
Tamil Nadu तमिलनाडु: तिरुवल्लूर ज़िले में एक प्राइवेट मछली एक्सपोर्ट फैक्टरी में अमोनिया गैस रिसाव की घटना ने गंभीर रूप ले लिया है। इस हादसे में मरने वालों की संख्या बढ़कर 5 हो गई है, जबकि दर्जनों कर्मचारी अभी भी विभिन्न अस्पतालों में इलाज करा रहे हैं। घटना के बाद इलाके में दहशत और चिंता का माहौल बना हुआ है।
यह हादसा रविवार को तिरुवल्लूर ज़िले के उथुक्कोट्टई तालुक में पेरियापालयम के पास कन्निकाइपो गाँव में स्थित एक प्राइवेट फिश मील एक्सपोर्ट फैक्टरी के प्रोडक्शन यूनिट में हुआ। अचानक अमोनिया गैस लीक होने से फैक्टरी में काम कर रहे कर्मचारियों के बीच अफरा-तफरी मच गई और लोग सांस लेने में परेशानी महसूस करने लगे।
इस घटना में कुल 64 कर्मचारी प्रभावित हुए, जिनमें 60 महिलाएं और 4 पुरुष शामिल हैं। सभी को तुरंत नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया। शुरुआती जानकारी के अनुसार, उसी दिन दो महिलाओं की मौत हो गई थी, जिससे हादसे की गंभीरता सामने आई।
इसके बाद इलाज के दौरान स्थिति और बिगड़ गई। कई मरीजों को चेन्नई और आसपास के अस्पतालों में रेफर किया गया, जहां गहन चिकित्सा इकाइयों में उनका इलाज चल रहा है। वर्तमान स्थिति के अनुसार, 15 लोग सरकारी अस्पताल के ICU में भर्ती हैं, जबकि 23 लोग प्राइवेट अस्पतालों के ICU में हैं। इसके अलावा 24 अन्य घायलों का इलाज प्राइवेट अस्पतालों में सामान्य वार्ड में चल रहा है।
अमोनिया गैस एक्सपोजर के प्रभाव से यह पूरा हादसा गंभीर हो गया, जिससे कई लोगों की हालत नाजुक बताई जा रही है। डॉक्टरों की टीम लगातार मरीजों की निगरानी कर रही है और जरूरी इलाज दिया जा रहा है।
इसी बीच, राहत कार्यों के दौरान यह भी सामने आया कि एक प्राइवेट हॉल में लगभग 140 लोगों को अस्थायी रूप से ठहराया गया था। इनमें से दो लोग अमोनिया गैस के प्रभाव के कारण बीमार पड़ गए, जिन्हें तुरंत नजदीकी प्राइवेट अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
प्रशासन और आपदा प्रबंधन टीमों ने मौके पर पहुंचकर स्थिति को नियंत्रण में लिया और फैक्टरी परिसर को सुरक्षित किया। गैस रिसाव के कारणों की जांच शुरू कर दी गई है और तकनीकी विशेषज्ञों की टीम को भी जांच में शामिल किया गया है।
पुलिस ने इस मामले में शुरुआती जांच के आधार पर कार्रवाई शुरू कर दी है और फैक्टरी प्रबंधन से जुड़े लोगों की भूमिका की जांच की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि सुरक्षा मानकों और गैस हैंडलिंग सिस्टम की विस्तृत जांच की जाएगी।
स्थानीय लोगों ने इस घटना पर चिंता जताते हुए फैक्टरी की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि अगर समय रहते सुरक्षा उपायों का पालन किया गया होता तो इतना बड़ा हादसा टाला जा सकता था।
फिलहाल प्रशासन घायलों के इलाज और स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है। साथ ही, भविष्य में ऐसे हादसों को रोकने के लिए सख्त कदम उठाने की बात कही जा रही है।





