तमिलनाडू

TDP में गए तीन MLA ने स्पीकर को दी सफाई

Kavita2
10 July 2026 9:20 AM IST
TDP में गए तीन MLA ने स्पीकर को दी सफाई
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Tamil Nadu तमिलनाडु: राजनीति में दल-बदल को लेकर जारी विवाद के बीच अखिल भारतीय अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (AIADMK) छोड़कर तमिलगा वेत्रि कझगम (TVK) में शामिल हुए विधायकों के मामले ने नया मोड़ ले लिया है। पार्टी छोड़ने वाले चार विधायकों में से तीन ने गुरुवार को विधानसभा अध्यक्ष जे.सी.टी. प्रभाकर से मुलाकात कर अपने पक्ष में लिखित स्पष्टीकरण सौंपा। वहीं चौथे विधायक इसाक्की सुब्बैया स्पीकर के समक्ष उपस्थित नहीं हुए।

गौरतलब है कि तारापुरम, मधुरंतकम, पेरुंदुरई और अंबासमुद्रम विधानसभा क्षेत्रों से निर्वाचित चारों विधायक पहले AIADMK के टिकट पर चुनाव जीतकर विधानसभा पहुंचे थे। बाद में उन्होंने पार्टी से इस्तीफा दे दिया और इसके बाद TVK में शामिल हो गए। इन घटनाक्रमों के बाद राज्य की राजनीति में दल-बदल और दलबदल विरोधी कानून को लेकर बहस तेज हो गई।

चारों विधायकों ने अपने इस्तीफे की सूचना विधानसभा अध्यक्ष को लिखित रूप से दी थी। इसके बाद विधानसभा अध्यक्ष ने उनके इस्तीफे स्वीकार किए जाने की घोषणा की थी। हालांकि इस फैसले पर AIADMK ने गंभीर आपत्ति जताई और इसे कानूनी चुनौती देने का निर्णय लिया।

AIADMK ने आरोप लगाया कि संबंधित विधायकों ने पार्टी के व्हिप का उल्लंघन किया है और उनकी गतिविधियां संविधान की दसवीं अनुसूची (दलबदल विरोधी कानून) के प्रावधानों के दायरे में आती हैं। इसी आधार पर पार्टी ने विधानसभा अध्यक्ष से उनके खिलाफ कार्रवाई करने की मांग करते हुए औपचारिक शिकायत दर्ज कराई।

इसके साथ ही AIADMK ने चेन्नई हाई कोर्ट का भी दरवाजा खटखटाया और इस्तीफों को लेकर विधानसभा अध्यक्ष की कार्रवाई को चुनौती दी। पार्टी का कहना है कि इस्तीफा देकर दूसरी पार्टी में शामिल होने का मामला केवल इस्तीफे तक सीमित नहीं है, बल्कि यह दलबदल विरोधी कानून से भी जुड़ा हुआ है। इसलिए इस पर विधिसम्मत कार्रवाई की जानी चाहिए।

AIADMK की शिकायत पर संज्ञान लेते हुए विधानसभा अध्यक्ष ने पहले ही संबंधित विधायकों के खिलाफ प्रारंभिक कार्रवाई शुरू करने की घोषणा की थी। अध्यक्ष कार्यालय की ओर से चारों विधायकों को नोटिस जारी कर उनका पक्ष जानने के लिए जवाब भी मांगा गया था।

इसी प्रक्रिया के तहत गुरुवार को तारापुरम की विधायक सत्यभामा, मधुरंतकम के विधायक मरागाथम कुमारवेल और पेरुंदुरई के विधायक जयकुमार विधानसभा अध्यक्ष जे.सी.टी. प्रभाकर से मिले। तीनों विधायकों ने अपने-अपने पक्ष में लिखित स्पष्टीकरण प्रस्तुत किया और मामले में अपना जवाब दर्ज कराया।

सूत्रों के अनुसार, स्पीकर ने विधायकों द्वारा प्रस्तुत दस्तावेजों और स्पष्टीकरण को रिकॉर्ड में शामिल कर लिया है। अब इन जवाबों का परीक्षण किया जाएगा और उसके बाद आगे की प्रक्रिया तय की जाएगी।

वहीं अंबासमुद्रम के विधायक इसाक्की सुब्बैया गुरुवार को विधानसभा अध्यक्ष से मिलने नहीं पहुंचे। उनके अनुपस्थित रहने के कारण उनके मामले में आगे की कार्रवाई को लेकर भी राजनीतिक हलकों में चर्चाएं तेज हैं। यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि उन्होंने अनुपस्थित रहने का कोई कारण बताया है या नहीं।

राजनीतिक जानकारों का मानना है कि यह मामला केवल चार विधायकों के इस्तीफे तक सीमित नहीं है, बल्कि यह तमिलनाडु की राजनीति में दलबदल विरोधी कानून की व्याख्या और उसके प्रभावी क्रियान्वयन से भी जुड़ा हुआ है। यदि विधानसभा अध्यक्ष इस मामले में कोई महत्वपूर्ण निर्णय लेते हैं, तो उसका असर भविष्य में ऐसे मामलों की सुनवाई पर भी पड़ सकता है।

AIADMK लगातार यह दावा कर रही है कि पार्टी छोड़कर दूसरी राजनीतिक पार्टी में शामिल होने वाले विधायकों के खिलाफ संविधान के प्रावधानों के तहत कार्रवाई होनी चाहिए। वहीं संबंधित विधायक अपने इस्तीफे और राजनीतिक निर्णय को वैध बताते हुए अपना पक्ष रख रहे हैं।

अब सभी की निगाहें विधानसभा अध्यक्ष की अगली कार्रवाई पर टिकी हैं। अध्यक्ष को विधायकों द्वारा दिए गए स्पष्टीकरण, AIADMK की शिकायत और न्यायालय में लंबित मामले सहित सभी पहलुओं पर विचार करना होगा। इसके बाद ही यह स्पष्ट होगा कि दलबदल विरोधी कानून के तहत आगे क्या कदम उठाए जाएंगे।

फिलहाल, तीन विधायकों द्वारा स्पीकर के समक्ष पेश होकर लिखित सफाई देने से यह मामला एक नए चरण में पहुंच गया है, जबकि चौथे विधायक की अनुपस्थिति ने राजनीतिक और कानूनी दोनों स्तरों पर नई चर्चाओं को जन्म दे दिया है। आने वाले दिनों में विधानसभा अध्यक्ष और न्यायालय की कार्यवाही इस पूरे घटनाक्रम की दिशा तय करेगी।

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