तमिलनाडू

Tamil Nadu कांग्रेस ने मेकेदातु बांध परियोजना का विरोध दोहराया

Kavita2
13 Jun 2026 9:32 AM IST
Tamil Nadu कांग्रेस ने मेकेदातु बांध परियोजना का विरोध दोहराया
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Tamil Nadu तमिलनाडु: राज्यसभा सदस्य प्रवीण चक्रवर्ती ने कहा है कि तमिलनाडु कांग्रेस पार्टी कावेरी नदी पर कर्नाटक द्वारा मेकेदातु में बांध बनाने की किसी भी कोशिश का कड़ा विरोध करती रहेगी। उन्होंने यह भी कहा कि यह मुद्दा तमिलनाडु के किसानों और जल अधिकारों से सीधे जुड़ा हुआ है, इसलिए राज्य के हितों की रक्षा करना उनकी प्राथमिकता है।

शुक्रवार को चेन्नई में प्रवीण चक्रवर्ती ने अन्ना सलाई स्थित मद्रास जिमखाना क्लब के पास भारत रत्न कामराज की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें श्रद्धांजलि दी। इसके बाद उन्होंने मीडिया से बातचीत करते हुए कई राजनीतिक और क्षेत्रीय मुद्दों पर अपनी बात रखी।

उन्होंने कहा कि वे पहली बार तमिलनाडु कांग्रेस और डीएमके गठबंधन की ओर से राज्यसभा के लिए चुने गए हैं और वे राज्य के मुद्दों को संसद में मजबूती से उठाएंगे। उन्होंने केंद्र सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में 'एक देश, एक चुनाव' और परिसीमन (डीलिमिटेशन) जैसे विधेयकों को आगे बढ़ाने की कोशिश की जा रही है।

प्रवीण चक्रवर्ती ने दावा किया कि इन प्रस्तावों के जरिए कुछ राज्यों में राजनीतिक संतुलन को प्रभावित करने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने विशेष रूप से पश्चिम बंगाल और पंजाब का उल्लेख करते हुए कहा कि वहां की राजनीतिक परिस्थितियों को प्रभावित करने के प्रयास किए जा रहे हैं, जिससे संसद में एक विशेष तरह का बहुमत तैयार करने की कोशिश हो सकती है। उन्होंने कहा कि ऐसी किसी भी कोशिश का लोकतांत्रिक तरीके से विरोध किया जाना चाहिए।

उन्होंने यह भी कहा कि तमिलनाडु कांग्रेस पार्टी राज्य के हितों की रक्षा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है और कावेरी जल विवाद में राज्य के किसानों के अधिकारों के पक्ष में लगातार आवाज उठाती रहेगी। मेकेदातु बांध परियोजना का उल्लेख करते हुए उन्होंने दोहराया कि यह परियोजना तमिलनाडु के जल अधिकारों को प्रभावित कर सकती है, इसलिए इसका विरोध आवश्यक है।

प्रवीण चक्रवर्ती ने कहा कि कावेरी जल विवाद लंबे समय से चल रहा है और इसमें किसी भी प्रकार का नया बांध या परियोजना राज्य के जल हिस्से को प्रभावित कर सकती है। उन्होंने केंद्र और संबंधित राज्यों से अपील की कि इस मुद्दे पर सभी पक्षों के हितों को ध्यान में रखते हुए संतुलित समाधान निकाला जाए।

उन्होंने यह भी कहा कि वे राज्यसभा में तमिलनाडु की जनता की आवाज को मजबूती से उठाएंगे और किसानों तथा राज्य के हितों से जुड़े मुद्दों पर लगातार सक्रिय रहेंगे।

इस बयान के बाद राज्य की राजनीति में कावेरी जल विवाद और केंद्र सरकार की नीतियों को लेकर चर्चा एक बार फिर तेज हो गई है।

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