तमिलनाडू

मद्रास HC ने तमिल को आधिकारिक भाषा बनाने की मांग करने वाले प्रदर्शनकारियों के खिलाफ आपराधिक कार्यवाही रद्द कर दी

Tulsi Rao
23 Oct 2026 4:32 PM IST
मद्रास HC ने तमिल को आधिकारिक भाषा बनाने की मांग करने वाले प्रदर्शनकारियों के खिलाफ आपराधिक कार्यवाही रद्द कर दी
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चेन्नई: मद्रास हाई कोर्ट ने फरवरी 2024 में थेनी में विरोध प्रदर्शन करने वाले लोगों के एक समूह के खिलाफ ट्रायल कोर्ट में चल रही आपराधिक कार्यवाही को रद्द कर दिया है। इन लोगों ने मांग की थी कि तमिल को हाई कोर्ट की आधिकारिक भाषा बनाया जाए। जस्टिस आर. विजयकुमार ने एस. विनोद राजा द्वारा दायर एक याचिका को स्वीकार करते हुए यह आदेश दिया। विनोद राजा ने अपने और अन्य लोगों के खिलाफ थेनी ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट कोर्ट में चल रही आपराधिक कार्यवाही को रद्द करने की मांग की थी।

अभियोजन पक्ष के अनुसार, 11 फरवरी 2024 को याचिकाकर्ता और अन्य लोग थेनी जिले में गैर-कानूनी तरीके से इकट्ठा हुए थे। उन्होंने एक फ्लेक्स बैनर लगाया था, जिसमें मांग की गई थी कि तमिल को हाई कोर्ट की आधिकारिक भाषा बनाया जाए। उन पर पुलिसकर्मियों को धमकाने, उनके काम में बाधा डालने और विरोध प्रदर्शन की अनुमति न मिलने पर वाहनों में आग लगाने की धमकी देने का भी आरोप था। इस शिकायत के आधार पर, थेनी पुलिस ने उनके खिलाफ मामला दर्ज किया था।

याचिकाकर्ता के वकील ने दलील दी कि यह विरोध प्रदर्शन लोकतांत्रिक था और याचिकाकर्ता तथा अन्य लोगों के खिलाफ झूठी शिकायत दर्ज कराई गई है। जज ने पाया कि चार्जशीट के अनुसार, याचिकाकर्ता और अन्य लोग हाई कोर्ट में तमिल को आधिकारिक भाषा न बनाए जाने के विरोध में इकट्ठा हुए थे। अन्य आरोपों के संबंध में, जज ने गौर किया कि गवाहों की सूची में शामिल सभी लोग पुलिसकर्मी थे।

इन परिस्थितियों को देखते हुए, जज ने कहा कि याचिकाकर्ता के खिलाफ आपराधिक कार्यवाही जारी रखना कानून की प्रक्रिया का दुरुपयोग होगा। यह देखते हुए कि अन्य आरोपियों की स्थिति भी ऐसी ही है, कोर्ट ने याचिकाकर्ता और सह-आरोपियों के खिलाफ चल रही आपराधिक कार्यवाही को रद्द कर दिया।

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