
Tamil Nadu तमिलनाडु: तिरुचेंदूर स्थित अरुलमिगु सुब्रमण्य स्वामी मंदिर में दर्शन और विशेष सेवाओं की फीस बढ़ोतरी को लेकर सोशल मीडिया पर फैली खबरों के बीच विवाद खड़ा हो गया है। हिंदू धार्मिक और बंदोबस्ती मंत्री रमेश ने इस मामले पर स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा है कि मंदिर में शुल्क बढ़ोतरी को लेकर अंतिम निर्णय अभी पूरी तरह स्पष्ट नहीं है।
जानकारी के अनुसार, मंदिर प्रशासन की ओर से एक बयान जारी किया गया था, जिसमें कहा गया था कि बढ़ती लागत और घटती आय को देखते हुए कुछ सेवाओं और विशेष दर्शन की फीस में संशोधन किया जा रहा है। इस प्रस्तावित बदलाव में कई श्रेणियों की फीस में बड़ी बढ़ोतरी का उल्लेख किया गया था।
बयान के अनुसार, थंकरथा उला फीस को 2,500 रुपये से बढ़ाकर 5,000 रुपये करने का प्रस्ताव था, साथ ही जमा राशि को 50,000 रुपये से बढ़ाकर 1 लाख रुपये करने की बात कही गई थी। इसी तरह षणमुगार्चनाई सेवा की फीस 5,000 रुपये से बढ़ाकर 30,000 रुपये प्रस्तावित की गई थी। इसके अलावा मूलवर अभिषेक सेवा के लिए 2 लोगों की फीस 1,500 रुपये से बढ़ाकर 10,000 रुपये किए जाने का प्रस्ताव भी सामने आया था।
प्रशासन की ओर से यह भी कहा गया था कि आम श्रद्धालु इस प्रस्तावित बढ़ोतरी पर अपनी आपत्तियां 7 जुलाई शाम 5:45 बजे तक लिखित रूप में दर्ज करा सकते हैं।
इस घोषणा के बाद सोशल मीडिया पर मंदिर में फीस बढ़ोतरी को लेकर तीखी प्रतिक्रिया देखने को मिली। कई श्रद्धालुओं और संगठनों ने इसे लेकर आपत्ति जताई। भारतीय जनता पार्टी के तमिलनाडु प्रदेश अध्यक्ष नैनार नागेंद्रन समेत कई नेताओं ने भी इस प्रस्तावित बढ़ोतरी का विरोध किया।
विवाद बढ़ने के बाद मंत्री रमेश ने बयान देकर स्पष्ट किया कि इस मुद्दे पर अभी पूरी प्रक्रिया जारी है और अंतिम निर्णय नियमों और जनभावनाओं को ध्यान में रखकर लिया जाएगा।
स्थानीय प्रशासन के अनुसार, यह प्रस्ताव मंदिर की वित्तीय व्यवस्था को संतुलित करने के उद्देश्य से तैयार किया गया था, लेकिन इसे लागू करने से पहले सभी आपत्तियों और सुझावों पर विचार किया जाएगा।
फिलहाल मामला चर्चा में है और श्रद्धालुओं के बीच इस प्रस्ताव को लेकर मिश्रित प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं। सरकार ने संकेत दिए हैं कि किसी भी अंतिम निर्णय से पहले व्यापक समीक्षा की जाएगी।





