
Chennai चेन्नई, 2 मई: सांस्कृतिक विरासत को वापस लाने की कोशिशों को एक बड़ी कामयाबी मिली है। अमेरिका के अधिकारियों ने भारत से चुराई गई 657 पुरानी चीज़ें (पुरावशेष) भारत को लौटा दी हैं, जिनकी कीमत लगभग 14 मिलियन डॉलर है। इन चीज़ों की बरामदगी की घोषणा मैनहैटन के डिस्ट्रिक्ट अटॉर्नी एल्विन एल. ब्रैग ने की। यह घोषणा अंतरराष्ट्रीय तस्करी के नेटवर्क की लंबी जांच के बाद की गई।
इन कलाकृतियों का पता तस्करी के उन ऑपरेशनों से चला, जिनका संबंध कुख्यात तस्करों सुभाष कपूर और नैन्सी वीनर से था। ये चीज़ें न्यूयॉर्क में भारतीय अधिकारियों की मौजूदगी में औपचारिक रूप से भारत को सौंपी गईं। यह चोरी हुई विरासत को वापस लाने की चल रही कोशिशों की दिशा में एक और अहम कदम है।
बरामद की गई चीज़ों में कई दुर्लभ और कीमती कलाकृतियां शामिल हैं। इनमें कांस्य से बनी अवलोकितेश्वर की मूर्ति, बलुआ पत्थर से बनी बुद्ध की प्रतिमा और नाचते हुए गणेश की मूर्ति प्रमुख हैं। इनमें से कई चीज़ें दशकों पहले गैर-कानूनी तरीके से देश से बाहर भेज दी गई थीं।
होमलैंड सिक्योरिटी समेत अमेरिका की विभिन्न एजेंसियों द्वारा की गई जांच के चलते अब तक हज़ारों सांस्कृतिक चीज़ें बरामद की जा चुकी हैं। इस मामले में कई तस्करों को दोषी ठहराया जा चुका है, जबकि कुछ अन्य मामलों में जांच अभी भी जारी है।





