
Tamil Nadu तमिलनाडु: अम्मा मक्कल मुनेत्र कड़गम (AMMK) के महासचिव टीटीवी दिनाकरन ने हाल ही में हुए विधानसभा चुनावों के बाद तमिलनाडु की राजनीतिक स्थिति को लेकर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने सत्ताधारी तमिलनाडु वेत्री कलगम (TVK) पर राजनीतिक समर्थन हासिल करने के लिए ‘हॉर्स ट्रेडिंग’ करने का आरोप लगाया है।
तिरुचिरापल्ली में पत्रकारों से बातचीत के दौरान दिनाकरन ने दावा किया कि यदि TVK से जुड़े किसी AMMK विधायक को मंत्री पद दिया जाता है, तो उनकी पार्टी इस पूरे मामले की केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) से जांच कराने की मांग करेगी। उन्होंने कहा कि TVK की पूरी राजनीतिक रणनीति ही हॉर्स ट्रेडिंग पर आधारित है।
दिनाकरन ने TVK और उसके नेतृत्व पर तंज कसते हुए कहा कि यह तरीका लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ है और इससे राजनीतिक नैतिकता पर सवाल उठते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव के बाद विधायकों को प्रभावित करने और समर्थन हासिल करने के लिए सौदेबाजी की जा रही है।
उन्होंने TVK प्रमुख और तमिलनाडु के मुख्यमंत्री का नाम लेते हुए व्यंग्य करते हुए कहा, “विजय कहते हैं कि वे घोड़े की स्पीड से काम करेंगे, लेकिन उन्होंने मोलभाव करके घोड़ा खरीदा है।” इस बयान को लेकर राजनीतिक हलकों में चर्चा तेज हो गई है।
इसके अलावा दिनाकरन ने मन्नारगुडी के विधायक कामराज पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि कामराज के हालिया बयान एक प्रकार की प्रतिक्रिया हैं और उनके पास इस बात की जानकारी है कि कार के अंदर दस्तावेजों पर साइन करते हुए उनका वीडियो किसने रिकॉर्ड किया था।
दिनाकरन के इन आरोपों के बाद तमिलनाडु की राजनीति में हलचल तेज हो गई है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह बयानबाजी आगामी राजनीतिक समीकरणों और गठबंधनों को प्रभावित कर सकती है।
फिलहाल TVK की ओर से इन आरोपों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। वहीं, AMMK ने मामले की निष्पक्ष जांच की मांग दोहराई है।
कुल मिलाकर, दिनाकरन के बयान ने राज्य की राजनीति में नया विवाद खड़ा कर दिया है, जिससे सत्तापक्ष और विपक्ष के बीच तनाव और बढ़ने की संभावना है।





