांधी या कांग्रेस की आधिकारिक घोषणा नहीं माना जाना चाहिए।
इसी तरह अभी यह भी तय नहीं है कि 2029 के लोकसभा चुनाव में विपक्षी गठबंधन का प्रधानमंत्री पद का उम्मीदवार कौन होगा। चुनाव में काफी समय बाकी होने के कारण राजनीतिक समीकरण भी बदल सकते हैं।
2029 से पहले ही शुरू हुई राजनीतिक बिसात
तमिलनाडु में चल रही यह बयानबाजी दिखाती है कि राजनीतिक दल 2029 के लोकसभा चुनाव की रणनीति को लेकर अभी से अपनी-अपनी स्थिति मजबूत करने की कोशिश कर रहे हैं। विजय के समर्थक उन्हें राष्ट्रीय स्तर पर आगे बढ़ाना चाहते हैं, जबकि कांग्रेस राहुल गांधी के नेतृत्व को लेकर अपना रुख स्पष्ट कर रही है।
फिलहाल कनिमोझी संतोष का दावा राजनीतिक चर्चा का केंद्र बन गया है। उन्होंने विजय को 2029 का प्रधानमंत्री बताने के साथ राहुल गांधी को भी इस राजनीतिक कहानी का अहम किरदार बना दिया है।
अब देखने वाली बात होगी कि कांग्रेस और TVK का शीर्ष नेतृत्व इन बयानों पर क्या रुख अपनाता है और आने वाले समय में दोनों सहयोगी दल प्रधानमंत्री पद के चेहरे को लेकर कोई साझा रणनीति बनाते हैं या यह बयानबाजी आगे और तेज होती है।
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