
Tamil Nadu तमिलनाडु: तिरुवल्लूर जिले के उथुक्कोट्टई के पास कन्नईकप्पार गांव में एक सीफूड प्रोसेसिंग और एक्सपोर्ट फैक्ट्री में हुए अमोनिया गैस लीक हादसे में मरने वालों की संख्या बढ़कर 9 हो गई है। यह हादसा रविवार को उस समय हुआ जब समुद्री मछलियों, खासकर झींगे, की प्रोसेसिंग का काम चल रहा था। गैस लीक के बाद फैक्ट्री परिसर में अचानक आग लग गई, जिससे वहां काम कर रहे मजदूरों में अफरा-तफरी मच गई।
इस हादसे में उत्तर भारत के विभिन्न राज्यों से आए 65 से ज्यादा मजदूर प्रभावित हुए। कई मजदूरों को सांस लेने में दिक्कत, दम घुटने और शरीर में चोटों की शिकायत के बाद तुरंत अस्पताल पहुंचाया गया। शुरुआती इलाज के लिए सभी को तिरुवल्लूर के मंजांगरानाई प्राइवेट मेडिकल कॉलेज अस्पताल में भर्ती कराया गया।
अस्पताल में भर्ती मजदूरों में से दो महिलाओं की मौत शुरुआती इलाज के दौरान ही हो गई थी। इसके बाद गंभीर रूप से घायल 17 मजदूरों को बेहतर इलाज के लिए चेन्नई के दो बड़े अस्पतालों में रेफर किया गया। इनमें स्टेनली गवर्नमेंट हॉस्पिटल और राजीव गांधी गवर्नमेंट हॉस्पिटल शामिल हैं।
चेन्नई के स्टेनली हॉस्पिटल में भर्ती असम की 24 वर्षीय गीता आस्था और ओडिशा की 22 वर्षीय सबिनी का इलाज चल रहा था, लेकिन उनकी हालत लगातार बिगड़ती गई और सोमवार को दोनों की मौत हो गई। इसी तरह, मंजांगरानाई प्राइवेट मेडिकल कॉलेज अस्पताल में भर्ती ओडिशा की तीन मजदूरों पूर्णिमा, दिलोमी और 19 वर्षीय पार्थी जिंगा ने भी इलाज के दौरान दम तोड़ दिया।
इन मौतों के बाद शुरुआती चरण में मरने वालों की संख्या 8 पहुंच गई थी। लेकिन बाद में एक और गंभीर घायल मजदूर की मौत हो गई, जिससे कुल मृतकों की संख्या बढ़कर 9 हो गई।
राजीव गांधी हॉस्पिटल में भर्ती असम की 26 वर्षीय अंजिला सुरिन का भी इलाज चल रहा था। हालत गंभीर होने के कारण उन्हें लगातार निगरानी में रखा गया था, लेकिन आज उनकी मौत हो गई। इसके साथ ही हादसे में मरने वालों की कुल संख्या 9 तक पहुंच गई।
हादसे के बाद फैक्ट्री क्षेत्र में भारी सुरक्षा व्यवस्था कर दी गई है और प्रशासन ने जांच शुरू कर दी है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार अमोनिया गैस लीक होने के बाद आग लगने से स्थिति और गंभीर हो गई, जिससे मजदूरों को बचने का समय नहीं मिल पाया।
अस्पतालों में अभी भी कई मजदूरों का इलाज चल रहा है। कुछ की हालत गंभीर बताई जा रही है, जबकि कई को प्राथमिक उपचार के बाद निगरानी में रखा गया है। डॉक्टरों की टीम लगातार घायलों की स्थिति पर नजर बनाए हुए है।
स्थानीय प्रशासन और आपदा प्रबंधन टीम ने मौके का निरीक्षण किया है और गैस लीक के कारणों की जांच की जा रही है। फैक्ट्री में सुरक्षा मानकों और गैस सिस्टम की जांच को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं।
यह घटना क्षेत्र में काम कर रहे औद्योगिक इकाइयों की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करती है। मजदूरों के परिवारों में इस हादसे के बाद शोक का माहौल है और कई लोग अपने परिजनों की हालत को लेकर चिंतित हैं।





