
Tamil Nadu तमिलनाडु: तमिलनाडु के तिरुवन्नामलाई में अरुणाचलेश्वर मंदिर में चिथिरई पौर्णमी गिरिवलम के बाद भारी मात्रा में कचरा जमा हो गया। लगभग 20 लाख श्रद्धालुओं के शामिल होने के बाद पूरे गिरिवलम मार्ग और शहर में करीब 300 टन कचरा फैल गया, जिसे बाद में नगर निगम की टीम ने बड़े स्तर पर साफ किया।
यह धार्मिक आयोजन 30 अप्रैल और 1 मई को आयोजित किया गया था, जिसमें राज्य के विभिन्न हिस्सों, अन्य जिलों और दूसरे राज्यों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे थे। श्रद्धालुओं ने 14 किलोमीटर लंबे गिरिवलम मार्ग पर परिक्रमा की और इस दौरान बड़ी मात्रा में सामग्री अपने साथ लाई, जिसमें पानी की बोतलें, भोजन के पैकेट, प्लास्टिक थैलियां और अन्य वस्तुएं शामिल थीं।
गिरिवलम के दौरान और उसके बाद श्रद्धालुओं द्वारा उपयोग की गई वस्तुएं जैसे प्लास्टिक बोतलें, चाय के कप, खाने के पैकेट और कागज आदि मार्ग पर ही फेंक दिए गए, जिससे पूरे मार्ग पर कचरे का ढेर लग गया। इसके अलावा, अन्नदानम स्थलों पर भोजन वितरण के बाद बचे हुए पत्तल और अन्य सामग्री भी बड़ी मात्रा में जमा हो गई।
स्थिति को नियंत्रित करने के लिए तिरुवन्नामलाई नगर निगम ने विभिन्न नगर पालिकाओं से 2,105 सफाई कर्मचारियों को तैनात किया। इन कर्मचारियों ने युद्धस्तर पर सफाई अभियान चलाकर पूरे क्षेत्र से कचरा हटाया। सफाई कार्य के दौरान 126 वाहनों का भी उपयोग किया गया, जिनकी मदद से कचरे को एकत्र कर निस्तारण स्थल तक पहुंचाया गया।
सफाई कर्मियों ने न केवल गिरिवलम मार्ग बल्कि मंदिर परिसर, आसपास की सड़कों और पूजा स्थलों को भी साफ किया। श्रद्धालुओं द्वारा जलाए गए दीपकों और पूजा सामग्री के अवशेषों को भी हटाया गया ताकि क्षेत्र स्वच्छ रह सके।
नगर निगम अधिकारियों के अनुसार, यह पूरा अभियान अत्यंत तेजी और व्यवस्थित तरीके से पूरा किया गया। सफाई कर्मियों ने लगातार कई घंटों तक काम कर पूरे क्षेत्र को दोबारा सामान्य स्थिति में लाने का प्रयास किया।
इस घटना ने एक बार फिर बड़े धार्मिक आयोजनों के बाद स्वच्छता प्रबंधन की चुनौती को उजागर किया है। प्रशासन ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे धार्मिक स्थलों की पवित्रता और स्वच्छता बनाए रखने में सहयोग करें और कचरे को निर्धारित स्थानों पर ही फेंकें।
फिलहाल तिरुवन्नामलाई शहर और गिरिवलम मार्ग को पूरी तरह साफ कर दिया गया है और स्थिति सामान्य हो गई है।





