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Tiruvallur अमोनिया गैस लीक हादसा: मौतों की संख्या बढ़कर 18, जांच तेज

Kavita2
3 July 2026 9:15 AM IST
Tiruvallur अमोनिया गैस लीक हादसा: मौतों की संख्या बढ़कर 18, जांच तेज
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Tamil Nadu तमिलनाडु: तिरुवल्लूर जिले के उथुकोट्टई के पास एक प्राइवेट समुद्री मछली एक्सपोर्ट फैक्ट्री में हुए अमोनिया गैस लीक हादसे में मृतकों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। ताजा जानकारी के अनुसार इस घटना में दो और लोगों की मौत होने से कुल मृतकों की संख्या 18 हो गई है। इस हादसे ने पूरे इलाके में गंभीर चिंता और प्रशासनिक हलचल पैदा कर दी है।

यह घटना 21 जून को तिरुवल्लूर जिले के उथुकोट्टई के पास स्थित कन्निकाइपेरे गांव में हुई थी। यहां एक निजी कंपनी समुद्री खाद्य (सीफूड) को प्रोसेस और एक्सपोर्ट करने का काम करती है। इसी फैक्ट्री में अमोनिया गैस का रिसाव हुआ, जिससे वहां काम कर रहे मजदूरों की हालत बिगड़ गई।

गैस लीक के समय फैक्ट्री में काम कर रहे लगभग 80 मजदूर प्रभावित हुए थे। इनमें से कई मजदूर उत्तरी राज्यों से आए हुए थे। गैस के संपर्क में आने के बाद मजदूरों को सांस लेने में गंभीर परेशानी होने लगी और कई लोग मौके पर ही बेहोश हो गए। घटना के बाद मजदूरों को तुरंत अस्पताल में भर्ती कराया गया, लेकिन स्थिति लगातार बिगड़ती चली गई।

28 जून तक इस हादसे में 16 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी थी। इसके बाद इलाज के दौरान एक और मौत दर्ज की गई। चेन्नई के स्टेनली अस्पताल में इलाज के दौरान ओडिशा की 25 वर्षीय अंजना जुआंग ने बुधवार सुबह (1 जुलाई) दम तोड़ दिया। उनकी हालत कई दिनों से गंभीर बनी हुई थी।

इसके अलावा, इसी अस्पताल में भर्ती ओडिशा के 29 वर्षीय महाराणा जुआंग की भी मौत हो गई। दोनों की मौत के बाद इस हादसे में मरने वालों की संख्या बढ़कर 18 हो गई है। लगातार हो रही मौतों से पीड़ित परिवारों में गहरा दुख है और अस्पतालों में इलाजरत अन्य मरीजों की हालत पर भी नजर रखी जा रही है।

घटना के बाद स्थानीय प्रशासन और आपदा प्रबंधन विभाग की टीम मौके पर पहुंची थी। फैक्ट्री क्षेत्र को सील कर दिया गया और गैस रिसाव के कारणों की जांच शुरू की गई। प्रारंभिक जांच में यह सामने आया है कि फैक्ट्री में सुरक्षा मानकों की अनदेखी की गई हो सकती है, हालांकि आधिकारिक पुष्टि जांच रिपोर्ट आने के बाद ही होगी।

इस हादसे ने औद्योगिक सुरक्षा व्यवस्था पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि रासायनिक गैसों के इस्तेमाल वाली फैक्ट्रियों में सुरक्षा उपायों का सख्ती से पालन जरूरी है, ताकि इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके।

गैस लीक के बाद कई मजदूरों को तुरंत नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया था। गंभीर हालत वाले मरीजों को चेन्नई के स्टेनली अस्पताल रेफर किया गया। डॉक्टरों के अनुसार कई मरीजों की हालत अब भी नाजुक बनी हुई है और उनका इलाज जारी है।

राज्य सरकार ने इस घटना को गंभीरता से लेते हुए विस्तृत जांच के आदेश दिए हैं। संबंधित विभागों को निर्देश दिया गया है कि फैक्ट्री की सुरक्षा व्यवस्था, गैस स्टोरेज सिस्टम और संचालन प्रक्रिया की पूरी जांच की जाए। साथ ही यह भी देखा जा रहा है कि क्या नियमों का उल्लंघन हुआ था।

स्थानीय लोगों का कहना है कि फैक्ट्री में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर पहले भी सवाल उठते रहे हैं, लेकिन उन पर गंभीरता से ध्यान नहीं दिया गया। अब इस बड़े हादसे के बाद पूरे क्षेत्र में औद्योगिक इकाइयों की सुरक्षा जांच की मांग उठ रही है।

इस घटना ने एक बार फिर यह स्पष्ट कर दिया है कि औद्योगिक क्षेत्रों में सुरक्षा मानकों की अनदेखी कितनी भारी पड़ सकती है। 18 लोगों की मौत के बाद प्रशासन पर अब यह दबाव है कि वह इस मामले में कड़ी कार्रवाई करे और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति को रोके।

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