तमिलनाडू
करूर भगदड़ के एक साल पूरे 41 मृतकों को दी गई श्रद्धांजलि
Ratna Netam
27 Sept 2026 2:17 PM IST

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करूर। तमिलनाडु के करूर जिले में एक साल पहले हुई दर्दनाक भगदड़ की घटना की रविवार को पहली बरसी मनाई गई। इस मौके पर जिले के अलग-अलग हिस्सों में श्रद्धांजलि सभाओं का आयोजन किया गया। हादसे में जान गंवाने वाले 41 लोगों को उनके परिवारों, समर्थकों और स्थानीय लोगों ने याद किया। श्रद्धांजलि कार्यक्रमों में बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए और मृतकों को श्रद्धांजलि अर्पित की।करूर जिले के वेलुसामीपुरम में 27 सितंबर 2025 को हुई इस घटना ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया था। एक राजनीतिक रैली के दौरान अचानक भगदड़ मच गई थी। इस हादसे में 41 लोगों की जान चली गई थी, जबकि 100 से अधिक लोग घायल हुए थे। मृतकों में बच्चे भी शामिल थे। घटना के एक साल बाद भी पीड़ित परिवारों के लिए उस दिन की यादें ताजा हैं।
रविवार को पहली बरसी के मौके पर मृतकों के परिजनों के साथ बड़ी संख्या में स्थानीय लोग श्रद्धांजलि देने पहुंचे। लोगों ने मृतकों को याद करते हुए उनके प्रति संवेदना व्यक्त की। कई परिवारों के लिए यह दिन एक बार फिर उस दर्दनाक घटना की याद लेकर आया, जिसमें उन्होंने अपने करीबियों को खो दिया था।यह हादसा उस समय हुआ था जब तत्कालीन TVK प्रमुख सी. जोसेफ विजय वेलुसामीपुरम में आयोजित एक राजनीतिक रैली को संबोधित कर रहे थे। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में लोग पहुंचे थे। इसी दौरान भीड़ में अचानक भगदड़ मच गई। स्थिति तेजी से बिगड़ने के कारण कई लोग भीड़ में फंस गए और बड़ी संख्या में लोग घायल हो गए।
भगदड़ में 41 लोगों की मौत ने पूरे करूर जिले को शोक में डुबो दिया था। हादसे की गंभीरता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि इसमें 100 से अधिक लोग घायल हुए थे। इनमें अलग-अलग उम्र के लोग शामिल थे। हादसे में बच्चों की मौत ने घटना को और भी दुखद बना दिया था।घटना के बाद भगदड़ के कारणों और इसके लिए जिम्मेदार परिस्थितियों को लेकर जांच शुरू हुई। मामले ने बड़े स्तर पर ध्यान खींचा और इसकी जांच को लेकर भी चर्चा हुई। बाद में सुप्रीम कोर्ट ने मामले की जांच केंद्रीय जांच ब्यूरो यानी CBI को सौंपने का आदेश दिया। इसके बाद घटना से जुड़े विभिन्न पहलुओं की जांच की जिम्मेदारी CBI के पास चली गई।
पहली बरसी पर आयोजित श्रद्धांजलि कार्यक्रमों में हादसे में जान गंवाने वाले सभी 41 लोगों को याद किया गया। परिवारों के साथ समर्थकों और स्थानीय नागरिकों ने भी श्रद्धांजलि अर्पित की। एक साल बीत जाने के बावजूद हादसे का दर्द प्रभावित परिवारों और स्थानीय लोगों के बीच बना हुआ है।27 सितंबर 2025 का दिन करूर के लिए एक दुखद तारीख के रूप में दर्ज हो गया। राजनीतिक रैली में शामिल होने पहुंचे लोगों में से किसी ने भी ऐसी घटना की कल्पना नहीं की थी। अचानक मची भगदड़ के कारण देखते ही देखते पूरा माहौल बदल गया। बड़ी संख्या में लोग घायल हुए और कई परिवारों ने अपने सदस्यों को खो दिया।
हादसे के बाद घायलों को उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया गया था। घटना में 100 से ज्यादा लोगों के घायल होने के कारण इसका असर व्यापक रहा। हादसे में बच्चों सहित 41 लोगों की मौत होने से पूरे जिले में शोक का माहौल बन गया था।एक साल बाद रविवार को जब पहली बरसी मनाई गई तो एक बार फिर वेलुसामीपुरम की उस घटना की यादें ताजा हो गईं। मृतकों के परिवारों ने अपने प्रियजनों को याद किया। श्रद्धांजलि सभाओं में पहुंचे लोगों ने भी हादसे में जान गंवाने वालों के प्रति सम्मान व्यक्त किया।
इस घटना के बाद राजनीतिक कार्यक्रमों और बड़ी भीड़ वाले आयोजनों में सुरक्षा तथा भीड़ प्रबंधन जैसे मुद्दों पर भी ध्यान गया था। किसी भी बड़े आयोजन में बड़ी संख्या में लोगों की मौजूदगी के दौरान सुरक्षा व्यवस्था महत्वपूर्ण होती है। करूर की घटना में हुई भारी जनहानि ने इस हादसे को बेहद गंभीर बना दिया था।मामले की जांच CBI को सौंपे जाने का आदेश सुप्रीम कोर्ट ने दिया था। जांच का उद्देश्य घटना से जुड़े तथ्यों और परिस्थितियों की पड़ताल करना था। हादसे के बाद से ही पीड़ित परिवारों और स्थानीय लोगों की नजर इस मामले से जुड़े घटनाक्रम पर बनी रही।
रविवार को आयोजित कार्यक्रमों में लोगों ने 41 मृतकों की स्मृति में श्रद्धांजलि अर्पित की। पहली बरसी केवल हादसे को याद करने का अवसर नहीं रही, बल्कि उन परिवारों के दुख को भी सामने लेकर आई जिन्होंने इस घटना में अपने प्रियजनों को खो दिया था।करूर भगदड़ को एक साल पूरा हो चुका है, लेकिन हादसे में जान गंवाने वाले लोगों की याद आज भी उनके परिवारों और स्थानीय लोगों के बीच बनी हुई है। पहली बरसी पर पूरे जिले में श्रद्धांजलि कार्यक्रमों के जरिए 41 मृतकों को याद किया गया और उनके प्रति संवेदना व्यक्त की गई।
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