
Tamil Nadu तमिलनाडु: लोकसभा सदस्य और लिबरेशन टाइगर्स ऑफ तमिलनाडु पार्टी के नेता थिरुमावलवन ने सोमवार को कहा कि हाल के चुनावों में कांग्रेस पार्टी की कार्यशैली को लेकर INDIA गठबंधन के कई घटक दलों में नाराज़गी देखने को मिली है। उन्होंने यह टिप्पणी उस समय की जब देश की राजधानी में INDIA गठबंधन की एक सलाहकार बैठक आयोजित की गई थी, जिसमें विभिन्न सहयोगी दलों के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया।
बैठक में बोलते हुए थिरुमावलवन ने कहा कि गठबंधन के भीतर समन्वय और रणनीति को लेकर कुछ मुद्दे सामने आए हैं, जिन्हें समय रहते सुलझाना जरूरी है। हालांकि उन्होंने इस पर विस्तार से किसी विशेष विवाद का उल्लेख नहीं किया, लेकिन संकेत दिया कि चुनावी रणनीति और नेतृत्व के तरीके को लेकर अलग-अलग दलों में असंतोष है।
इसी दौरान उन्होंने केंद्र सरकार पर भी गंभीर आरोप लगाए और शिक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े किए। थिरुमावलवन ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी (BJP) सरकार की शिक्षा क्षेत्र में कथित गलत प्रबंधन के कारण देश के छात्रों का भविष्य प्रभावित हुआ है। उन्होंने आरोप लगाया कि लगातार प्रश्नपत्र लीक की घटनाओं ने कई बड़ी परीक्षाओं को या तो रद्द कर दिया या फिर दोबारा आयोजित करने की स्थिति पैदा कर दी।
उनके अनुसार, इस तरह की घटनाओं ने देशभर में परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता पर सवाल खड़े किए हैं और इससे लाखों छात्र प्रभावित हुए हैं। उन्होंने कहा कि बार-बार होने वाली अनियमितताओं के बावजूद सरकार की ओर से कोई ठोस जिम्मेदारी तय नहीं की गई है, जिससे छात्रों और अभिभावकों में असंतोष बढ़ रहा है।
थिरुमावलवन ने यह भी आरोप लगाया कि इस पूरी स्थिति के लिए जिम्मेदार केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान हैं, लेकिन वे इस मुद्दे पर सार्वजनिक रूप से चुप्पी साधे हुए हैं। उन्होंने कहा कि शिक्षा जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्र में जवाबदेही तय न होना गंभीर चिंता का विषय है।
उन्होंने आगे कहा कि परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता और सुधार की आवश्यकता है ताकि छात्रों का भविष्य सुरक्षित रह सके। उनके अनुसार, लगातार पेपर लीक और परीक्षा गड़बड़ियों से न केवल छात्रों की मेहनत प्रभावित हो रही है, बल्कि देश की शैक्षणिक प्रणाली की छवि भी खराब हो रही है।
INDIA गठबंधन की बैठक को लेकर उन्होंने यह भी संकेत दिया कि विपक्षी दलों के बीच बेहतर तालमेल की आवश्यकता है, ताकि आने वाले समय में मजबूत राजनीतिक रणनीति बनाई जा सके। उन्होंने कहा कि यदि आपसी मतभेदों को समय रहते दूर नहीं किया गया तो इसका असर चुनावी प्रदर्शन पर पड़ सकता है।
बैठक में मौजूद अन्य नेताओं ने भी विभिन्न राजनीतिक और संगठनात्मक मुद्दों पर चर्चा की, हालांकि मुख्य फोकस आगामी चुनावों और गठबंधन की रणनीति पर रहा। थिरुमावलवन के बयान के बाद राजनीतिक हलकों में इस बात की चर्चा तेज हो गई है कि क्या INDIA गठबंधन के भीतर मतभेद गहराते जा रहे हैं।
कुल मिलाकर, यह बैठक जहां एक ओर विपक्षी एकता को मजबूत करने का प्रयास थी, वहीं दूसरी ओर इसमें सामने आए मतभेद और उठाए गए सवालों ने गठबंधन की आंतरिक चुनौतियों को भी उजागर किया है।





