तमिलनाडू

TNCC प्रमुख ने रेलवे में नौकरी कटौती पर केंद्र को घेरा

Payal
27 April 2026 3:47 PM IST
TNCC प्रमुख ने रेलवे में नौकरी कटौती पर केंद्र को घेरा
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Tamil Nadu.तमिलनाडु: तमिलनाडु कांग्रेस कमेटी (TNCC) के प्रमुख ने हाल ही में रेलवे में नौकरियों की कटौती की योजना को लेकर केंद्र सरकार की तीखी आलोचना की है। उन्होंने कहा कि यह कदम सीधे तौर पर युवाओं के रोजगार के अवसरों को प्रभावित करेगा और बेरोजगारी की समस्या को और गहरा करेगा।

TNCC प्रमुख ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि रेलवे भारत के सबसे बड़े नियोक्ताओं में से एक है और यहां नौकरी पाने की चाह रखने वाले लाखों युवाओं के लिए यह कटौती चिंता का विषय है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि केंद्र सरकार की यह नीति केवल खर्च में कटौती करने के उद्देश्य से ली गई है, जबकि देश के युवाओं के हितों को नजरअंदाज किया जा रहा है।
उन्होंने कहा, “रेलवे नौकरियों में कटौती से तमिलनाडु और अन्य राज्यों के युवाओं पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा। यह कदम सरकार की रोजगार सृजन नीतियों में असफलता को दर्शाता है और युवाओं के भविष्य के लिए खतरा है।” TNCC प्रमुख ने यह भी सुझाव दिया कि सरकार को युवाओं के लिए स्थायी और सुरक्षित रोजगार के अवसर सुनिश्चित करने चाहिए, न कि उन्हें सीमित करना।
विशेषज्ञों के अनुसार, रेलवे में नौकरियों की कटौती कई कारणों से हो सकती है, जिनमें डिजिटलाइजेशन और तकनीकी सुधार शामिल हैं। हालांकि, राजनीतिक दलों और युवाओं के बीच इस कदम को लेकर चिंता व्यक्त की जा रही है। TNCC प्रमुख ने केंद्र सरकार से मांग की है कि वह इस फैसले को दोबारा विचार करे और युवाओं के हितों को प्राथमिकता दे।
उन्होंने यह भी कहा कि युवाओं की भलाई और रोजगार सुरक्षा के बिना किसी भी विकास की योजना अधूरी है। TNCC प्रमुख ने चेतावनी दी कि अगर केंद्र ने इस निर्णय को लागू किया, तो तमिलनाडु में कांग्रेस पार्टी इसके खिलाफ सशक्त आंदोलन करेगी और युवाओं के हक के लिए आवाज उठाएगी।
इस अवसर पर TNCC प्रमुख ने युवाओं से अपील की कि वे अपने अधिकारों के प्रति जागरूक रहें और सरकार से रोजगार के सुरक्षित अवसर सुनिश्चित करने की मांग करें। उन्होंने कहा कि रेलवे जैसे सार्वजनिक क्षेत्र में नौकरियों की कटौती का प्रभाव केवल बेरोजगारों पर नहीं, बल्कि पूरे समाज और अर्थव्यवस्था पर पड़ सकता है।
TNCC प्रमुख के बयान से यह स्पष्ट हो गया है कि रोजगार और युवाओं के हित केंद्र और राज्यों की नीतियों में संवेदनशील मुद्दा बने हुए हैं। उन्होंने कहा कि केवल कटौती करने से समस्या हल नहीं होगी, बल्कि युवाओं के कौशल विकास और रोजगार सृजन के लिए दीर्घकालिक योजना बनाई जानी चाहिए।
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